{"_id":"627d6ad969be663b7c763484","slug":"atikrman-badaun-news-bly4846422178","type":"story","status":"publish","title_hn":"191 अतिक्रमणकारियों के नाम आठ साल से सिर्फ सूची में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
191 अतिक्रमणकारियों के नाम आठ साल से सिर्फ सूची में
विज्ञापन
मार्केट में स्लैब ढहाती जेसीबी। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। मुख्य बाजार में स्थायी अतिक्रमण हटवाने के लिए आठ साल पहले पीडब्ल्यूडी ने जो कार्रवाई शुरू की, वह जमीनी हकीकत नहीं बन पाई। अवैध रूप से कब्जा करने वाले 191 लोगों के नाम सिर्फ सूची तक सीमित रहे।
यहां बता दें उस समय पीडब्ल्यूडी के अफसरों पर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने को दवाब बढ़ा तो पैमाइश कराकर 191 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर ली गई। लाल निशान भी लगे। आगे की कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने सूची एसडीएम के दफ्तर भेज दी। तभी से सूची फाइल में कैद है।
मुख्य बाजार में बदायूं रोड मोड़ से लेकर मंडी समिति तिराहा तक वर्ष-2014 में पीडब्ल्यूडी ने पैमाइश के लिए कदम यूं ही नहीं उठाया था। तब भारतीय किसान यूनियन ने मार्केट को स्थायी अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने पूरे बाजार की पैमाइश कराई। पैमाइश के दौरान ही कर्मचारी अतिक्रमण पर लाल निशान लगाते हुए आगे बढ़े थे। सबसे ज्यादा अतिक्रमण घंटाघर चौराहे से अशफाक तिराहे तक मिला था। कुछ प्रतिष्ठान तो आठ-नौ फुट अंदर तक अतिक्रमण की जद में आए थे।
विज्ञापन
यूनियन के आसिम उमर बताते हैं कि लाल निशान लगने के बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो यूनियन की ओर से पीडब्ल्यूडी से जवाब मांगा गया। जवाब में तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने बताया कि स्थायी अतिक्रमण हटाने को सूची कार्रवाई के लिए एसडीएम कार्यालय में सौंप दी गई है। लिस्ट में 191 अतिक्रमणकारियों के नाम थे। जवाब के साथ पूरी लिस्ट भी मुहैया कराई गई थी। हालांकि आठ साल में अस्थायी अतिक्रमण पर दो बार कार्रवाई हो चुकी है लेकिन स्थायी अतिक्रमण पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
-
पुरानी अनाज मंडी का भी आ चुका है जिक्र
साल-2015 में भारतीय समाजसेवा समिति के कोऑर्डिनेटर आसिम उमर ने पालिका प्रशासन से पुरानी अनाज मंडी में अतिक्रमण को लेकर जनसूचना अधिकार के जरिए जानकारी मांगी थी। जिस पर पालिका की ओर से उन्हें जवाब दिया गया कि भदवारगंज इलाका स्थित पुरानी अनाज मंडी में अतिक्रमण है। फड़ डालने के अलावा स्थायी अतिक्रमण भी कर लिया गया है। यह भी कहा गया था कि पुरानी अनाज मंडी में कोई निर्माण कार्य प्रस्तावित नहीं है।
-
दूसरे दिन फिर ढहाए स्लैब, व्यापारियों से नोकझोंक
अस्थायी अतिक्रमणकारियों पर पालिका प्रशासन की कार्रवाई बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुधवार को शुरू हुई नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। पालिका कर्मियों ने जेसीबी की मदद से कई दुकानों के आगे से स्लैब और टिनशेड ढहा दिए। कुछ स्थानों पर पालिका कर्मियों की व्यापारियों से तकरार भी हुई।
दूसरे दिन ईओ जेपी यादव और सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने कार्रवाई से पहले दुकानदारों को कुछ देर की मोहलत दी। इसके बाद जिस दुकान के बाहर सड़क की जद में जो स्लैब और टिनशेड नजर आया, उसे बुलडोजर ढहाता चला गया। हलवाई चौक और पुरानी अनाज मंडी मोड़ के पास पालिका कर्मियों और कुछ दुकानदारों के बीच नोकझोंक भी हुई।
सफाई निरीक्षक त्यागी ने बताया कि अभियान शुक्रवार को भी चलेगा। जिन दुकानदारों ने अब तक खुद ही अस्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया है, उनका सामान जब्त करके जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन
यहां बता दें उस समय पीडब्ल्यूडी के अफसरों पर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने को दवाब बढ़ा तो पैमाइश कराकर 191 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर ली गई। लाल निशान भी लगे। आगे की कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने सूची एसडीएम के दफ्तर भेज दी। तभी से सूची फाइल में कैद है।
विज्ञापन
मुख्य बाजार में बदायूं रोड मोड़ से लेकर मंडी समिति तिराहा तक वर्ष-2014 में पीडब्ल्यूडी ने पैमाइश के लिए कदम यूं ही नहीं उठाया था। तब भारतीय किसान यूनियन ने मार्केट को स्थायी अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने पूरे बाजार की पैमाइश कराई। पैमाइश के दौरान ही कर्मचारी अतिक्रमण पर लाल निशान लगाते हुए आगे बढ़े थे। सबसे ज्यादा अतिक्रमण घंटाघर चौराहे से अशफाक तिराहे तक मिला था। कुछ प्रतिष्ठान तो आठ-नौ फुट अंदर तक अतिक्रमण की जद में आए थे।
विज्ञापन
यूनियन के आसिम उमर बताते हैं कि लाल निशान लगने के बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो यूनियन की ओर से पीडब्ल्यूडी से जवाब मांगा गया। जवाब में तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने बताया कि स्थायी अतिक्रमण हटाने को सूची कार्रवाई के लिए एसडीएम कार्यालय में सौंप दी गई है। लिस्ट में 191 अतिक्रमणकारियों के नाम थे। जवाब के साथ पूरी लिस्ट भी मुहैया कराई गई थी। हालांकि आठ साल में अस्थायी अतिक्रमण पर दो बार कार्रवाई हो चुकी है लेकिन स्थायी अतिक्रमण पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
-
पुरानी अनाज मंडी का भी आ चुका है जिक्र
साल-2015 में भारतीय समाजसेवा समिति के कोऑर्डिनेटर आसिम उमर ने पालिका प्रशासन से पुरानी अनाज मंडी में अतिक्रमण को लेकर जनसूचना अधिकार के जरिए जानकारी मांगी थी। जिस पर पालिका की ओर से उन्हें जवाब दिया गया कि भदवारगंज इलाका स्थित पुरानी अनाज मंडी में अतिक्रमण है। फड़ डालने के अलावा स्थायी अतिक्रमण भी कर लिया गया है। यह भी कहा गया था कि पुरानी अनाज मंडी में कोई निर्माण कार्य प्रस्तावित नहीं है।
-
दूसरे दिन फिर ढहाए स्लैब, व्यापारियों से नोकझोंक
अस्थायी अतिक्रमणकारियों पर पालिका प्रशासन की कार्रवाई बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुधवार को शुरू हुई नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। पालिका कर्मियों ने जेसीबी की मदद से कई दुकानों के आगे से स्लैब और टिनशेड ढहा दिए। कुछ स्थानों पर पालिका कर्मियों की व्यापारियों से तकरार भी हुई।
दूसरे दिन ईओ जेपी यादव और सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने कार्रवाई से पहले दुकानदारों को कुछ देर की मोहलत दी। इसके बाद जिस दुकान के बाहर सड़क की जद में जो स्लैब और टिनशेड नजर आया, उसे बुलडोजर ढहाता चला गया। हलवाई चौक और पुरानी अनाज मंडी मोड़ के पास पालिका कर्मियों और कुछ दुकानदारों के बीच नोकझोंक भी हुई।
सफाई निरीक्षक त्यागी ने बताया कि अभियान शुक्रवार को भी चलेगा। जिन दुकानदारों ने अब तक खुद ही अस्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया है, उनका सामान जब्त करके जुर्माना वसूला जाएगा।