{"_id":"582b21e74f1c1b61368fee59","slug":"ary-samaj-and-ved-prachar","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्य समाज के वेद प्रचार शिविर का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्य समाज के वेद प्रचार शिविर का समापन
ब्यूरो/बदायूं
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के नाम पर पूरे यूपी में बांटी गईं डिग्रियां
- फोटो : getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से मेला ककोड़ा में वेद प्रचार सप्ताह शिविर लगा था। इसका विधिवत समापन मंगलवार को वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस अवसर पर आंवला लोकसभा क्षेत्र के सांसद धर्मेंद्र कश्यप एवं दातागंज पालिकाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने आर्य समाज के संस्कारों का उल्लेख किया।
प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य वेदव्रत आर्य ने मेला ककोड़ा में लगे वेद प्रचार शिविर की व्यवस्थाएं देखकर शिविर व्यवस्थापक पं.सियाराम आर्य की सराहना की। शिविर के समापन से पूर्व प्रतिदिन वेद यज्ञ आयोजन के साथ ही दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या अभिशाप, मद्य सेवन से दुष्प्रभाव आदि कुरीतियों के विरुद्ध प्रचार-प्रसार किया गया। इसके अलावा वीर-वीरांगनाओं की गाथा और वेदों की महत्ता व आर्य समाज की कार्य शैली को भी मेलार्थियों के बीच सार्वजनिक किया जाता रहा। आर्य प्रतिनिधि सभा के शिविर में भजनोपदेशकों एवं व्याख्यानदाताओं का योगदान रहा। वेद प्रचार शिविर में ज्ञानदेव आर्य, स्वामी वेदमुनि वानप्रस्थी, विश्वमुनि वानप्रस्थी, चंद्रभानु आर्य, हरदेव मुनि एवं पं.उदयराज आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य वेदव्रत आर्य ने मेला ककोड़ा में लगे वेद प्रचार शिविर की व्यवस्थाएं देखकर शिविर व्यवस्थापक पं.सियाराम आर्य की सराहना की। शिविर के समापन से पूर्व प्रतिदिन वेद यज्ञ आयोजन के साथ ही दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या अभिशाप, मद्य सेवन से दुष्प्रभाव आदि कुरीतियों के विरुद्ध प्रचार-प्रसार किया गया। इसके अलावा वीर-वीरांगनाओं की गाथा और वेदों की महत्ता व आर्य समाज की कार्य शैली को भी मेलार्थियों के बीच सार्वजनिक किया जाता रहा। आर्य प्रतिनिधि सभा के शिविर में भजनोपदेशकों एवं व्याख्यानदाताओं का योगदान रहा। वेद प्रचार शिविर में ज्ञानदेव आर्य, स्वामी वेदमुनि वानप्रस्थी, विश्वमुनि वानप्रस्थी, चंद्रभानु आर्य, हरदेव मुनि एवं पं.उदयराज आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन