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एआरटीओ कार्यालय पहुंचे एसडीएम तो भागे बाबू, फर्जीवाड़े की फाइल ही गायब
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आरटीओ कार्यालय में फर्जीबाड़े की जांच करते एसडीएम सदर एसपी वर्मा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। फर्जीवाड़ा मामले में जांच अधिकारी एसडीएम सदर एसपी वर्मा एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो कई बाबू और कर्मचारी कार्यालय से भाग गए। जब एसडीएम ने एफआईआर कराने की चेतावनी दी तब अन्य कर्मचारियों ने उन्हें कॉल करके बुलाया। एसडीएम के मांगने पर बताया गया कि फाइल कार्यालय से गायब है। एसडीएम ने फाइल तलब कराने को एआरटीओ के नाम से नोटिस देने को कहा है।
एसडीएम सदर एसपी वर्मा बुधवार दोपहर 12 बजे फर्जीवाड़े की जांच करने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उस दौरान एआरटीओ प्रशासन आरबी गुप्ता मौजूद नहीं थे। उस समय पीटीओ रमेश प्रजापति, आरआई विकास कुमार यादव समेत कई बाबू और कर्मचारी बैठे थे। एसडीएम, एआरटीओ प्रशासन के कक्ष की ओर बढ़े तो बाबुओं और कर्मचारियों को उनके आने की जानकारी हुई। इस पर बाबू मनोज कुमार गौतम समेत कई बाबू कार्यालय छोड़कर निकल गए। एसडीएम ने फर्जीवाड़े के संबंध में एक-एक करके सभी बाबुओं को बुलाना शुरू किया। तब उन्हें पता चला कि कई बाबू व कर्मचारी उनके आने के दौरान बैठे थे लेकिन अब सभी अपना कक्ष छोड़कर भाग गए हैं। इस पर एसडीएम सदर ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कार्यालय में खड़े होकर कहा कि बाबू कार्यालय नहीं आएंगे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्हें फर्जीवाड़े में लिप्त माना जाएगा। इससे दूसरे कर्मचारियों में खलबली मच गई। कुछ कर्मचारियों ने बाबुओं को कॉल करना शुरू किया। कुछ देर बाद एक-एक करके सभी बाबू लौट आए। इसके बाद एसडीएम ने मृतक को जीवित दिखाकर उसकी बाइक उसके भाई के नाम ट्रांसफर करने वाली फाइल मांगी लेकिन बाबुओं ने संबंधित फाइल नहीं दी। उन्होंने बताया कि फाइल अभी मिल नहीं रही है। फाइल न मिलने पर एसडीएम ने कई बाबुओं और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने फाइल उपलब्ध न कराने पर एक नोटिस देने को कहा है।
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एआरटीओ प्रशासन भी निकले छुट्टी पर
एआरटीओ कार्यालय में हुए फर्जीवाड़े के मामले में अभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पहले एआरटीओ प्रशासन आरबी गुप्ता छुट्टी लेकर चले गए हैं। कुछ लोग बता रहे हैं कि वह एक शादी में गए हैं।
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बाबू मनोज कुमार का पक्ष लेते दिखे पीटीओ
पीटीओ (पैसेंजर टैक्स ऑफिसर) रमेश प्रजापति बुधवार को फर्जीवाड़े में फंसे बाबू मनोज कुमार गौतम का पक्ष लेते दिखे। एसडीएम सदर के पूछने पर उन्होंने बताया कि यह सब ऑनलाइन प्रक्रिया है। बाइक ट्रांसफर कराने वाले ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के आधार पर बाबू ने बाइक ट्रांसफर कर दी। एसडीएम ने सवाल किया कि जब सब काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो बाहर दलालों की भीड़ क्या कर रही है? कार्यालय में यह भीड़ क्यों आ रही है, फाइल गायब कैसे हो गई? पीटीओ के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं था।
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आज एआरटीओ कार्यालय जांच करने पहुंचा था। कई बाबू कार्यालय से निकलकर भाग गए। जब कार्रवाई कराने की चेतावनी दी तब वे वापस आए। जिस मृतक को जीवित दिखाकर बाइक ट्रांसफर की गई है वह फाइल कार्यालय से गायब है। हम इस संबंध में एआरटीओ को नोटिस दे रहे हैं। जिस युवक ने बाइक ट्रांसफर कराई है। उसे भी नोटिस देकर बुलाकर बयान लिए जाएंगे तभी हकीकत सामने आएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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एसडीएम सदर एसपी वर्मा बुधवार दोपहर 12 बजे फर्जीवाड़े की जांच करने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उस दौरान एआरटीओ प्रशासन आरबी गुप्ता मौजूद नहीं थे। उस समय पीटीओ रमेश प्रजापति, आरआई विकास कुमार यादव समेत कई बाबू और कर्मचारी बैठे थे। एसडीएम, एआरटीओ प्रशासन के कक्ष की ओर बढ़े तो बाबुओं और कर्मचारियों को उनके आने की जानकारी हुई। इस पर बाबू मनोज कुमार गौतम समेत कई बाबू कार्यालय छोड़कर निकल गए। एसडीएम ने फर्जीवाड़े के संबंध में एक-एक करके सभी बाबुओं को बुलाना शुरू किया। तब उन्हें पता चला कि कई बाबू व कर्मचारी उनके आने के दौरान बैठे थे लेकिन अब सभी अपना कक्ष छोड़कर भाग गए हैं। इस पर एसडीएम सदर ने नाराजगी व्यक्त की।
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उन्होंने कार्यालय में खड़े होकर कहा कि बाबू कार्यालय नहीं आएंगे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्हें फर्जीवाड़े में लिप्त माना जाएगा। इससे दूसरे कर्मचारियों में खलबली मच गई। कुछ कर्मचारियों ने बाबुओं को कॉल करना शुरू किया। कुछ देर बाद एक-एक करके सभी बाबू लौट आए। इसके बाद एसडीएम ने मृतक को जीवित दिखाकर उसकी बाइक उसके भाई के नाम ट्रांसफर करने वाली फाइल मांगी लेकिन बाबुओं ने संबंधित फाइल नहीं दी। उन्होंने बताया कि फाइल अभी मिल नहीं रही है। फाइल न मिलने पर एसडीएम ने कई बाबुओं और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने फाइल उपलब्ध न कराने पर एक नोटिस देने को कहा है।
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एआरटीओ प्रशासन भी निकले छुट्टी पर
एआरटीओ कार्यालय में हुए फर्जीवाड़े के मामले में अभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पहले एआरटीओ प्रशासन आरबी गुप्ता छुट्टी लेकर चले गए हैं। कुछ लोग बता रहे हैं कि वह एक शादी में गए हैं।
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बाबू मनोज कुमार का पक्ष लेते दिखे पीटीओ
पीटीओ (पैसेंजर टैक्स ऑफिसर) रमेश प्रजापति बुधवार को फर्जीवाड़े में फंसे बाबू मनोज कुमार गौतम का पक्ष लेते दिखे। एसडीएम सदर के पूछने पर उन्होंने बताया कि यह सब ऑनलाइन प्रक्रिया है। बाइक ट्रांसफर कराने वाले ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के आधार पर बाबू ने बाइक ट्रांसफर कर दी। एसडीएम ने सवाल किया कि जब सब काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो बाहर दलालों की भीड़ क्या कर रही है? कार्यालय में यह भीड़ क्यों आ रही है, फाइल गायब कैसे हो गई? पीटीओ के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं था।
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आज एआरटीओ कार्यालय जांच करने पहुंचा था। कई बाबू कार्यालय से निकलकर भाग गए। जब कार्रवाई कराने की चेतावनी दी तब वे वापस आए। जिस मृतक को जीवित दिखाकर बाइक ट्रांसफर की गई है वह फाइल कार्यालय से गायब है। हम इस संबंध में एआरटीओ को नोटिस दे रहे हैं। जिस युवक ने बाइक ट्रांसफर कराई है। उसे भी नोटिस देकर बुलाकर बयान लिए जाएंगे तभी हकीकत सामने आएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर