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एक वैन में भर दीं 27 छात्राएं, कई की हालत बिगड़ी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:25 PM IST
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शहर के जीलॉट पब्लिक स्कूल में ताइक्वांडो प्रतियोगिता में आई थीं
सभी छात्राएं वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की
शहर के जीलॉट पब्लिक स्कूल में आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल होने आईं वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की 27 छात्राओं को वापस भेजने के लिए एक ही वैन में भर दिया गया। देर शाम तक तक वैन वजीरगंज पहुंची तब तक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ चुकी थी। छात्राओं को सीएचसी लाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद बाकी छात्राओं को वापस विद्यालय भेज दिया गया। गंभीर हालत वाली चार छात्राओं को भर्ती कर लिया गया। बाद में दो की हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की 27 छात्राएं रविवार को शहर में उसावां रोड स्थित जीलॉट पब्लिक स्कूल में चल रही ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल होने आई थीं। इनके साथ कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका कुसुम भी थीं। शाम को प्रतियोगिता खत्म होने के बाद छात्राओं को वजीरगंज जाना था। सभी छात्राओं और बा स्कूल की शिक्षिका कुसुम को एक ही मारुति वैन में बैठा दिया। शिक्षिका का कहना है कि एक ही वैन में इतनी छात्राओं को बैठाने से उन्होंने मना किया लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। छात्राएं भूसे की तरह भरने के बाद वैन चालक वजीरगंज के लिए चल दिया। देर शाम जब तक मारुति वैन वजीरगंज पहुंची तब तक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ चुकी थी। इनको उल्टियां होने लगीं। कई छात्राएं बेहोश भी हो गईं। वजीरगंज पहुंचने के बाद छात्राओं को तुरंत ही सीएचसी ले जाया गया। यहां काजल (13) पुत्री नरेंद्र निवासी दौलतपुर, निशा (14) पुत्री मुस्तकीन निवासी दूंगो, खुशबू (14) पुत्री यशपाल निवासी वनकोटा और रचना (15) पुत्री रघुवीर सिंह की हालत गंभीर होने पर भर्ती कर लिया गया। चारो छात्राएं देर रात तक बेहोश थीं। यहां हालत में सुधार न होने पर काजल और निशा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। छात्राओं के परिवार वाले भी खबर मिलने पर वजीरगंज पहुंच गए थे। इस बारे में जीलॉट पब्लिक स्कूल के प्रबंधन से जुड़े अनिल बाबू से पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था।
सभी छात्राएं वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की
शहर के जीलॉट पब्लिक स्कूल में आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल होने आईं वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की 27 छात्राओं को वापस भेजने के लिए एक ही वैन में भर दिया गया। देर शाम तक तक वैन वजीरगंज पहुंची तब तक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ चुकी थी। छात्राओं को सीएचसी लाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद बाकी छात्राओं को वापस विद्यालय भेज दिया गया। गंभीर हालत वाली चार छात्राओं को भर्ती कर लिया गया। बाद में दो की हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
वजीरगंज के कस्तूरबा विद्यालय की 27 छात्राएं रविवार को शहर में उसावां रोड स्थित जीलॉट पब्लिक स्कूल में चल रही ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शामिल होने आई थीं। इनके साथ कस्तूरबा विद्यालय की शिक्षिका कुसुम भी थीं। शाम को प्रतियोगिता खत्म होने के बाद छात्राओं को वजीरगंज जाना था। सभी छात्राओं और बा स्कूल की शिक्षिका कुसुम को एक ही मारुति वैन में बैठा दिया। शिक्षिका का कहना है कि एक ही वैन में इतनी छात्राओं को बैठाने से उन्होंने मना किया लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। छात्राएं भूसे की तरह भरने के बाद वैन चालक वजीरगंज के लिए चल दिया। देर शाम जब तक मारुति वैन वजीरगंज पहुंची तब तक 15 छात्राओं की हालत बिगड़ चुकी थी। इनको उल्टियां होने लगीं। कई छात्राएं बेहोश भी हो गईं। वजीरगंज पहुंचने के बाद छात्राओं को तुरंत ही सीएचसी ले जाया गया। यहां काजल (13) पुत्री नरेंद्र निवासी दौलतपुर, निशा (14) पुत्री मुस्तकीन निवासी दूंगो, खुशबू (14) पुत्री यशपाल निवासी वनकोटा और रचना (15) पुत्री रघुवीर सिंह की हालत गंभीर होने पर भर्ती कर लिया गया। चारो छात्राएं देर रात तक बेहोश थीं। यहां हालत में सुधार न होने पर काजल और निशा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। छात्राओं के परिवार वाले भी खबर मिलने पर वजीरगंज पहुंच गए थे। इस बारे में जीलॉट पब्लिक स्कूल के प्रबंधन से जुड़े अनिल बाबू से पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था।
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