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Budaun News: बारिश में बहे अरमान... धान और बाजरा की फसल को नुकसान
Fri, 13 Sep 2024 02:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 13 Sep 2024 02:13 AM IST
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बारिश में धान की फसल जमीन पर बिछी। संवाद
बदायूं/ उझानी। बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बारिश से खेतों में धान और बाजरा की फसल गिर गई है। इससे करीब 30 फीसदी तक पैदावार में गिरावट की आशंका है।
सबसे ज्यादा नुकसान धान, बाजरा, ज्वार और मिर्च को हुआ है। उत्पादकों में यशपाल सिंह ने बताया कि धान के पौधों में बालियां निकल रहीं है। तेज हवा के साथ बारिश की वजह से धान की फसल गिर गई है। उन्हीं खेतों में धान सुरक्षित है, जहां पौधे पूरी तरह बढ़वार नहीं पकड़ पाए हैं। इसी तरह बाजरा की फसल के जरिये भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। बाजरा भी करीब दो- तीन सप्ताह बाद पकने के कगार पर है। किसानों में भागमल चौधरी के मुताबिक, धान, बाजरा और ज्वार की फसल को करीब 30 फीसदी तक नुकसान हो गया है। शिमला और सादा मिर्च की फसल बारिश के पानी में डूब गई है। शिमला मिर्च की इसी महीने रोपाई हुई थी।
सब्जी फसलें भी चपेट में आईं, महंगाई के आसार
उझानी। तोरई, लौकी, अगेती गोभी, बैंगन समेत पत्तीदार सब्जियों के खेतों में बारिश का पानी भर जाने से फसल डूब गई है। हरी सब्जियां एक तो पहले से काफी महंगी है, बारिश की वजह से नुकसान के बाद फुटकर मूल्य में करीब 20 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। सब्जी उत्पादकों में गंगा सिंह शाक्य ने बताया कि सब्जियों पर बारिश प्रभाव ज्यादा पड़ा है।
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- बारिश के दौरान तेज हवा चलने की वजह से धान की फसल को नुकसान हुआ है। वैसे तो धान को बारिश से नुकसान नहीं होता। बाजरा भी चपेट में आया है। किसान अगर, खेतों में भरे बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था कर लें तो सब्जी फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है।- डॉ. संजय कुमार, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र दातागंज
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सबसे ज्यादा नुकसान धान, बाजरा, ज्वार और मिर्च को हुआ है। उत्पादकों में यशपाल सिंह ने बताया कि धान के पौधों में बालियां निकल रहीं है। तेज हवा के साथ बारिश की वजह से धान की फसल गिर गई है। उन्हीं खेतों में धान सुरक्षित है, जहां पौधे पूरी तरह बढ़वार नहीं पकड़ पाए हैं। इसी तरह बाजरा की फसल के जरिये भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। बाजरा भी करीब दो- तीन सप्ताह बाद पकने के कगार पर है। किसानों में भागमल चौधरी के मुताबिक, धान, बाजरा और ज्वार की फसल को करीब 30 फीसदी तक नुकसान हो गया है। शिमला और सादा मिर्च की फसल बारिश के पानी में डूब गई है। शिमला मिर्च की इसी महीने रोपाई हुई थी।
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सब्जी फसलें भी चपेट में आईं, महंगाई के आसार
उझानी। तोरई, लौकी, अगेती गोभी, बैंगन समेत पत्तीदार सब्जियों के खेतों में बारिश का पानी भर जाने से फसल डूब गई है। हरी सब्जियां एक तो पहले से काफी महंगी है, बारिश की वजह से नुकसान के बाद फुटकर मूल्य में करीब 20 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। सब्जी उत्पादकों में गंगा सिंह शाक्य ने बताया कि सब्जियों पर बारिश प्रभाव ज्यादा पड़ा है।
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- बारिश के दौरान तेज हवा चलने की वजह से धान की फसल को नुकसान हुआ है। वैसे तो धान को बारिश से नुकसान नहीं होता। बाजरा भी चपेट में आया है। किसान अगर, खेतों में भरे बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था कर लें तो सब्जी फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है।- डॉ. संजय कुमार, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र दातागंज