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Budaun News: झोलाछाप के इलाज से एक और जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा

Mon, 14 Jul 2025 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:42 AM IST
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Another mother and child died due to quack treatment, uproar
मुस्कान का फाइल फोटो।
सहसवान। झोलाछाप ने बिना जांच किए ही प्रसूता का प्रसव कराना शुरू कर दिया। इसमें पहले नवजात और आधा घंटा बाद प्रसूता की मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यह देख झोलाछाप मौके से भाग गया। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों को कठोर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शांत कराया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर खैरू के रहने वाले कय्यूम ने पत्नी मुस्कान (25) को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार सुबह करीब चार बजे मोहल्ला मिर्धा टोला स्थित एक झोलाछाप के यहां भर्ती कराया गया। मौजूद कर्मचारियों व झोलाछाप ने सामान्य प्रसव होने की बात कही। पति का आरोप है कि कुछ ही देर में कर्मचारी ने पत्नी को एक इंजेक्शन लगाया।
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सुबह करीब नौ बजे मुस्कान ने बेटी काे जन्म दिया, जिसकी पांच मिनट के बाद ही मौत हो गई। इसके बाद मुस्कान की हालत भी बिगड़ गई और देखते ही देखते उसने भी दम तोड़ दिया।
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परिजनों ने गलत इलाज व इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों को कठोर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शांत किया। इंस्पेक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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एक साल में 20 से अधिक जच्चा-बच्चा की झोलाछाप के यहां मौत, कार्रवाई शून्य

बदायूं। एक साल में करीब 20 से अधिक जच्चा-बच्चा या गर्भवती महिलाओं की जिले के झोलाछाप के इलाज से प्रसव के दौरान मौत हो चुकी हैं, बावजूद कार्रवाई शून्य है।
स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था व सुस्त कार्यप्रणाली के चलते गली-गली अवैध रूप से अस्पतालों का संचालन हो रहा है। जिन अस्पतालों में मौत होती है, उन्हें दिखावे के लिए सील किया जाता है, बाद में सब पहले जैसा हो जाता है।

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अस्पताल एक दुकान में संचालित हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग के रिकाॅर्ड में अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव की उचित व्यवस्था होने के बाद भी लोग झोलाछाप के यहां प्रसव कराने के लिए भर्ती करा देते हैं। लोगों को खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। एमओआईसी से जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

मुस्कान का फाइल फोटो।

मुस्कान का फाइल फोटो।

मुस्कान का फाइल फोटो।

मुस्कान का फाइल फोटो।

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