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आक्रोशित किसानों की नारेबाजी, धरना दिया
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:31 PM IST
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आक्रोशित किसानों की नारेबाजी, धरना दिया
- फोटो : अमर उजाला
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-एक मार्च को कानपुर में करेंगे आंदोलन
भूमि अधिग्रहण मामले में हमीरपुर के जिलाध्यक्ष पर की गई पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने मंगलवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही एक मार्च को होने वाले आंदोलन के लिए कानपुर कूच करने का ऐलान किया।
बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा कि कानपुर में हमीरपुर के जिलाध्यक्ष निरंजन राजपूत किसानों की भूमि अधिग्रहण की लड़ाई लड़ रहे थे। गत जनवरी माह में उन्हें गिरफ्तार करके न सिर्फ जेल भेजा गया, बल्कि उनके साथ बदसलूकी की गई। इससे पूरे प्रदेश के किसानों में उबाल है। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि अन्नदाताओं के साथ अपने हक की लड़ाई लड़ने पर जो सुलूक उत्तर प्रदेश शासन के इशारे पर किया गया, उसका बदला उसी तर्ज पर लिया जाएगा। 28 फरवरी को ट्रेनों से किसान कानपुर के लिए रवाना होंगे। जिला महासचिव रामाशंकर शंखधार ने कहा कि अब किसान चुप नहीं बैठेगा, कानपुर की घटना की गूंज पूरे हिंदुस्तान में गूंजेगी। चौधरी सौदान सिंह ने भी विचार रखे। एक घंटे तक धरना प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने डीआरओ को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में रेल प्रशासन से ट्रेनों के संचालन की मांग भी की गई। धरने में कहलन मियां, नूरउद्दीन, नरेंद्र सक्सेना, साबिर, बाबू खां, रईस अहमद, आरिफ गाजी, शिवदयाल सागर, हारून गौस, शिवदयाल सागर आदि मौजूद रहे।
भूमि अधिग्रहण मामले में हमीरपुर के जिलाध्यक्ष पर की गई पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने मंगलवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही एक मार्च को होने वाले आंदोलन के लिए कानपुर कूच करने का ऐलान किया।
बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा कि कानपुर में हमीरपुर के जिलाध्यक्ष निरंजन राजपूत किसानों की भूमि अधिग्रहण की लड़ाई लड़ रहे थे। गत जनवरी माह में उन्हें गिरफ्तार करके न सिर्फ जेल भेजा गया, बल्कि उनके साथ बदसलूकी की गई। इससे पूरे प्रदेश के किसानों में उबाल है। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि अन्नदाताओं के साथ अपने हक की लड़ाई लड़ने पर जो सुलूक उत्तर प्रदेश शासन के इशारे पर किया गया, उसका बदला उसी तर्ज पर लिया जाएगा। 28 फरवरी को ट्रेनों से किसान कानपुर के लिए रवाना होंगे। जिला महासचिव रामाशंकर शंखधार ने कहा कि अब किसान चुप नहीं बैठेगा, कानपुर की घटना की गूंज पूरे हिंदुस्तान में गूंजेगी। चौधरी सौदान सिंह ने भी विचार रखे। एक घंटे तक धरना प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने डीआरओ को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में रेल प्रशासन से ट्रेनों के संचालन की मांग भी की गई। धरने में कहलन मियां, नूरउद्दीन, नरेंद्र सक्सेना, साबिर, बाबू खां, रईस अहमद, आरिफ गाजी, शिवदयाल सागर, हारून गौस, शिवदयाल सागर आदि मौजूद रहे।
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