{"_id":"602582118ebc3ee91f3b62aa","slug":"air-pollution-badaun-news-bly4369312200","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायु की गुणवत्ता जांचने को बनेगा बदायूं में बनेगा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायु की गुणवत्ता जांचने को बनेगा बदायूं में बनेगा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन
विज्ञापन
बदायूं। जिले में अब वायु प्रदूषण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए जिले में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के 50 जिलों में वायु गुणवत्ता की जांच के लिए मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन खोलने का निर्णय लिया है उनमें बदायूं का नाम शामिल है। प्रदेश के 26 जिलों में पहले से यह सिस्टम काम कर रहे हैं।
बदायूं जिले की सीमाएं बरेली, संभल, कासगंज, शाहजहांपुर, मुरादाबाद से लगी हुई हैं। बदायूं से दिल्ली की दूरी भी ज्यादा नहीं है। बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर में कई बड़े उद्योग हैं। बड़े कारखानों और फैक्ट्रियों के लिए भी यह जिले जाने जाते हैं। पड़ोसी जिलों की वायु की गुणवत्ता खराब होने पर बदायूं की हवा में भी जहर घुल जाता है। इतना ही नहीं एनसीआर में वायु के एक्यूआई में इजाफा होने का असर भी बदायूं में दिखता है। वायु की गुणवत्ता मापने की अब तक यहां कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल मौसम विशेषज्ञ बदायूं में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए सेटेलाइट से मिलने वाली सूचनाओं और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुरादाबाद केंद्र पर निर्भर रहते हैं। कई बार जिले की वायु का एक्यूआई 400 के घातक स्तर तक पहुंच चुका है।
मौसम विशेषज्ञ काफी समय से जिले में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए एयर मॉनिटरिंग सिस्टम की मांग कर रहे थे। बदायूं में फिलहाल वायु गुणवत्ता की जांच के लिए मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन खोला जाएगा। यह स्टेशन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेशनल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के तहत संचालित होगा। स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने भी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
वायु में उत्सर्जित गैसों, सूक्ष्म कणों की मात्रा की हो सकेगी जांच
- एयर मॉनीटरिंग स्टेशन में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार वायु में पीएम-10, पीएम-2.5 के अलावा सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइआक्साइड की मात्रा की जांच हो सकेगी। हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम जिले में एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम की स्थापना के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वायु प्रदूषण के लिहाज से बदायूं खतरनाक स्थिति में है। कई बार यहां वायु का एक्यूआई 400 तक पहुंच चुका है। यह बेहद घातक होता है।
ये हैं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मानक
- 50 तक- बेहद अच्छा
- 51 से 100 के बीच- संतोषजनक
- 101 से 200 के बीच- सामान्य
- 201 से 300 के बीच- खराब
- 301 से 400 के बीच- बहुत खराब
- 401 से 500 के बीच- गंभीर
बदायूं में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाया जाना है। इसको लेकर शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाले दिशानिर्देश का इंतजार है। शहर में पुलिस लाइंस चौराहा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के लिहाज से काफी उपयुक्त है। शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - कुमार प्रशांत, डीएम
विज्ञापन
बदायूं जिले की सीमाएं बरेली, संभल, कासगंज, शाहजहांपुर, मुरादाबाद से लगी हुई हैं। बदायूं से दिल्ली की दूरी भी ज्यादा नहीं है। बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर में कई बड़े उद्योग हैं। बड़े कारखानों और फैक्ट्रियों के लिए भी यह जिले जाने जाते हैं। पड़ोसी जिलों की वायु की गुणवत्ता खराब होने पर बदायूं की हवा में भी जहर घुल जाता है। इतना ही नहीं एनसीआर में वायु के एक्यूआई में इजाफा होने का असर भी बदायूं में दिखता है। वायु की गुणवत्ता मापने की अब तक यहां कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल मौसम विशेषज्ञ बदायूं में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए सेटेलाइट से मिलने वाली सूचनाओं और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुरादाबाद केंद्र पर निर्भर रहते हैं। कई बार जिले की वायु का एक्यूआई 400 के घातक स्तर तक पहुंच चुका है।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ काफी समय से जिले में वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए एयर मॉनिटरिंग सिस्टम की मांग कर रहे थे। बदायूं में फिलहाल वायु गुणवत्ता की जांच के लिए मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन खोला जाएगा। यह स्टेशन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेशनल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के तहत संचालित होगा। स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने भी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
वायु में उत्सर्जित गैसों, सूक्ष्म कणों की मात्रा की हो सकेगी जांच
- एयर मॉनीटरिंग स्टेशन में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार वायु में पीएम-10, पीएम-2.5 के अलावा सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइआक्साइड की मात्रा की जांच हो सकेगी। हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम जिले में एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम की स्थापना के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वायु प्रदूषण के लिहाज से बदायूं खतरनाक स्थिति में है। कई बार यहां वायु का एक्यूआई 400 तक पहुंच चुका है। यह बेहद घातक होता है।
ये हैं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मानक
- 50 तक- बेहद अच्छा
- 51 से 100 के बीच- संतोषजनक
- 101 से 200 के बीच- सामान्य
- 201 से 300 के बीच- खराब
- 301 से 400 के बीच- बहुत खराब
- 401 से 500 के बीच- गंभीर
बदायूं में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाया जाना है। इसको लेकर शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाले दिशानिर्देश का इंतजार है। शहर में पुलिस लाइंस चौराहा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के लिहाज से काफी उपयुक्त है। शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - कुमार प्रशांत, डीएम