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जिले में 30 केंद्रों पर होंगी धान की खरीद
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बदायूं। शासन की ओर से धान खरीद को लेकर तैयारियां शुरू दी गई हैं। इसके तहत जिले में एक अक्तूबर से धान खरीद होगी। शासन ने समर्थन मूल्य भी घोषित कर दिया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 65 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। निर्देश मिलने के बाद में जिला प्रशासन ने भी इस ओर काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत छह एजेंसियों को नामित किया गया है, साथ ही 30 केंद्रों को धान खरीद के लिए चयनित किया गया है।
शासन की मंशा है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिले। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाने लगे हैं। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य भी घोषित कर दिया है, जो पिछले बार की तुलना में 65 रुपये अधिक है। पिछले साल धान का समर्थन मूल्य 1770 रुपये था, जो अब 1835 रुपये हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिला प्रशासन की ओर से धान खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गईं। शासन की ओर से अब तक 30 केंद्र जिले में खोले जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही छह एजेंसियों को भी नामित किया गया है, ताकि समय से धान खरीद शुरू हो सके और किसानों को धान बेचने के लिए कहीं भटकना न पड़े।
पुरानी पंजीकरण संख्या के आधार पर कराएं पंजीकरण
-पिछले साल जिन किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, वे पुराने पंजीकरण संख्या के आधार पर पंजीकरण कराएं। प्रपत्र में यदि कोई संशोधन की आवश्यकता हो, तो उसे सही कर लॉक करें। कृषकों को अपना पंजीकरण करते समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि भुगतान पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से किया जाना है। कृषकों का जो नाम खतौनी, बैंक खाते में हो, वही नाम रजिस्ट्रेशन में भी होना चाहिए, ताकि कृषकों को पीएफएमएस के माध्यम से उनके धान का मूल्य समय से मिल सके।
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धान खरीद को लेकर तैयारियों शुरू कर दी गई हैं। इसका समर्थन मूल्य भी जारी हो चुका है। साथ ही जिले में छह एजेंसी को नामित करते हुए 30 क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देेश दिए गए हैं।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम एफआर
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शासन की मंशा है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिले। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाने लगे हैं। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य भी घोषित कर दिया है, जो पिछले बार की तुलना में 65 रुपये अधिक है। पिछले साल धान का समर्थन मूल्य 1770 रुपये था, जो अब 1835 रुपये हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिला प्रशासन की ओर से धान खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गईं। शासन की ओर से अब तक 30 केंद्र जिले में खोले जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही छह एजेंसियों को भी नामित किया गया है, ताकि समय से धान खरीद शुरू हो सके और किसानों को धान बेचने के लिए कहीं भटकना न पड़े।
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पुरानी पंजीकरण संख्या के आधार पर कराएं पंजीकरण
-पिछले साल जिन किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, वे पुराने पंजीकरण संख्या के आधार पर पंजीकरण कराएं। प्रपत्र में यदि कोई संशोधन की आवश्यकता हो, तो उसे सही कर लॉक करें। कृषकों को अपना पंजीकरण करते समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि भुगतान पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से किया जाना है। कृषकों का जो नाम खतौनी, बैंक खाते में हो, वही नाम रजिस्ट्रेशन में भी होना चाहिए, ताकि कृषकों को पीएफएमएस के माध्यम से उनके धान का मूल्य समय से मिल सके।
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धान खरीद को लेकर तैयारियों शुरू कर दी गई हैं। इसका समर्थन मूल्य भी जारी हो चुका है। साथ ही जिले में छह एजेंसी को नामित करते हुए 30 क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देेश दिए गए हैं।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम एफआर