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दोबारा सत्यापन में मिल गए 1525 समाजवादी पेंशनधारक
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:40 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराया गया था सत्यापन कार्य
आखिरकार दोबारा सत्यापन हुआ तो लापता हुए 1525 पेंशनधारक अपने पतों पर मौजूद मिल गए। इससे इन परिवारों की पेंशन पर मंडरा रहे खतरे के बादल अब छंट गए हैं। इसमें सत्यापनकर्ताओं की लापरवाही की वजह से इन परिवारों की पेंशन को रोका जा सकता था।
समाजवादी पेंशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 के ग्रामीण क्षेत्रों के 43610 पेंशनधारकों का सत्यापन कराने का काम स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। इसमें पहली बार सत्यापन करने पर 1649 पेंशनधारकों का पता नहीं चल सका था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने इन पेंशन धारकों को लापता मानते हुए रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को सौंप दी थी। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आपत्ति लगाते हुए कहा था जो पेंशनधारक गांव में मौजूद नहीं मिलें, उनके बारे में ग्राम प्रधान से रिपोर्ट जरूर लगवाई जाए, जिससे कि पात्र पेंशनधारकों को पेंशन से वंचित न रहना पड़े।
इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोबारा सत्यापन कार्य कराया गया था, जिसमें 1525 समाजवादी पेंशनधारक अपने पतों पर मिल गए थे, जबकि 124 पेंशनधारकों का अब भी पता नहीं चल रहा है। इसमें मृतक पेंशनधारक भी शामिल हैं। दोबारा सर्वे होने से 1525 गरीब एवं पात्र परिवारों की समाजवादी पेंशन रोके जाने से बच गई।
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समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों का दो बार सत्यापन कराया जा चुका है। अब केवल 124 पेंशनधारक शेष बचे हैं। इसके लिए तीसरी बार सत्यापन कराकर ही समाज कल्याण विभाग को फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
-अरविंद राणा, सत्यापन नोडल अधिकारी, समाजवादी पेंशन योजना
आखिरकार दोबारा सत्यापन हुआ तो लापता हुए 1525 पेंशनधारक अपने पतों पर मौजूद मिल गए। इससे इन परिवारों की पेंशन पर मंडरा रहे खतरे के बादल अब छंट गए हैं। इसमें सत्यापनकर्ताओं की लापरवाही की वजह से इन परिवारों की पेंशन को रोका जा सकता था।
समाजवादी पेंशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 के ग्रामीण क्षेत्रों के 43610 पेंशनधारकों का सत्यापन कराने का काम स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। इसमें पहली बार सत्यापन करने पर 1649 पेंशनधारकों का पता नहीं चल सका था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने इन पेंशन धारकों को लापता मानते हुए रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को सौंप दी थी। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आपत्ति लगाते हुए कहा था जो पेंशनधारक गांव में मौजूद नहीं मिलें, उनके बारे में ग्राम प्रधान से रिपोर्ट जरूर लगवाई जाए, जिससे कि पात्र पेंशनधारकों को पेंशन से वंचित न रहना पड़े।
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इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोबारा सत्यापन कार्य कराया गया था, जिसमें 1525 समाजवादी पेंशनधारक अपने पतों पर मिल गए थे, जबकि 124 पेंशनधारकों का अब भी पता नहीं चल रहा है। इसमें मृतक पेंशनधारक भी शामिल हैं। दोबारा सर्वे होने से 1525 गरीब एवं पात्र परिवारों की समाजवादी पेंशन रोके जाने से बच गई।
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समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों का दो बार सत्यापन कराया जा चुका है। अब केवल 124 पेंशनधारक शेष बचे हैं। इसके लिए तीसरी बार सत्यापन कराकर ही समाज कल्याण विभाग को फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
-अरविंद राणा, सत्यापन नोडल अधिकारी, समाजवादी पेंशन योजना