{"_id":"68167421b9508b5c8f0f3361","slug":"administration-made-preparations-to-revive-sot-river-badaun-news-c-123-1-sbly1006-138730-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: सोत नदी को पुनर्जीवित करने की प्रशासन ने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: सोत नदी को पुनर्जीवित करने की प्रशासन ने की तैयारी
विज्ञापन
बिल्सी क्षेत्र में सोत नदी का निरीक्षण करते एसडीएम रिपुदमन सिंह। संवाद
बिल्सी। शासन के निर्देश के बाद शनिवार को एसडीएम रिपुदमन सिंह तहसील क्षेत्र की सोत नदी का निरीक्षण किया। इस नदी पर तमाम लोगों ने कब्जा कर रखा है। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को सीमांकन करने और कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं।
अमरोहा से सोत नदी निकली है और संभल होते हुए बदायूं की बिसौली, बिल्सी और तहसील सदर क्षेत्र के सैकड़ों गांव से गुजरी है। यह नदी अपना अस्तित्व खो चुकी है। कम वर्षा होने के कारण इस नदी में पानी नहीं भर पाया। इसका फायदा प्रभावशाली लोगों ने उठाया और नदी का रकबा को अपने खेतों में मिला लिया। शासन के निर्देश है कि जो भी नदियां हैं, उन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाए ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
डीएम के निर्देश के बाद शनिवार को एसडीएम ने इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए क्षेत्र के गांव सूरजपुर, सदरपुर, रुदैना घंघौसी, मूसापुर आदि गांव में पहुंचकर निरीक्षण किया। देखा कि कई स्थानों पर नदी नाम की ही बची है, एक तरह से उसका अस्तित्व लोगों ने ही खत्म कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासन की ओर से सीमांकन किया जा रहा है। इसकी चौड़ाई करीब 10 मीटर है। जिन लोगों ने नदी की जमीन को अपने खेतों में मिल लिया है, उसे मुक्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
सभी लोगों को इस बात की हिदायत भी दे दी है कि वह नदी की जमीन से कब्जा हटा ले, नहीं तो प्रशासन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। एसडीएम ने कहा है कि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा और प्रयास है कि मानसून आने से पहले उसे मूर्त रूप दे दिया जाए।
विज्ञापन
अमरोहा से सोत नदी निकली है और संभल होते हुए बदायूं की बिसौली, बिल्सी और तहसील सदर क्षेत्र के सैकड़ों गांव से गुजरी है। यह नदी अपना अस्तित्व खो चुकी है। कम वर्षा होने के कारण इस नदी में पानी नहीं भर पाया। इसका फायदा प्रभावशाली लोगों ने उठाया और नदी का रकबा को अपने खेतों में मिला लिया। शासन के निर्देश है कि जो भी नदियां हैं, उन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाए ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
विज्ञापन
डीएम के निर्देश के बाद शनिवार को एसडीएम ने इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए क्षेत्र के गांव सूरजपुर, सदरपुर, रुदैना घंघौसी, मूसापुर आदि गांव में पहुंचकर निरीक्षण किया। देखा कि कई स्थानों पर नदी नाम की ही बची है, एक तरह से उसका अस्तित्व लोगों ने ही खत्म कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासन की ओर से सीमांकन किया जा रहा है। इसकी चौड़ाई करीब 10 मीटर है। जिन लोगों ने नदी की जमीन को अपने खेतों में मिल लिया है, उसे मुक्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
सभी लोगों को इस बात की हिदायत भी दे दी है कि वह नदी की जमीन से कब्जा हटा ले, नहीं तो प्रशासन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। एसडीएम ने कहा है कि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा और प्रयास है कि मानसून आने से पहले उसे मूर्त रूप दे दिया जाए।