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रात में एडीएम-ई के चैंबर में लगी आग
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2016 12:25 AM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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फर्स्ट फ्लोर से धुंआ उठता देख गार्डों ने बुलाई फायर ब्रिगेड
रात में ही सूचना पर पहुंच गए एडीएम-ई और उनके सहयोगी अधिकारी
कलक्ट्रेट के राजस्व अतिथिगृह के फर्स्ट फ्लोर पर स्थिति एडीएम प्रशासन के चैंबर में शुक्रवार रात आग लग गई। कैंपस में रहले वाले गार्डों ने वक्त रहते धुआं उठते देख लिया। अन्यथा आग कलक्ट्रेट की नजारत, सूचना विज्ञान केंद्र समेत अन्य दफ्तरों में तबाही मचा सकती थी। इस अग्निकांड में हजारों का फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरकॉम सिस्टम आदि नष्ट हो गए। गनीमत रही एडीएम ऑफिस के तमाम अभिलेख और रिकार्ड सुरक्षित रहे।
शुक्रवार को अवकाश के बाद कलक्ट्रेट के अन्य आफिसों के साथ एडीएम प्रशासन का चैंबर भी बंद हुआ था। रात करीब तीन बजे जब कलक्ट्रेट में सन्नाटा था। केवल गार्डों की चहल-कदमी ही हो रही थी। तेज हवाओं के बीच एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव के चैंबर में आग के गोले और लपटें निकलती दिखाई दी। एडीएम का चैंबर राजस्व अतिथि गृह के फस्र्ट फ्लोर पर है। गार्डों की नजर इस पर पड़ी तो उनमें खलबली मच गई। एक गार्ड ने फायर ब्रिगेड को फोन करने के बाद एडीएम प्रशासन को भी सूचना दे दी। इस सूचना पर एडीएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जबकि फायर ब्रिगेड पहले की पहुंच गई। उसने आधा घंटा में आग पर काबू पा लिया।
तो क्या बिजली फिटिंग ठीक नहीं थी
बदायूं। कलक्ट्रेट में बिजली फिटिंग को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। एडीएम चैंबर में आग लग जाना अपने आप में एक अचंभा है, वहीं जिले के आला अधिकारियों और उनके संपर्क में रहने वालों को भी इससे कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। अब सोचना पड़ेगा कि कलक्ट्रेट के अन्य दफ्तरों में भी बिजली फिटिंग दुरुस्त है यश नहीं। गार्डों ने एडीएम को बताया कि रात बार-बार बिजली वायरों में हवा के साथ स्पार्किंग हो रही थी।
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...तो नजारत और एनआईसी में होता बड़ा नुकसान
बदायूं। यहां बता दें कि एडीएम का फस्र्ट फ्लोर पर बने चैंबर में आग पर अगर गार्डों की नजर नहीं पड़ती तो पास ही में नजारत और सूचना विज्ञान केंद्र में काफी रिकार्ड समाप्त हो जाते, एनआईसी के कंप्यूटरों में ई-रिकार्ड भी क्षतिग्रस्त होते। इससे प्रशासन को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता था।
भूतल पर पूर्व में बने चैंबर में बैठे एडीएम
बदायूं। एडीएम चैंबर में आग लगने के कारण एडीएम प्रशासन श्रीवास्तव को पूर्व में भूतल पर स्थित चैंबर का ही इस्तेमाल करना पड़ा। यहां बता दें कि प्रारंभ में एडीएम प्रशासन का चेंबर राजस्व अतिथि गृह के भूतल पर ही थी। बाद में इसे फर्स्ट फ्लोर पर स्थापित कर लिया गया। शुक्रवार रात चैंबर में आग लग जाने के कारण आज एडीएम को फर्स्ट फ्लोर पर अपने पुराने चैंबर में ही बैठना पड़ा।
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सूचना पर मैं भी मौके पर पहुंच गया था। गार्डों ने सूझबूझ से काम लिया। अन्यथा बड़ा नुकसान होता। आग फैलकर पता नहीं कलक्ट्रेट के किन-किन आफिसों का अपनी चपेट में लेती। उनकी चेयर के ऊपर लाइट की वायरिंग बर्स्ट होने से आग फैली थी। बिजली के काम में कहां-कहां शिथिलता है। इसके लिए नजारत को व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा जाएगा।
-अशोक श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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रात में ही सूचना पर पहुंच गए एडीएम-ई और उनके सहयोगी अधिकारी
कलक्ट्रेट के राजस्व अतिथिगृह के फर्स्ट फ्लोर पर स्थिति एडीएम प्रशासन के चैंबर में शुक्रवार रात आग लग गई। कैंपस में रहले वाले गार्डों ने वक्त रहते धुआं उठते देख लिया। अन्यथा आग कलक्ट्रेट की नजारत, सूचना विज्ञान केंद्र समेत अन्य दफ्तरों में तबाही मचा सकती थी। इस अग्निकांड में हजारों का फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरकॉम सिस्टम आदि नष्ट हो गए। गनीमत रही एडीएम ऑफिस के तमाम अभिलेख और रिकार्ड सुरक्षित रहे।
शुक्रवार को अवकाश के बाद कलक्ट्रेट के अन्य आफिसों के साथ एडीएम प्रशासन का चैंबर भी बंद हुआ था। रात करीब तीन बजे जब कलक्ट्रेट में सन्नाटा था। केवल गार्डों की चहल-कदमी ही हो रही थी। तेज हवाओं के बीच एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव के चैंबर में आग के गोले और लपटें निकलती दिखाई दी। एडीएम का चैंबर राजस्व अतिथि गृह के फस्र्ट फ्लोर पर है। गार्डों की नजर इस पर पड़ी तो उनमें खलबली मच गई। एक गार्ड ने फायर ब्रिगेड को फोन करने के बाद एडीएम प्रशासन को भी सूचना दे दी। इस सूचना पर एडीएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जबकि फायर ब्रिगेड पहले की पहुंच गई। उसने आधा घंटा में आग पर काबू पा लिया।
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तो क्या बिजली फिटिंग ठीक नहीं थी
बदायूं। कलक्ट्रेट में बिजली फिटिंग को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। एडीएम चैंबर में आग लग जाना अपने आप में एक अचंभा है, वहीं जिले के आला अधिकारियों और उनके संपर्क में रहने वालों को भी इससे कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। अब सोचना पड़ेगा कि कलक्ट्रेट के अन्य दफ्तरों में भी बिजली फिटिंग दुरुस्त है यश नहीं। गार्डों ने एडीएम को बताया कि रात बार-बार बिजली वायरों में हवा के साथ स्पार्किंग हो रही थी।
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...तो नजारत और एनआईसी में होता बड़ा नुकसान
बदायूं। यहां बता दें कि एडीएम का फस्र्ट फ्लोर पर बने चैंबर में आग पर अगर गार्डों की नजर नहीं पड़ती तो पास ही में नजारत और सूचना विज्ञान केंद्र में काफी रिकार्ड समाप्त हो जाते, एनआईसी के कंप्यूटरों में ई-रिकार्ड भी क्षतिग्रस्त होते। इससे प्रशासन को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता था।
भूतल पर पूर्व में बने चैंबर में बैठे एडीएम
बदायूं। एडीएम चैंबर में आग लगने के कारण एडीएम प्रशासन श्रीवास्तव को पूर्व में भूतल पर स्थित चैंबर का ही इस्तेमाल करना पड़ा। यहां बता दें कि प्रारंभ में एडीएम प्रशासन का चेंबर राजस्व अतिथि गृह के भूतल पर ही थी। बाद में इसे फर्स्ट फ्लोर पर स्थापित कर लिया गया। शुक्रवार रात चैंबर में आग लग जाने के कारण आज एडीएम को फर्स्ट फ्लोर पर अपने पुराने चैंबर में ही बैठना पड़ा।
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सूचना पर मैं भी मौके पर पहुंच गया था। गार्डों ने सूझबूझ से काम लिया। अन्यथा बड़ा नुकसान होता। आग फैलकर पता नहीं कलक्ट्रेट के किन-किन आफिसों का अपनी चपेट में लेती। उनकी चेयर के ऊपर लाइट की वायरिंग बर्स्ट होने से आग फैली थी। बिजली के काम में कहां-कहां शिथिलता है। इसके लिए नजारत को व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा जाएगा।
-अशोक श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन