{"_id":"62334c43d2b36b51ba537f48","slug":"accident-badaun-news-bly478583724","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पीड ब्रेकर पर उछली बस, रॉड से टकराकर युवक का सिर फटा, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पीड ब्रेकर पर उछली बस, रॉड से टकराकर युवक का सिर फटा, मौत
विज्ञापन
अक्षय कुमार फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस्लामनगर (बदायूं)। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर तेज रफ्तार निजी बस स्पीड ब्रेकर पर उछली तो उसमें सवार 26 वर्षीय अक्षय कुमार का सिर रॉड से टकराकर फट गया। यात्रियों के शोर मचाने पर भी ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। वह उसे तेजी से भगाता हुआ इस्लामनगर ले गया और कस्बे के मेन चौराहे पर छोड़कर भाग गया। इस दौरान इलाज न मिलने से युवक की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को युवक के गुस्साए परिवार वालों ने थाना घेर कर विरोध जताया और ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर सिसरका निवासी 26 वर्षीय अक्षय कुमार पुत्र ज्ञानप्रकाश हरिद्वार में मजदूरी कर रहा था। बुधवार रात अक्षय होली पर अपने घर लौट रहा था। साथ में उसके फूफा रामपुर जिले के ढकिया गांव निवासी हुकुम सिंह और बुआ संजा देवी भी बस में बैठे थे। परिवारवालों के मुताबिक बुधवार मध्यरात्रि के बाद साढ़े तीन बजे बस मुरादाबाद से आगे कुंदरकी के लिए निकली तो उसकी रफ्तार काफी तेज थी। इससे हाईवे परबस स्पीड ब्रेकर के ऊपर वह काफी ऊंची उछल पड़ी। ऐसे में बस में बैठे कई यात्री अंदर टकराकर चोटिल हो गए। इसी में अक्षय कुमार का सिर बस में एक रॉड से जा टकराया और फट गया। यात्रियों ने बस रोकने को कहा पर ड्राइवर नहीं माना और उसने गति और तेज कर दी। इसी दौरान इलाज न मिलने से अक्षय की मौत हो गई। इधर ड्राइवर बस को लेकर इस्लामनगर पहुंचा और मेन चौराहे के नजदीक शराब की दुकान के सामने उसे छोड़कर भाग गया। इधर, सूचना पर अक्षय कुमार के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और उसके शव को ले गए। बृहस्पतिवार सुबह थाने का घेराव कर दिया और ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बमुश्किल समझाबुझाकर उन्हें शांत किया और युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार ने बस नंबर के आधार पर पुलिस को तहरीर दी है जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ड्राइवर ने 50 किमी दौड़ाई बस, समय से मिलता इलाज तो बच जाती युवक की जान
बदायूं। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर स्पीड ब्रेकर पर बस उछलने से रॉड से टकराकर सिर फटने से घायल युवक को समय से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती लेकिन ड्राइवर करीब 50 किमी तक बस को दौड़ाता चला गया। इस दौरान इलाज न मिलने से अक्षय की मौत हो गई।
विज्ञापन
निजी बस में सवार यात्रियों के मुताबिक इस्लामनगर से मुरादाबाद करीब 60 किमी दूर है। कुंदरकी के आसपास जहां हादसा हुआ, उसकी इस्लामनगर से दूरी करीब 50 किमी है। रास्ते में कई अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र हैं। तमाम प्राइवेट अस्पताल भी हैं। अगर ड्राइवर चाहता तो बस को किसी अस्पताल पर लाकर रोक सकता था। चंदौसी में भी युवक का उपचार करा सकता था लेकिन पिटाई के डर से उसने ऐसा नहीं किया, चंदौसी में बस को कुछ देर रोककर वहां की यात्रियों को उतारकर फिर उसे भगा दिया। इस दौरान सह यात्री काफी चीखे पर ड्राइवर नहीं माना। बताया जाता है कि ड्राइवर इस्लामनगर का रहने वाला है और वहीं लाकर बस को रोका और उसे छोड़कर भाग गया।
-
परिवार की जिम्मेदारी थी अक्षय पर
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर सिसरका निवासी अक्षय कुमार चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी सात साल पहले शादी हुई थी। एक पांच वर्षीय बेटी वर्षा और तीन वर्षीय बेटा अर्पित है। परिवार की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी अक्षय कुमार पर थी। वह हरिद्वार में मजदूरी करता था। बाकी परिवार के सदस्य यहां काम करके परिवार चला रहे थे। इस हादसे के बाद उसका परिवार टूट गया है।
-
पिता बोले- हादसा नहीं बेटे की हत्या हुई
बेटे की मौत से दुखी पिता ज्ञानप्रकाश ने बताया कि यह हादसा नहीं है। अगर ड्राइवर कहीं बस को रोक लेता और बेटे का उपचार कराता तो उसकी जान बच सकती थी। उसने बस नहीं रोकी और उनके बेटे की मौत हो गई । वह पुलिस से मांग करेंगे कि ड्राइवर के खिलाफ हत्या की धारा में ही कार्रवाई करे।
फैजगंज बेहटा क्षेत्र का रहने वाला युवक निजी बस से आ रहा था। मुरादाबाद के नजदीक कहीं स्पीड ब्रेकर पर बस उछली, जिससे उसका सिर बस में रॉड से टकरा गया। रास्ते में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। इस्लामनगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
विज्ञापन
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर सिसरका निवासी 26 वर्षीय अक्षय कुमार पुत्र ज्ञानप्रकाश हरिद्वार में मजदूरी कर रहा था। बुधवार रात अक्षय होली पर अपने घर लौट रहा था। साथ में उसके फूफा रामपुर जिले के ढकिया गांव निवासी हुकुम सिंह और बुआ संजा देवी भी बस में बैठे थे। परिवारवालों के मुताबिक बुधवार मध्यरात्रि के बाद साढ़े तीन बजे बस मुरादाबाद से आगे कुंदरकी के लिए निकली तो उसकी रफ्तार काफी तेज थी। इससे हाईवे परबस स्पीड ब्रेकर के ऊपर वह काफी ऊंची उछल पड़ी। ऐसे में बस में बैठे कई यात्री अंदर टकराकर चोटिल हो गए। इसी में अक्षय कुमार का सिर बस में एक रॉड से जा टकराया और फट गया। यात्रियों ने बस रोकने को कहा पर ड्राइवर नहीं माना और उसने गति और तेज कर दी। इसी दौरान इलाज न मिलने से अक्षय की मौत हो गई। इधर ड्राइवर बस को लेकर इस्लामनगर पहुंचा और मेन चौराहे के नजदीक शराब की दुकान के सामने उसे छोड़कर भाग गया। इधर, सूचना पर अक्षय कुमार के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और उसके शव को ले गए। बृहस्पतिवार सुबह थाने का घेराव कर दिया और ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बमुश्किल समझाबुझाकर उन्हें शांत किया और युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार ने बस नंबर के आधार पर पुलिस को तहरीर दी है जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
ड्राइवर ने 50 किमी दौड़ाई बस, समय से मिलता इलाज तो बच जाती युवक की जान
बदायूं। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर स्पीड ब्रेकर पर बस उछलने से रॉड से टकराकर सिर फटने से घायल युवक को समय से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती लेकिन ड्राइवर करीब 50 किमी तक बस को दौड़ाता चला गया। इस दौरान इलाज न मिलने से अक्षय की मौत हो गई।
विज्ञापन
निजी बस में सवार यात्रियों के मुताबिक इस्लामनगर से मुरादाबाद करीब 60 किमी दूर है। कुंदरकी के आसपास जहां हादसा हुआ, उसकी इस्लामनगर से दूरी करीब 50 किमी है। रास्ते में कई अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र हैं। तमाम प्राइवेट अस्पताल भी हैं। अगर ड्राइवर चाहता तो बस को किसी अस्पताल पर लाकर रोक सकता था। चंदौसी में भी युवक का उपचार करा सकता था लेकिन पिटाई के डर से उसने ऐसा नहीं किया, चंदौसी में बस को कुछ देर रोककर वहां की यात्रियों को उतारकर फिर उसे भगा दिया। इस दौरान सह यात्री काफी चीखे पर ड्राइवर नहीं माना। बताया जाता है कि ड्राइवर इस्लामनगर का रहने वाला है और वहीं लाकर बस को रोका और उसे छोड़कर भाग गया।
-
परिवार की जिम्मेदारी थी अक्षय पर
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव भवानीपुर सिसरका निवासी अक्षय कुमार चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी सात साल पहले शादी हुई थी। एक पांच वर्षीय बेटी वर्षा और तीन वर्षीय बेटा अर्पित है। परिवार की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी अक्षय कुमार पर थी। वह हरिद्वार में मजदूरी करता था। बाकी परिवार के सदस्य यहां काम करके परिवार चला रहे थे। इस हादसे के बाद उसका परिवार टूट गया है।
-
पिता बोले- हादसा नहीं बेटे की हत्या हुई
बेटे की मौत से दुखी पिता ज्ञानप्रकाश ने बताया कि यह हादसा नहीं है। अगर ड्राइवर कहीं बस को रोक लेता और बेटे का उपचार कराता तो उसकी जान बच सकती थी। उसने बस नहीं रोकी और उनके बेटे की मौत हो गई । वह पुलिस से मांग करेंगे कि ड्राइवर के खिलाफ हत्या की धारा में ही कार्रवाई करे।
फैजगंज बेहटा क्षेत्र का रहने वाला युवक निजी बस से आ रहा था। मुरादाबाद के नजदीक कहीं स्पीड ब्रेकर पर बस उछली, जिससे उसका सिर बस में रॉड से टकरा गया। रास्ते में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। इस्लामनगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात