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बाला जी मंदिर के पास बंदर से टकराई बाइक, रिटायर्ड फौजी की मौत
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धीरेंद्र सिंह।
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कछला से लौटते रिटायर्ड फौजी की बाइक बालाजी मंदिर के पास बंदर से टकरा गई। हादसे में रिटायर्ड फौजी के साथ बंदर की भी मौत हो गई। देर रात शव की पहचान के बाद पुलिस ने परिवार को सूचना दी।
बालाजी नगर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड फौजी 36 वर्षीय धीरेंद्र सिंह किसी काम से कछला के पार बहोरा गांव गए थे। मंगलवार रात नौ बजे करीब वह बुलेट से घर लौट रहे थे। तब बालाजी मंदिर से निकलते ही सामने सड़क पर एक बंदर आ गया। बताते हैं कि रिटायर्ड फौजी ने बचाने की कोशिश की पर तेज रफ्तार बाइक बंदर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर फिसल गई। इससे रिटायर्ड फौजी के साथ ही बंदर की भी मौत हो गई। बताते हैं कि स्थानीय लोगों व राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को लाकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। बाद में मोबाइल व अन्य चीजों से शव की पहचान हो सकी। पुलिस ने सूचना दी तो देर रात उनके परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
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दिल्ली पुलिस में दरोगा पद पर हो गया था चयन
देर रात जिला अस्पताल में पहुंचे पिता लालराम ने शव की पहचान की। बताया कि वह लोग उझानी क्षेत्र के गांव नसरुल्लापुर के मूल निवासी हैं। धीरेंद्र उनके चार बेटों में तीसरे नंबर के थे। वह फौज से रिटायरमेंट लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हाल ही में उनका चयन दिल्ली पुलिस में दरोगा पद पर हुआ था। उनकी पत्नी सरिता है। दो जुड़वा बच्चे भी हैं। संवाद
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बालाजी नगर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड फौजी 36 वर्षीय धीरेंद्र सिंह किसी काम से कछला के पार बहोरा गांव गए थे। मंगलवार रात नौ बजे करीब वह बुलेट से घर लौट रहे थे। तब बालाजी मंदिर से निकलते ही सामने सड़क पर एक बंदर आ गया। बताते हैं कि रिटायर्ड फौजी ने बचाने की कोशिश की पर तेज रफ्तार बाइक बंदर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर फिसल गई। इससे रिटायर्ड फौजी के साथ ही बंदर की भी मौत हो गई। बताते हैं कि स्थानीय लोगों व राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को लाकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। बाद में मोबाइल व अन्य चीजों से शव की पहचान हो सकी। पुलिस ने सूचना दी तो देर रात उनके परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
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दिल्ली पुलिस में दरोगा पद पर हो गया था चयन
देर रात जिला अस्पताल में पहुंचे पिता लालराम ने शव की पहचान की। बताया कि वह लोग उझानी क्षेत्र के गांव नसरुल्लापुर के मूल निवासी हैं। धीरेंद्र उनके चार बेटों में तीसरे नंबर के थे। वह फौज से रिटायरमेंट लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हाल ही में उनका चयन दिल्ली पुलिस में दरोगा पद पर हुआ था। उनकी पत्नी सरिता है। दो जुड़वा बच्चे भी हैं। संवाद
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