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कुंवरगांव में बालिका की तालाब में डूबकर मौत
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कुंवरगांव कस्बे में नगर पंचायत अध्यक्ष के घर के सामने हंगामा करते लोग और समझाती पुलिस। संवाद
- फोटो : BADAUN
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कुंवरगांव (बदायूं)। कस्बे में शुक्रवार शाम अंडी के पत्ते तोड़ने गई पांच साल की बच्ची की तालाब में डूबकर मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवार वालों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के घर के सामने शव रखकर हंगामा किया। सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे परिवार वालों को समझाबुझाकर शांत किया। परिवार वालों का आरोप है कि पंचायत अध्यक्ष ने गड्ढा खोदवाकर डाल दिया है, जिसमें डूबकर बच्ची की मौत हो गई।
कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी जसपाल पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं। इस समय वह पंजाब में हैं। शुक्रवार शाम पांच बजे उनकी पांच वर्षीय बेटी सिमरन नाग पंचमी की पूजा को पुलिया के नजदीक तालाब किनारे से अंडी के पत्ते तोड़ने गई थी। काफी देर तक बच्ची वापस नहीं आई तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार वाले शाम सात बजे तक उसे कस्बे में खोजते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद कुछ लोग तालाब किनारे से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने तालाब में कोई बच्चा उतराता हुआ देखा। उन्हें मामला संदिग्ध लगा तो शोर मचाकर लोगों को एकत्र कर लिया। कुछ लोग तालाब में घुस गए। उन्होंने पकड़कर खींचा तो वह सिमरन थी।
सूचना पर उसके परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। वह बालिका को तुरंत एक डॉक्टर के पास ले गए लेकिन उसने देखने से मना कर दिया। इस पर परिवार वाले बालिका को जिला अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में जब उन्होंने देखा कि बालिका की सांसें नहीं चल रहीं हैं तो वह उसके शव को वापस कस्बा ले गए। फिर उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष के घर के सामने उसका शव रखकर हंगामा किया। कुछ लोगों ने गुस्सा भी प्रकट किया। सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे परिवारवालों को शांत किया। तब कहीं वह बालिका के शव को वे अपने घर ले गए। उनका आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने सोख्ता के लिए तालाब किनारे गड्ढा खोदवाया था, जिसमें पानी भर गया है। बालिका की उसी में डूबकर मौत हो गई है। परिवार वाले बच्ची के पिता का पंजाब से आने का इंतजार कर रहे हैं।
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इधर, नगर पंचायत कुंवरगांव की चेयरमैन शीतल गुप्ता ने बताया कि बच्ची तालाब में डूबकर मरी है। हमें भी इसका अफसोस है पर इसमें नगर पंचायत की कोई गलती नहीं है। यह एक हादसा ही है। संवाद
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कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी जसपाल पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं। इस समय वह पंजाब में हैं। शुक्रवार शाम पांच बजे उनकी पांच वर्षीय बेटी सिमरन नाग पंचमी की पूजा को पुलिया के नजदीक तालाब किनारे से अंडी के पत्ते तोड़ने गई थी। काफी देर तक बच्ची वापस नहीं आई तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार वाले शाम सात बजे तक उसे कस्बे में खोजते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद कुछ लोग तालाब किनारे से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने तालाब में कोई बच्चा उतराता हुआ देखा। उन्हें मामला संदिग्ध लगा तो शोर मचाकर लोगों को एकत्र कर लिया। कुछ लोग तालाब में घुस गए। उन्होंने पकड़कर खींचा तो वह सिमरन थी।
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सूचना पर उसके परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। वह बालिका को तुरंत एक डॉक्टर के पास ले गए लेकिन उसने देखने से मना कर दिया। इस पर परिवार वाले बालिका को जिला अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में जब उन्होंने देखा कि बालिका की सांसें नहीं चल रहीं हैं तो वह उसके शव को वापस कस्बा ले गए। फिर उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष के घर के सामने उसका शव रखकर हंगामा किया। कुछ लोगों ने गुस्सा भी प्रकट किया। सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे परिवारवालों को शांत किया। तब कहीं वह बालिका के शव को वे अपने घर ले गए। उनका आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने सोख्ता के लिए तालाब किनारे गड्ढा खोदवाया था, जिसमें पानी भर गया है। बालिका की उसी में डूबकर मौत हो गई है। परिवार वाले बच्ची के पिता का पंजाब से आने का इंतजार कर रहे हैं।
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इधर, नगर पंचायत कुंवरगांव की चेयरमैन शीतल गुप्ता ने बताया कि बच्ची तालाब में डूबकर मरी है। हमें भी इसका अफसोस है पर इसमें नगर पंचायत की कोई गलती नहीं है। यह एक हादसा ही है। संवाद