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आबिद पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
ब्यूरो/बदायूं
Updated Thu, 27 Oct 2016 11:37 PM IST
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अपहरण और फिरौती के मामले में सपा से निष्कासित शहर विधायक आबिद रजा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे और एफआईआर रद करने की मांग खारिज कर दी है। हाईकोर्ट से झटका मिलने के बाद विधायक और उनके पीए पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा है।
बिनावर थाने के गांव कुतुबपुर थरा निवासी निहालउद्दीन ने सदर कोतवाली में सात अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी ने उसके बेटे पप्पू को अगवा कर लिया। आरोप लगाया था कि पप्पू को छोड़ने के बदले उससे 25 लाख रुपये फिरौती वसूली। इसमें 20 लाख रुपये विधायक आबिद रजा ने और पांच लाख रुपये अजहर ने लिए। कोतवाली पुलिस ने एसपी सिटी अनिल यादव के आदेश पर सदर विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आबिद रजा की ओर से अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में अर्जी दी। श्रीवास्तव ने विधायक और उनके पीए की गिरफ्तारी पर स्टे के साथ एफआईआर रद् करने की मांग की थी।
इधर, पप्पू की ओर से अधिवक्ता रवि त्रिपाठी ने गिरफ्तारी पर स्टे का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश कोर्ट नंबर 36 ने विधायक आबिद रजा और उनके पीए की गिरफ्तारी पर स्टे के साथ एफआईआर रद् करने से इंकार कर दिया है। इस मामले में जब विधायक आबिद रजा से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
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यह माननीय न्यायालय का मामला है। कोर्ट का आदेश सर्वमान्य है। विधायक और उनके पीए के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पड़ताल चल रही है। न्यायिक प्रक्रिया में सभी बराबर हैं।
-अनिल यादव, एसपी सिटी
प्रतिवादी पक्ष की मांग को न्यायाधीश ने खारिज कर दिया है। कोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे पीड़ितों का भरोसा न्याय व्यवस्था पर और कायम होगा।
-एपी तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, हाईकोर्ट
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बिनावर थाने के गांव कुतुबपुर थरा निवासी निहालउद्दीन ने सदर कोतवाली में सात अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी ने उसके बेटे पप्पू को अगवा कर लिया। आरोप लगाया था कि पप्पू को छोड़ने के बदले उससे 25 लाख रुपये फिरौती वसूली। इसमें 20 लाख रुपये विधायक आबिद रजा ने और पांच लाख रुपये अजहर ने लिए। कोतवाली पुलिस ने एसपी सिटी अनिल यादव के आदेश पर सदर विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आबिद रजा की ओर से अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में अर्जी दी। श्रीवास्तव ने विधायक और उनके पीए की गिरफ्तारी पर स्टे के साथ एफआईआर रद् करने की मांग की थी।
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इधर, पप्पू की ओर से अधिवक्ता रवि त्रिपाठी ने गिरफ्तारी पर स्टे का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश कोर्ट नंबर 36 ने विधायक आबिद रजा और उनके पीए की गिरफ्तारी पर स्टे के साथ एफआईआर रद् करने से इंकार कर दिया है। इस मामले में जब विधायक आबिद रजा से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
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यह माननीय न्यायालय का मामला है। कोर्ट का आदेश सर्वमान्य है। विधायक और उनके पीए के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पड़ताल चल रही है। न्यायिक प्रक्रिया में सभी बराबर हैं।
-अनिल यादव, एसपी सिटी
प्रतिवादी पक्ष की मांग को न्यायाधीश ने खारिज कर दिया है। कोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे पीड़ितों का भरोसा न्याय व्यवस्था पर और कायम होगा।
-एपी तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, हाईकोर्ट