फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   A potato can not be sold in 15 days, the purchase center can be closed

15 दिन में एक आलू न बिका, बंद हो सकता है क्रय केंद्र

Thu, 27 Apr 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Thu, 27 Apr 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
A potato can not be sold in 15 days, the purchase center can be closed
आलू क्रय केंद्र - फोटो : अमर उजाला
 मानक कड़े और रेट बाजार से कम होने के चलते नहीं हुई सरकारी खरीद 
विज्ञापन

प्रदेश सरकार के आदेश पर किसानों के आलू खरीदने के लिए 12 अप्रैल को खोले गए आलू क्रय केंद्र पर पखवाड़े भर में एक किलो आलू भी नहीं खरीदा जा सका। इसकी प्रमुख वजह यह रही कि सरकार ने आलू खरीदने के मानक तो कड़े रखे लेकिन रेट बाजार से कम तय किए। नतीजा यह कि अब क्रय केंद्र जल्द से जल्द बंद किया जा सकता है। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत प्रदेश के आलू किसानों को राहत देने के लिए कई जिलों में आलू क्रय केंद्र खुलवाए थे। इनमें बदायूं भी शामिल किया गया, क्योंकि यह प्रदेश के अच्छे आलू उत्पादक जिलों में है। शहर के श्यामनगर स्थित एक कोल्ड स्टोर पर 12 अप्रैल को आलू क्रय केंद्र उद्यान विभाग के उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सहकारी विपणन संघ की ओर से खोला गया था। इस पर  किसानों के आलू का 487 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीदने का प्रावधान किया गया और कुछ मानक तय किए गए। मानक के मुताबिक, आलू 30 से 50 एमएम साइज का होना चाहिए। वह पूरी तरह से रोग मुक्त और गैर अंकुरित हो। हरा, कटा, फटा और टेड़ा न हो। 15 दिन में केंद्र पर डेढ़ सौ से ज्यादा किसान अपना आलू बेचने के लिए पहुंचे पर मानक की जांच में उनका आलू फेल हो गया। किसी का आलू साइज के मानक पर फिट नहीं बैठा तो कोई टेड़ा था और काफी अंकुरित आलू बेचने को लाया गया।
विज्ञापन

 केंद्र पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सहकारी विपणन संघ के लखनऊ से आए विपणन अधिकारी राजीव द्विवेदी और उद्यान विभाग के कर्मचारी मनोहर की ड्यूटी लगाई गई। वे बताते हैं कि शासन ने जो मानक तय किए उसी के मुताबिक आलू क्रय करने के निर्देश हैं। वहीं, किसान शफीक और राजपाल का कहना है कि सरकार से आलू का मानक उचित नहीं है। वैसे भी, मार्केट में पांच सौ रुपये से ज्यादा रुपये प्रति कुंतल आलू खरीदा जा रहा है और उसमें कोई मानक का प्रावधान नहीं है। इसलिए सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने का कोई मतलब नहीं बनता। उधर, सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि क्रय केंद्र पर आलू बेचने के बाद किसान का पैसा नकद न देकर उसके खाते में भेजा जाएगा। इसलिए भी यह केंद्र किसानों को रास नहीं आ रहा है। अब तक कोई खरीद न होने की वजह से अफसरों ने पूरी स्थित से लखनऊ मुख्यालय को अवगत करा दिया है। ऐसे में, जल्द ही आलू क्रय केंद्र बंद होने की स्थिति है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
क्रय केंद्र पर मानक के मुताबिक ही आलू खरीदने का प्रावधान है। इसलिए कोई किसान अभी तक बेचने को तैयार नहीं हुआ है। पूरी स्थिति से मुख्यालय को अवगत करा दिया है। वहां से केंद्र को लेकर निर्देश का इंतजार है।
-आरएन वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed