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Budaun News: जमीन के बंटवारे से आहत राजमिस्त्री ने ट्रेन से कटकर दी जान
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अभिलाख।फाइल फोटो
बिनावर। थानाक्षेत्र में सोमवार देर रात बरेली-कासगंज रेलमार्ग पर करतोली हॉल्ट के पास एक राजमिस्त्री ने जमीन के बंटवारे से आहत होकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। देर रात ही जीआरपी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने राजमिस्त्री का शव पोस्टमॉर्टम को भेजा है। राजमिस्त्री की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
गांव तकीपुर निवासी अभिलाख (30) पुत्र पृथ्वीराज राजमिस्त्री का कार्य करके परिवार का पालन पोषण करते थे। वह सात भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह गांव वजीरगंज क्षेत्र के गांव हुसैपुर नगला निवासी बहन के यहां पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। अपने गांव कभी कभार ही जाते थे। परिजनों ने बताया कि 15 दिन पूर्व अभिलाख का सगे भाइयों से खेत व मकान के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान मारपीट भी हुई थी। अभिलाख की एक भाभी ने उनपर मारपीट का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की थी। अभिलाख ने भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है पुलिस उल्टा उनपर ही फैसले का दबाव बना रहीं थी। इससे राजमिस्त्री अवसाद में आ गए थे।
सोमवार रात वह घर से टहलने की बात कहकर निकले, लेकिन नहीं लौटे। परिजनों ने देर रात तक उनकी तलाश की, मगर उनका कोई सुराग नहीं लगा। रात डेढ़ बजे करीब अभिलाख का शव कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर करतोली हॉल्ट के पास मिला। जीआरपी ने ट्रेन के चालक की जानकारी पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अभिलाख की दो बेटी व एक बेटा है। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। बिनावर इंस्पेक्टर अशोक कुमार कंबोज ने बताया कि राजमिस्त्री ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। राजमिस्त्री का भाइयों से जमीन का विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की थी।
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गांव तकीपुर निवासी अभिलाख (30) पुत्र पृथ्वीराज राजमिस्त्री का कार्य करके परिवार का पालन पोषण करते थे। वह सात भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह गांव वजीरगंज क्षेत्र के गांव हुसैपुर नगला निवासी बहन के यहां पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। अपने गांव कभी कभार ही जाते थे। परिजनों ने बताया कि 15 दिन पूर्व अभिलाख का सगे भाइयों से खेत व मकान के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान मारपीट भी हुई थी। अभिलाख की एक भाभी ने उनपर मारपीट का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की थी। अभिलाख ने भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है पुलिस उल्टा उनपर ही फैसले का दबाव बना रहीं थी। इससे राजमिस्त्री अवसाद में आ गए थे।
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सोमवार रात वह घर से टहलने की बात कहकर निकले, लेकिन नहीं लौटे। परिजनों ने देर रात तक उनकी तलाश की, मगर उनका कोई सुराग नहीं लगा। रात डेढ़ बजे करीब अभिलाख का शव कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर करतोली हॉल्ट के पास मिला। जीआरपी ने ट्रेन के चालक की जानकारी पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अभिलाख की दो बेटी व एक बेटा है। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। बिनावर इंस्पेक्टर अशोक कुमार कंबोज ने बताया कि राजमिस्त्री ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। राजमिस्त्री का भाइयों से जमीन का विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की थी।
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