{"_id":"65bd5233ebf094fa96056039","slug":"a-local-leader-was-also-involved-in-trying-to-reach-a-compromise-badaun-news-c-123-1-sbly1004-112701-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: समझौता कराने की कोशिश में एक स्थानीय नेता भी शामिल रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: समझौता कराने की कोशिश में एक स्थानीय नेता भी शामिल रहा
विज्ञापन
रिश्वत लेते पकड़े गए चौकी इंचार्ज का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जरीफनगर इलाके में रिश्वत लेते पकड़े गए चौकी इंचार्ज और आरोपियों के बीच समझौता कराने की एक स्थानीय नेता भी कोशिश कर रहा था। उसने कई बार चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर से संपर्क किया था लेकिन इंस्पेक्टर ने उसे तवज्जो नहीं दी। तब तक एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज और दलाल ऋषिपाल को दबोच लिया और दूसरे दिन उन्हें जेल भेज दिया गया।
सोमवार को दहगवां चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह और समसपुर कूबरी निवासी दलाल ऋषिपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। दरअसल देवेंद्र सिंह एक मारपीट के मामले में एफआर लगाने के 50 हजार रुपये मांग रहा था। उसके दबाव में आकर मारपीट का आरोपी देवेंद्र सिंह उसे 20 हजार रुपये देने आया लेकिन इससे पहले उसने एंटी करप्शन टीम को सूचना दे दी।
जैसे ही उसने चौकी इंचार्ज को रुपये पकड़ाए तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया और दलाल को भी पकड़ लिया। मंगलवार को उन्हें जेल भेज दिया गया था। जब चौकी इंचार्ज के कमरे की तलाशी ली गई थी तो उसके बैग से 32 हजार रुपये और निकले थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में चौकी इंचार्ज और आरोपियों के बीच समझौता कराने वाला केवल ऋषिपाल ही नहीं था। एक स्थानीय नेता भी लगातार सिफारिश कर रहा था। कभी वह खुद कॉल करता था तो कभी अपने कार चालक से कॉल करवाता था।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक स्थानीय नेता ने चौकी इंचार्ज को एफआर लगाने के लिए लालच भी दिया। चौकी इंचार्ज मान गया था। हालांकि चौकी इंचार्ज ने जितने रुपये बताए थे, उससे ज्यादा स्थानीय नेता ने आरोपियों को बताए थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नेता भी बीच में रुपये बटोरने की कोशिश में था लेकिन चौकी इंचार्ज और ऋषिपाल के पकड़े जाने से उसका खेल बिगड़ गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जरीफनगर इलाके में रिश्वत लेते पकड़े गए चौकी इंचार्ज और आरोपियों के बीच समझौता कराने की एक स्थानीय नेता भी कोशिश कर रहा था। उसने कई बार चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर से संपर्क किया था लेकिन इंस्पेक्टर ने उसे तवज्जो नहीं दी। तब तक एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज और दलाल ऋषिपाल को दबोच लिया और दूसरे दिन उन्हें जेल भेज दिया गया।
सोमवार को दहगवां चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह और समसपुर कूबरी निवासी दलाल ऋषिपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। दरअसल देवेंद्र सिंह एक मारपीट के मामले में एफआर लगाने के 50 हजार रुपये मांग रहा था। उसके दबाव में आकर मारपीट का आरोपी देवेंद्र सिंह उसे 20 हजार रुपये देने आया लेकिन इससे पहले उसने एंटी करप्शन टीम को सूचना दे दी।
विज्ञापन
जैसे ही उसने चौकी इंचार्ज को रुपये पकड़ाए तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया और दलाल को भी पकड़ लिया। मंगलवार को उन्हें जेल भेज दिया गया था। जब चौकी इंचार्ज के कमरे की तलाशी ली गई थी तो उसके बैग से 32 हजार रुपये और निकले थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में चौकी इंचार्ज और आरोपियों के बीच समझौता कराने वाला केवल ऋषिपाल ही नहीं था। एक स्थानीय नेता भी लगातार सिफारिश कर रहा था। कभी वह खुद कॉल करता था तो कभी अपने कार चालक से कॉल करवाता था।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक स्थानीय नेता ने चौकी इंचार्ज को एफआर लगाने के लिए लालच भी दिया। चौकी इंचार्ज मान गया था। हालांकि चौकी इंचार्ज ने जितने रुपये बताए थे, उससे ज्यादा स्थानीय नेता ने आरोपियों को बताए थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नेता भी बीच में रुपये बटोरने की कोशिश में था लेकिन चौकी इंचार्ज और ऋषिपाल के पकड़े जाने से उसका खेल बिगड़ गया।