{"_id":"60087ccf8ebc3e32ae3943dd","slug":"a-freight-train-could-not-leave-bangladesh-for-the-second-day-with-wheat-from-the-light-badaun-news-bly4344938187","type":"story","status":"publish","title_hn":"उझानी से गेहूं लेकर दूसरे दिन भी बांग्लादेश रवाना नहीं हो सकी मालगाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उझानी से गेहूं लेकर दूसरे दिन भी बांग्लादेश रवाना नहीं हो सकी मालगाड़ी
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। उझानी रेलवे स्टेशन से 24.30 मीट्रिक टन गेहूं लेकर बांग्लादेश जाने वाली मालगाड़ी मंगलवार दूसरे दिन भी रवाना नहीं हो सकी। लोड होने के बाद इज्जतनगर रेल मंडल ने मालगाड़ी को उझानी स्टेशन पर खड़ा करा दिया है। इसमें जोड़े गए इलेक्ट्रिक इंजन को कासगंज लौटा दिया गया है। यह मालगाड़ी कब रवाना होगी यह अभी तय नहीं हुआ है।
पिछले दिनों बरेली की जगदीश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड फर्म और बांग्लादेश की एक कंपनी के बीच गेहूं सप्लाई करने को लेकर करार हुआ था। बरेली की फर्म ने उझानी के गल्ला व्यापारियों के जरिये मंगलवार अपराह्न तक 42 बोगी वाली रैक में 24.30 मीट्रिक टन गेहूं लोड किया गया था। लोडिंग के लिए रेलवे की ओर से जो समय निर्धारित किया गया था, उस समय सीमा तक गेहूं लोड नहीं हो पाया था। लोडिंग में 32 घंटे का समय ज्यादा लग गया। इस पर रेलवे ने बरेली की फर्म जगदीश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड पर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद रैक मंगलवार रात करीब 10 बजे बंग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होने थी। इस मालगाड़ी में जोड़ने के लिए कासगंज से इलेक्ट्रिक इंजन उझानी स्टेशन मंगा लिया गया था। इसके बाद मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ा लिया गया। उसी दौरान इज्जतनगर रेल मंडल से स्टेशन अधीक्षक के नाम एक मैसेज पहुंचा, जिसमें मालगाड़ी को अग्रिम आदेश तक उझानी स्टेशन पर रोक दिया गया। उससे इलेक्ट्रिक इंजन को अलग करके कासगंज लौटा दिया गया।
गेहूं लदी रैक रोके जाने के बारे में फर्म से जुड़े व्यापारियों ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। स्टेशन अधीक्षक को भी इसकी कोई वजह नहीं बताई गई है यह चर्चा जरूर है कि रैक लोडिंग में हुई देरी की वजह से मालगाड़ी बांग्लादेश समय पर नहीं पहुंच पाती। इसके लिए भारतीय और बांग्लादेश रेलवे के बीच जो करार हुआ है, समय को लेकर उसी से दिक्कत आई है।
विज्ञापन
बता दें कि रैक में गेहूं लोड कराने के लिए फर्म के मालिक से रेलवे का 55 लाख रुपये में सौदा हुआ है। इसके लिए मालगाड़ी 17 जनवरी को यहां पहुंची थी। इधर, रैक रोके जाने के बाद रेलवे ने मंगलवार रात में इलेक्ट्रिक इंजन को कासगंज मंगा लिया था।
उझानी स्टेशन से अभी और लोड होंगी अनाज की रैक
रेलवे कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार बरेली की फर्म और बांग्लादेश की एक कंपनी के जरिये गेहूं की करीब एक दर्जन रैक उझानी से भेजी जानी हैं। इसके लिए जरूरी कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है। मंगलवार को बांग्लादेश रवाना होने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की रैक पहली है। स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि रैक कब-कब लोड होगी, इसका कोई मैसेज अभी स्टेशन पर नहीं आया है। खाद की रैक तो यहां पहले से ही अनलोड होती रही हैं।
बरेली की फर्म की देखरेख में बांग्लादेश भेजे जाने को गेहूं की जो रैक मंगलवार रात करीब 10 बजे रवाना होनी थी, उसे फिलहाल यहीं स्टेशन पर रोक दिया गया है। रैक रोके जाने का आदेश देर रात आया था। माल अनुभाग की ओर से कोई अड़चन नहीं रही।
- आलोक गिरि गोस्वामी, माल अधीक्षक
विज्ञापन
पिछले दिनों बरेली की जगदीश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड फर्म और बांग्लादेश की एक कंपनी के बीच गेहूं सप्लाई करने को लेकर करार हुआ था। बरेली की फर्म ने उझानी के गल्ला व्यापारियों के जरिये मंगलवार अपराह्न तक 42 बोगी वाली रैक में 24.30 मीट्रिक टन गेहूं लोड किया गया था। लोडिंग के लिए रेलवे की ओर से जो समय निर्धारित किया गया था, उस समय सीमा तक गेहूं लोड नहीं हो पाया था। लोडिंग में 32 घंटे का समय ज्यादा लग गया। इस पर रेलवे ने बरेली की फर्म जगदीश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड पर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद रैक मंगलवार रात करीब 10 बजे बंग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होने थी। इस मालगाड़ी में जोड़ने के लिए कासगंज से इलेक्ट्रिक इंजन उझानी स्टेशन मंगा लिया गया था। इसके बाद मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ा लिया गया। उसी दौरान इज्जतनगर रेल मंडल से स्टेशन अधीक्षक के नाम एक मैसेज पहुंचा, जिसमें मालगाड़ी को अग्रिम आदेश तक उझानी स्टेशन पर रोक दिया गया। उससे इलेक्ट्रिक इंजन को अलग करके कासगंज लौटा दिया गया।
विज्ञापन
गेहूं लदी रैक रोके जाने के बारे में फर्म से जुड़े व्यापारियों ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। स्टेशन अधीक्षक को भी इसकी कोई वजह नहीं बताई गई है यह चर्चा जरूर है कि रैक लोडिंग में हुई देरी की वजह से मालगाड़ी बांग्लादेश समय पर नहीं पहुंच पाती। इसके लिए भारतीय और बांग्लादेश रेलवे के बीच जो करार हुआ है, समय को लेकर उसी से दिक्कत आई है।
विज्ञापन
बता दें कि रैक में गेहूं लोड कराने के लिए फर्म के मालिक से रेलवे का 55 लाख रुपये में सौदा हुआ है। इसके लिए मालगाड़ी 17 जनवरी को यहां पहुंची थी। इधर, रैक रोके जाने के बाद रेलवे ने मंगलवार रात में इलेक्ट्रिक इंजन को कासगंज मंगा लिया था।
उझानी स्टेशन से अभी और लोड होंगी अनाज की रैक
रेलवे कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार बरेली की फर्म और बांग्लादेश की एक कंपनी के जरिये गेहूं की करीब एक दर्जन रैक उझानी से भेजी जानी हैं। इसके लिए जरूरी कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है। मंगलवार को बांग्लादेश रवाना होने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की रैक पहली है। स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि रैक कब-कब लोड होगी, इसका कोई मैसेज अभी स्टेशन पर नहीं आया है। खाद की रैक तो यहां पहले से ही अनलोड होती रही हैं।
बरेली की फर्म की देखरेख में बांग्लादेश भेजे जाने को गेहूं की जो रैक मंगलवार रात करीब 10 बजे रवाना होनी थी, उसे फिलहाल यहीं स्टेशन पर रोक दिया गया है। रैक रोके जाने का आदेश देर रात आया था। माल अनुभाग की ओर से कोई अड़चन नहीं रही।
- आलोक गिरि गोस्वामी, माल अधीक्षक