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‘चौखट पर आकर बाबा की, पूरी हो गई हर मुराद’
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उझानी (बदायूं)। दरगाह हजरत सैय्यद भूड़ वाले बाबा के सालाना उर्स का शुक्रवार तड़के कुल की रस्म अदायगी के साथ समापन हो गया। उर्स में जायरीन ने जोश-खरोश के साथ हिस्सा लेकर चादरपोशी भी की। कव्वाली के जवाबी मुकाबले ने धूम मचा दी। कव्वाल शाहिद मौलाई की पेशकश चौखट पर आकर बाबा की, पूरी हो गई हर मुराद को सुन जायरीन वाह-वाह कर उठे।
कछला रोड स्थित भूड़ वाले बाबा की दरगाह पर उर्स का आगाज तीन दिन पहले हुआ था। कुल की रस्म अदायगी के दौरान कव्वाली के जवाबी मुकाबले में कव्वाल देवेंद्र सिंह और छोटे महताब साबरी ने अपने अंदाज से अकीदतमंदों को भाव विभोर दिया। ‘अल्लाह की जानता है कौन बशर है’ को सुनाकर देवेंद्र सिंह को तालियां मिलीं। साजिद सुल्तानी ने नाचूंगी गूलर तले सुनाया तो लोग झूम उठे। उन्होंने अपने मुंह से घुंघरू की आवाज निकालकर लोगों को हैरत में डाल दिया।
उर्स का आगाज कुरानख्वानी से हुआ, जिसमें मदरसों के बच्चों के साथ ही मस्जिदों के इमामों ने कुरआन पढ़ा। महफिले ईद मिलादुन्नबी भी सजी। आलिमों ने तकरीरें कर मुल्क व कौम की सलामती की दुआ की। कव्वाली के जवाबी मुकाबले में देवेंद्र सिंह को विजेता घोषित किया गया। बच्चों ने मनोरंजन और तमाशे का लुत्फ उठाया। मोहम्मद जमील अल्वी की देखरेख में तड़के तबर्रुक तकसीम हुआ। इस मौके पर असलम शेख, मोहम्मद जमील अल्वी, असलम, नवी शेर, शाकूब, ताहिर हुसैन, खलील अहमद, राशिद खांन, गुड्डू अंसारी, मोहम्मद आरिफ खां, शकील, बाबू मियां अल्वी आदि मौजूद थे।
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कछला रोड स्थित भूड़ वाले बाबा की दरगाह पर उर्स का आगाज तीन दिन पहले हुआ था। कुल की रस्म अदायगी के दौरान कव्वाली के जवाबी मुकाबले में कव्वाल देवेंद्र सिंह और छोटे महताब साबरी ने अपने अंदाज से अकीदतमंदों को भाव विभोर दिया। ‘अल्लाह की जानता है कौन बशर है’ को सुनाकर देवेंद्र सिंह को तालियां मिलीं। साजिद सुल्तानी ने नाचूंगी गूलर तले सुनाया तो लोग झूम उठे। उन्होंने अपने मुंह से घुंघरू की आवाज निकालकर लोगों को हैरत में डाल दिया।
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उर्स का आगाज कुरानख्वानी से हुआ, जिसमें मदरसों के बच्चों के साथ ही मस्जिदों के इमामों ने कुरआन पढ़ा। महफिले ईद मिलादुन्नबी भी सजी। आलिमों ने तकरीरें कर मुल्क व कौम की सलामती की दुआ की। कव्वाली के जवाबी मुकाबले में देवेंद्र सिंह को विजेता घोषित किया गया। बच्चों ने मनोरंजन और तमाशे का लुत्फ उठाया। मोहम्मद जमील अल्वी की देखरेख में तड़के तबर्रुक तकसीम हुआ। इस मौके पर असलम शेख, मोहम्मद जमील अल्वी, असलम, नवी शेर, शाकूब, ताहिर हुसैन, खलील अहमद, राशिद खांन, गुड्डू अंसारी, मोहम्मद आरिफ खां, शकील, बाबू मियां अल्वी आदि मौजूद थे।
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