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Budaun News: महिला अस्पताल की ओपीडी में 90 फीसदी बच्चे खांसी से आए परेशान
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महिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चे को देखते डॉक्टर। संवाद
बदायूं। मौसम बदलने के साथ ही बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चों में निमोनिया व डायरिया के साथ खांसी हो रही है। डॉक्टर ओपीडी में बैठकर दवा के साथ ही बचाव की सलाह दे रहे हैं। शनिवार को महिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 150 बच्चे पहुंचे, इनमें लगभग 135 बच्चे खांसी से परेशान थे। बाकी बच्चों को निमोनिया व डायरिया की शिकायत रही।
दिन में गर्मी, रात को ठंड और पछुआ हवा बच्चों को बीमार कर रही है। खासकर पांच वर्ष तक के बच्चों को खांसी जकड़ रही है। साथ ही बुखार का शिकार भी हो रहे हैं। शनिवार को जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे करीब 150 बच्चों में से 135 बच्चे खांसी व बुखार के सामने आए।
सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा का कहना है कि इस मौसम में बच्चे ही नहीं, बल्कि लापरवाही करने वाले बड़े लोग भी बीमार हो रहे हैं। दिन में धूप होने पर कपड़ों को लोग अक्सर उतार देते हैं। उस समय चल रही हवा शरीर में प्रवेश कर जाती है और बीमारी का कारण बन जा रही है। सही देख-रेख न होने के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया हो रहा है। बच्चों की संख्या अधिक रही। तीन बच्चों को गंभीर हालत देखते हुए एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण बच्चे सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है।
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दिन में गर्मी, रात को ठंड और पछुआ हवा बच्चों को बीमार कर रही है। खासकर पांच वर्ष तक के बच्चों को खांसी जकड़ रही है। साथ ही बुखार का शिकार भी हो रहे हैं। शनिवार को जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे करीब 150 बच्चों में से 135 बच्चे खांसी व बुखार के सामने आए।
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सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा का कहना है कि इस मौसम में बच्चे ही नहीं, बल्कि लापरवाही करने वाले बड़े लोग भी बीमार हो रहे हैं। दिन में धूप होने पर कपड़ों को लोग अक्सर उतार देते हैं। उस समय चल रही हवा शरीर में प्रवेश कर जाती है और बीमारी का कारण बन जा रही है। सही देख-रेख न होने के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया हो रहा है। बच्चों की संख्या अधिक रही। तीन बच्चों को गंभीर हालत देखते हुए एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण बच्चे सर्दी, जुकाम के साथ निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है।