{"_id":"5cdefedebdec2207567121f2","slug":"81558118110-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा नहाते समय किशोर की डूबकर मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा नहाते समय किशोर की डूबकर मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी। कछला में गंगा नहाते समय शुक्रवार को एक किशोर बह गया। बचाव के लिए वह चिल्लाया तो गोताखोर भी कूद पड़े, लेकिन पलक झपकते ही वह आंखों से ओझल हो गया। करीब एक घंटा की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे बाहर तो निकल लिया, लेकिन तब उसकी मौत हो चुकी थी।
सचिन (17) कछला के वार्ड नंबर-चार निवासी धर्मपाल वाल्मीकि का बेटा था। शुक्रवार दोपहर बाद वह नहाने के लिए पुल के पास चला गया। नहाते समय उसका पैर गहरे में चला गया। बचाव के लिए सचिन चीखा भी, लेकिन देखते ही देखते वह बहता चला गया। उसकी आवाज पर गोताखोर नाव से गंगा में कूद पड़े। गोताखोरों को वह करीब एक घंटा बाद घाट से पूरब दिशा में करीब पांच सौ मीटर दूर मिला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की भनक लगते ही सचिन के परिजन भी रोते-बिलखते घाट पर पहुंच गए। परिजनों की मानें तो वह तैराक भी था लेकिन वह बच नहीं पाया। घरवालों ने पुलिस कार्रवाई से भी इंकार कर दिया है। उधर, घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि सचिन नहाने के लिए पुल के पास जिस स्थान पर गया, वहां जलस्तर में गहराई भी अधिक है। पिछले कई दिनों से पानी का बहाव भी तेज है।
विज्ञापन
सचिन (17) कछला के वार्ड नंबर-चार निवासी धर्मपाल वाल्मीकि का बेटा था। शुक्रवार दोपहर बाद वह नहाने के लिए पुल के पास चला गया। नहाते समय उसका पैर गहरे में चला गया। बचाव के लिए सचिन चीखा भी, लेकिन देखते ही देखते वह बहता चला गया। उसकी आवाज पर गोताखोर नाव से गंगा में कूद पड़े। गोताखोरों को वह करीब एक घंटा बाद घाट से पूरब दिशा में करीब पांच सौ मीटर दूर मिला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की भनक लगते ही सचिन के परिजन भी रोते-बिलखते घाट पर पहुंच गए। परिजनों की मानें तो वह तैराक भी था लेकिन वह बच नहीं पाया। घरवालों ने पुलिस कार्रवाई से भी इंकार कर दिया है। उधर, घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि सचिन नहाने के लिए पुल के पास जिस स्थान पर गया, वहां जलस्तर में गहराई भी अधिक है। पिछले कई दिनों से पानी का बहाव भी तेज है।
विज्ञापन