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स्कूल वाले नहीं माफिया बांट रहे यूनिफार्म !
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:49 PM IST
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मुख्यमंत्री हर काम में पूरी पारदर्शिता लाना चाहते हैं, ताकि जिसका हक है उसे पूरा मिले। मगर शिक्षा विभाग में अंदर तक पैठ बना चुके माफिया सीएम की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। शासनादेश के अनुसार अबकी बार विद्यालय समिति को खुद यूनिफार्म बनवाकर बच्चों को बांटनी थी। मगर सांठगांठ करके यह काम माफिया ने जबरन अपने हाथ में ले लिया। यही वजह है कि सीएम के आदेेश के खिलाफ माफिया खुद स्कूलों में यूनिफार्म पहुंचा रहे हैं। उधर, इस संबंध में सबकुछ जानते हुए भी अधिकारियों ने आंखें मूंद ली हैं।
मुख्यमंत्री ने परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म से लेकर बैग, जूते-मौजे तक की मुफ्त व्यवस्था कराई है। साथ ही इसके वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन यूनिफार्म वितरण का समय आते ही शिक्षा माफिया सक्रिय हो गए हैं। हालात यह है कि माफिया ने विधानसभवार क्षेत्र का चुनाव कर लिया है, ताकि आपस में किसी भी प्रकार का कोई टकराव न हो। इसी के तहत सभी नियम-कानून को दरकिनार कर यूनिफार्म का वितरण किया जा रहा है। यूनिफार्म भी मनमाफिक बनवाई जा रही है। जब यह बात सांसद धर्मेंद्र यादव तक पहुंची तो उन्होंने यह मुद्दा अभी हाल ही में हुई दिशा की बैठक में भी उठाया। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म की गुणवत्ता बेहद ही घटिया है। उन्होंने बीएसए को इसे सही कराने के निर्देश भी दिए।
महिला समूहों को भी नहीं मिल पाया काम
प्रदेश सरकार महिलाओं को लेकर बेहद सजग है। उनके सशक्तीकरण पर लगातार जोर दे रही है। वह कई योजनाओं को संचालित कर रही है ताकि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके लिए शासन की ओर से आदेेश जारी हुआ था जिसमें सरकार ने यूनिफार्म को गांवों की महिला समूह से सिलवाने के निर्देश दिए थे। मगर ऐसा नहीं हो सका, यूनिफार्म सिलने का काम महिला समूहों को नहीं मिला।
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जिले को मिला 6.44 करोड़ का बजट
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म मुहैया कराने के लिए पहली किस्त के रूप में छह करोड़ 44 लाख रुपये जारी किए गए। जो कि यूनीफार्म के लिए मिलने वाली कुल धनराशि का 50 प्रतिशत है। बाद में यह राशि विद्यालयों के एसएमसी के खातों में भेजी गई। अब माफिया यूनिफार्म बांटने के बाद भुगतान पर जोर दे रहे हैं तो कुछ विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों से साफ कहा जा रहा है कि यूनिफार्म का मूल्य तो हम ले ही लेंगे।
जिले में यूनिफार्म को लेकर स्थिति काफी खराब है। शिक्षकों पर बेवजह का दबाव बनाकर बांटने के लिए यूनिफार्म लेने पर मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक किसी के दबाव में नहीं आएं। कहीं संघ की जरूरत है, तुरंत बताएं। शिक्षक उन माफिया का वीडियो बनाकर भी दे सकते हैं। मैं अपने स्तर से इस लड़ाई को लड़ूंगा। - संजीव शर्मा, अध्यक्ष जगत, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ
शासनादेश के अनुरूप बच्चों को यूनिफार्म बांटी जा रही है। सभी यूनिफार्म गुणवत्ता पूर्वक वितरित की जा रही हैं। मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आयी है। कोई शिकायत आती है तो आरोपी को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
-राममूरत, प्रभारी बीएसए
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मुख्यमंत्री ने परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म से लेकर बैग, जूते-मौजे तक की मुफ्त व्यवस्था कराई है। साथ ही इसके वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन यूनिफार्म वितरण का समय आते ही शिक्षा माफिया सक्रिय हो गए हैं। हालात यह है कि माफिया ने विधानसभवार क्षेत्र का चुनाव कर लिया है, ताकि आपस में किसी भी प्रकार का कोई टकराव न हो। इसी के तहत सभी नियम-कानून को दरकिनार कर यूनिफार्म का वितरण किया जा रहा है। यूनिफार्म भी मनमाफिक बनवाई जा रही है। जब यह बात सांसद धर्मेंद्र यादव तक पहुंची तो उन्होंने यह मुद्दा अभी हाल ही में हुई दिशा की बैठक में भी उठाया। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म की गुणवत्ता बेहद ही घटिया है। उन्होंने बीएसए को इसे सही कराने के निर्देश भी दिए।
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महिला समूहों को भी नहीं मिल पाया काम
प्रदेश सरकार महिलाओं को लेकर बेहद सजग है। उनके सशक्तीकरण पर लगातार जोर दे रही है। वह कई योजनाओं को संचालित कर रही है ताकि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके लिए शासन की ओर से आदेेश जारी हुआ था जिसमें सरकार ने यूनिफार्म को गांवों की महिला समूह से सिलवाने के निर्देश दिए थे। मगर ऐसा नहीं हो सका, यूनिफार्म सिलने का काम महिला समूहों को नहीं मिला।
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जिले को मिला 6.44 करोड़ का बजट
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म मुहैया कराने के लिए पहली किस्त के रूप में छह करोड़ 44 लाख रुपये जारी किए गए। जो कि यूनीफार्म के लिए मिलने वाली कुल धनराशि का 50 प्रतिशत है। बाद में यह राशि विद्यालयों के एसएमसी के खातों में भेजी गई। अब माफिया यूनिफार्म बांटने के बाद भुगतान पर जोर दे रहे हैं तो कुछ विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों से साफ कहा जा रहा है कि यूनिफार्म का मूल्य तो हम ले ही लेंगे।
जिले में यूनिफार्म को लेकर स्थिति काफी खराब है। शिक्षकों पर बेवजह का दबाव बनाकर बांटने के लिए यूनिफार्म लेने पर मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक किसी के दबाव में नहीं आएं। कहीं संघ की जरूरत है, तुरंत बताएं। शिक्षक उन माफिया का वीडियो बनाकर भी दे सकते हैं। मैं अपने स्तर से इस लड़ाई को लड़ूंगा। - संजीव शर्मा, अध्यक्ष जगत, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ
शासनादेश के अनुरूप बच्चों को यूनिफार्म बांटी जा रही है। सभी यूनिफार्म गुणवत्ता पूर्वक वितरित की जा रही हैं। मेरे पास अभी कोई शिकायत नहीं आयी है। कोई शिकायत आती है तो आरोपी को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
-राममूरत, प्रभारी बीएसए