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‘बैंक कर्मियों की धोखाधड़ी की सजा भुगत रहा किसान’
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:58 PM IST
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किसानों की समस्याएं सुनते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। किसान दिवस में बुधवार को बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। इस मामले में सीडीओ ने एलडीएम और यूनियन बैंक अधिकारियों को तलब किया। इस दौरान गन्ना किसानों की सबसे ज्यादा समस्याएं आईं। जिला गन्ना अधिकारी को रोजाना चार से पांच केंद्र चेक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कहा कि अगर फिर भी समस्या आई तो वह खुद केंद्र का निरीक्षण करेंगे और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
बुधवार को विकास भवन सभाकक्ष में किसान दिवस आयोजित हुआ। सीडीओ शेषमणि पांडेय और जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों की शिकायतों को सुना। इसमें खेड़ा जलालपुर पुख्ता द्वितीय के किसान जयसिंह ने शिकायत की कि बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत से उसकी भूमि पर किसी दूसरे व्यक्ति के फोटोग्राफ लगाकर 9.50 लाख का ऋण निकाल लिया है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है, लेकिन बैंक अधिकारी खतौनी में अब भी कर्ज को दर्शा रहे हैं, इस कारण उसको किसी भी बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा है।
सीडीओ ने एलडीएम और यूनियन बैंक के अधिकारियों को किसान दिवस में ही तलब कर किया। साथ ही निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर पीड़ित किसान के भूमि अभिलेखों से कर्जा शून्य कराया जाए। कुंवरगांव के लक्ष्मीनारायण वार्ष्णेय ने शिकायत की कि कुंवरगांव स्थित पीएनबी के मैनेजर प्रवेश कुमार ने केसीसी ऋण के लिए सादा बाउचर्स पर हस्ताक्षर कराए और इसे प्राप्त कर लिया। इससे धोखाधड़ी की आशंका है, उसके बाउचर्स वापस कराए जाएं। ग्राम कोठा के पुरुषोत्तम कुमार ने शिकायत की। कहा कि कोठा की पीएनबी में उसने एक वर्ष पूर्व मुद्रा लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन शाखा प्रबंधक ऋण प्रतिशत तय किए बिना लोन देने को तैयार नहीं हैं। बैंकों की कई शिकायतें आने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि किसी भी दोषी के साथ कोई रियायत न बरती जाए।
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गन्ना किसानों ने भी गन्ना बेचने, तोलने और भुगतान में हो रही समस्याओं की शिकायते की। सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को निर्देश दिए कि वह रोजाना भ्रमण कर 4-6 केंद्र चेक करें। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वह स्वयं निरीक्षण के लिए निकलेंगे और कमियां मिली तो वहां मौके पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में गन्ना काश्तकारों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान दिवस में ऋण मोचन योजना से संबंधित सबसे अधिक लगभग 65 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि अन्य विभागों से संबंधित 20 शिकायतें ही प्राप्त हुईं।
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बुधवार को विकास भवन सभाकक्ष में किसान दिवस आयोजित हुआ। सीडीओ शेषमणि पांडेय और जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों की शिकायतों को सुना। इसमें खेड़ा जलालपुर पुख्ता द्वितीय के किसान जयसिंह ने शिकायत की कि बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत से उसकी भूमि पर किसी दूसरे व्यक्ति के फोटोग्राफ लगाकर 9.50 लाख का ऋण निकाल लिया है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है, लेकिन बैंक अधिकारी खतौनी में अब भी कर्ज को दर्शा रहे हैं, इस कारण उसको किसी भी बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा है।
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सीडीओ ने एलडीएम और यूनियन बैंक के अधिकारियों को किसान दिवस में ही तलब कर किया। साथ ही निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर पीड़ित किसान के भूमि अभिलेखों से कर्जा शून्य कराया जाए। कुंवरगांव के लक्ष्मीनारायण वार्ष्णेय ने शिकायत की कि कुंवरगांव स्थित पीएनबी के मैनेजर प्रवेश कुमार ने केसीसी ऋण के लिए सादा बाउचर्स पर हस्ताक्षर कराए और इसे प्राप्त कर लिया। इससे धोखाधड़ी की आशंका है, उसके बाउचर्स वापस कराए जाएं। ग्राम कोठा के पुरुषोत्तम कुमार ने शिकायत की। कहा कि कोठा की पीएनबी में उसने एक वर्ष पूर्व मुद्रा लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन शाखा प्रबंधक ऋण प्रतिशत तय किए बिना लोन देने को तैयार नहीं हैं। बैंकों की कई शिकायतें आने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि किसी भी दोषी के साथ कोई रियायत न बरती जाए।
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गन्ना किसानों ने भी गन्ना बेचने, तोलने और भुगतान में हो रही समस्याओं की शिकायते की। सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को निर्देश दिए कि वह रोजाना भ्रमण कर 4-6 केंद्र चेक करें। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वह स्वयं निरीक्षण के लिए निकलेंगे और कमियां मिली तो वहां मौके पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में गन्ना काश्तकारों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान दिवस में ऋण मोचन योजना से संबंधित सबसे अधिक लगभग 65 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि अन्य विभागों से संबंधित 20 शिकायतें ही प्राप्त हुईं।