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सात सेक्टरों में बांटी गई मेला ककोड़ा की सफाई व्यवस्था
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:00 PM IST
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मेला ककोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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कादरचौक (बदायूं)। रूहेलखंड के मिनी अर्धकुंभ मेले में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को मेला सात सेक्टर में बांटा गया है। रोजाना ही मेला परिसर मेें सफाई होगी। इसके लिए सभी सेक्टरों में सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। जो कि हर समय अपने-अपने सेक्टर में जायजा लेते रहेंगे। <तंबुओं का शहर दिनों दिन बस रहा है। जिला पंचायत प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने बुधवार को मेला परिसर का जायजा लिया। बताया कि मेले में कहीं पर गंदगी न हो इसके लिए सात सेक्टर में उसे विभाजित किया गया है। सभी सेक्टर में सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते रहेंगे। यहां बता दें कि मेले में गंदगी की समस्या को लेकर लोगों की शिकायत रही है। सो इस बार जिला पंचायत प्रशासन बेहतर व्यवस्था करने में लगा है।
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रात को रोशन होने लगा मेला
कादरचौक (बदायूं)। मेला ककोड़ा में प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम भी तेजी से चल रहा है। रास्तों में खंभे लग रहे हैं। जनरेटर के जरिए सप्लाई शुरू कर दी गई है। लिहाजा, रात के समय मेला रोशन दिखने लगा है। लोगों का कहना है कि मेले में रात के समय रोशनी होने से यहां आने में दिक्कत नहीं हो रही है। कोतवाली स्थापित होने के कारण सुरक्षा की व्यवस्था भी हो गई है। पिछले दिनों लभारी में दो डकैती की घटनाएं हो जाने के कारण लोगों में दहशत का माहौल था। जिला पंचायत प्रशासन ने गंगा में जलस्तर का भी जायजा लिया।
इस बार टूट रही परंपरा, अब 29 को पहुंचेगी झंडी
कादरचौक। पहली बार इस साल मेला ककोड़ा में सप्तमी पर झंड़ी नहीं पहुंचेगी। अब ककोड़ा गांव स्थित मंदिर से यह झंडी हर साल सप्तमी पर मेला स्थल पर पहुंचती थी। लेकिन अब यह सप्तमी पर न पहुंचकर नवमी पर पहुंचेगी। लिहाजा, वर्षों पुरानी परम्परा टूट जाएगी। जिला पंचायत प्रशासन की ओर से 28 अक्तूबर को मेले में झंडी और गंगा पूजन आदि कार्यक्रम प्रस्तावित था। जो अब बदल दिया गया है। जिला पंचायत प्रशासन के मुताबिक झंडी पूजन अब 29 अक्तूबर को प्रात: 11 बजे होगा। मेले की परम्परा के अनुसार सप्तमी पर झंडी का पूजन होता। सप्तमी 27 अक्तूबर को है। बताते हैं कि इस दिन वजन दिवस होने के कारण यह स्थिति बदली गई। तब 28 अक्तूबर की तिथि तय की गई। मगर उस दिन प्रशासनिक आला अफसरों की लखनऊ में मीटिंग होने के कारण यह तिथि बदल दी गई।
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