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प्लास्टिक थैली उत्पादकों और विक्रेताओं पर कसेगा शिकंजा
Updated Thu, 27 Jul 2017 07:22 PM IST
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बदायूं। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बार फिर से जिला प्रशासन सख्त हुआ है। इसके तहत प्लास्टिक थैली के उत्पादकों और विक्रेताओं पर अब शिकंजा कसा जाएगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि जिन उत्पादकों और विक्रेताओं को पॉलिथीन के साथ पकड़ा जाएगा, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में कूड़ा निस्तारण के लिए प्लास्टिक थैली के उत्पादकों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्लास्टिक थैली के उत्पादन थोक व खुदरा बिक्री और प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए उन्होंने प्लास्टिक थैली के उत्पादकों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत उत्पादकों और विक्रेताओं के खिलाफ एसीटी, आईपीसी और सीआरपीसी के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एडीएम ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में 90 प्रतिशत कूड़ा प्लास्टिक थैलियों से होता है। स्वच्छ भारत अभियान को साकार करने के लिए पिछले तीन माह से प्लास्टिक थैली के उत्पादन, थोक एवं खुदरा बिक्री तथा प्रयोग पर प्रतिबंध लगाकर शहर तथा गांवों को स्वच्छ और साफ सुथरा रखने के निर्देश शासन से मिले थे।
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एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में कूड़ा निस्तारण के लिए प्लास्टिक थैली के उत्पादकों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्लास्टिक थैली के उत्पादन थोक व खुदरा बिक्री और प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए उन्होंने प्लास्टिक थैली के उत्पादकों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत उत्पादकों और विक्रेताओं के खिलाफ एसीटी, आईपीसी और सीआरपीसी के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एडीएम ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में 90 प्रतिशत कूड़ा प्लास्टिक थैलियों से होता है। स्वच्छ भारत अभियान को साकार करने के लिए पिछले तीन माह से प्लास्टिक थैली के उत्पादन, थोक एवं खुदरा बिक्री तथा प्रयोग पर प्रतिबंध लगाकर शहर तथा गांवों को स्वच्छ और साफ सुथरा रखने के निर्देश शासन से मिले थे।
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