{"_id":"5971f5634f1c1b36388b4902","slug":"81500640611-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चल रहे कांवरिया शिव के द्वार...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चल रहे कांवरिया शिव के द्वार...
Updated Fri, 21 Jul 2017 06:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)।
शिवतेरस पर शुक्रवार को गंगाघाट से लेकर शिवालय तक शिवभक्तों की आस्था का सैलाब नजर आया। बृहस्पतिवार रात से ही जल लेकर शिवालयों की ओर चल पड़े कांवड़ियों ने रास्ते में भोलेनाथ का गुणगान किया। भोले के गुणगान से सराबोर भजनों की धुन पर थिरकते कांवड़ियों ने हाईवे पर भी धमाल किया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
सावन महीने के तीसरे सोमवार से पहले कांवड़ियों में शिव के प्रति आस्था के कई उदाहरण देखने को मिल रहे हैं। जल भरने के लिए टोलियों के रूप में पहुंचे शिवभक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई। घाट पर पूरी रात जल भरने का दौर चला। घाट पर शिवभक्तों ने कांवड़ पूजन भी किया। कांवड़ पूजन के दौरान सामूहिक रूप से मंत्रोच्चार भी किया। ज्यादातर टोलियां तड़के शिवालयों की ओर चल पड़ीं। दूरदराज के शिवभक्त तो रात में ही गंतव्य की ओर निकल गए लेकिन हाईवे पर पूरे दिन शिवभक्तों का धूम धड़ाका रहा। कलाकारों ने उनका मनमोह लिया। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख स्थानों पर कलाकारों ने राहगीरों का मनोरंजन भी कराया। वैसे तो कई मंदिरों में जलाभिषेक किया गया लेकिन खासकर बुर्रा फरीदपुर के शिवमंदिर में जलाभिषेक का क्रम शुक्रवार दोपहर तक चला। मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए। पुरानी अनाज मंडी और बड़े महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक के दौरान शिवभक्तों नेे बेलपत्री भी अर्पित की। शिवभक्तों का मानना है कि शिवतेरस पर जलाभिषेक का खास महत्व होता है। बता दें कि सावन महीने के तीसरे सोमवार को भी जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों की टोलियां निकल पड़ी हैं।
------------------------- व्रत रखकर शिवालयों में की पूजा-अर्चना
उझानी। शिवतेरस पर शुक्रवार को कई घरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद मंगलगीत भी गाए। व्रत रखने वाले महिला-पुरुषों ने भगवान भोलेनाथ की आरती की। शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक भी किया गया। शाम को प्रसाद ग्रहण करने से पहले भोले को भोग अर्पित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिवतेरस पर शुक्रवार को गंगाघाट से लेकर शिवालय तक शिवभक्तों की आस्था का सैलाब नजर आया। बृहस्पतिवार रात से ही जल लेकर शिवालयों की ओर चल पड़े कांवड़ियों ने रास्ते में भोलेनाथ का गुणगान किया। भोले के गुणगान से सराबोर भजनों की धुन पर थिरकते कांवड़ियों ने हाईवे पर भी धमाल किया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
सावन महीने के तीसरे सोमवार से पहले कांवड़ियों में शिव के प्रति आस्था के कई उदाहरण देखने को मिल रहे हैं। जल भरने के लिए टोलियों के रूप में पहुंचे शिवभक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई। घाट पर पूरी रात जल भरने का दौर चला। घाट पर शिवभक्तों ने कांवड़ पूजन भी किया। कांवड़ पूजन के दौरान सामूहिक रूप से मंत्रोच्चार भी किया। ज्यादातर टोलियां तड़के शिवालयों की ओर चल पड़ीं। दूरदराज के शिवभक्त तो रात में ही गंतव्य की ओर निकल गए लेकिन हाईवे पर पूरे दिन शिवभक्तों का धूम धड़ाका रहा। कलाकारों ने उनका मनमोह लिया। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख स्थानों पर कलाकारों ने राहगीरों का मनोरंजन भी कराया। वैसे तो कई मंदिरों में जलाभिषेक किया गया लेकिन खासकर बुर्रा फरीदपुर के शिवमंदिर में जलाभिषेक का क्रम शुक्रवार दोपहर तक चला। मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए। पुरानी अनाज मंडी और बड़े महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक के दौरान शिवभक्तों नेे बेलपत्री भी अर्पित की। शिवभक्तों का मानना है कि शिवतेरस पर जलाभिषेक का खास महत्व होता है। बता दें कि सावन महीने के तीसरे सोमवार को भी जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों की टोलियां निकल पड़ी हैं।
विज्ञापन
------------------------- व्रत रखकर शिवालयों में की पूजा-अर्चना
उझानी। शिवतेरस पर शुक्रवार को कई घरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद मंगलगीत भी गाए। व्रत रखने वाले महिला-पुरुषों ने भगवान भोलेनाथ की आरती की। शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक भी किया गया। शाम को प्रसाद ग्रहण करने से पहले भोले को भोग अर्पित किया गया।
विज्ञापन