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फुटपाथ पर कब्जा, सड़क पर जाम...तो क्या ‘हवा’ में चलें लोग

Tue, 15 Jan 2019 07:13 PM IST
geetesh jolly geetesh jolly
Updated Tue, 15 Jan 2019 07:13 PM IST
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फुटपाथ पर कब्जा, सड़क पर जाम...तो क्या ‘हवा’ में चलें लोग
बदायूं। यहां फुटपाथ पर कब्जा है, सड़क पर जाम है तो अब जनता चले तो चले कहां। लोगों की इस परेशानी का निदान शायद न नगर पालिका के पास है, न पुलिस के और न ही प्रशासन के पास। सभी अपने में ‘मस्त’ हैं। पालिका कार्रवाई करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेती है तो पुलिस पालिका का काम बताकर ड्यूटी पूरी कर लेती है। प्रशासन को तो और ‘कई’ काम हैं। अब बची जनता, जाम में पिसे या अतिक्रमण में, किसी को क्या लेना देना। ऐसे में कुछ दुकानदारों की ‘दबंगई’ के सामने जनता को नतमस्तक होना ही पड़ेेगा।
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पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए फुटपाथ को कुछ व्यापारियों ने अपनी जागीर समझ लिया है। यहीं वजह है कि फुटपाथ पैदल राहगीरों को चलने के लिए नसीब नहीं हो पा रहा है। फुटपाथ पर दुकानदारों ने अस्थायी तरीके से कब्जा कर लिया है। इसे लेकर कोई भी अधिकारी संजीदा नहीं है। यही वजह है कि जाम की समस्या से जूझना लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है। सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार से जनता को बहुत बड़े बदलाव की आस थी। लोगों को ये लग रहा था कि अब शायद प्रदेश की तस्वीर और जनता की तकदीर बदलने में वक्त नहीं लगेगा। सब कुछ बड़े शहरों की तर्ज पर होगा, लेकिन ऐसा अब तक कुछ नहीं हुआ है। शहर में पहले जो समस्या थी, वो और भी ज्यादा गंभीर हुई है। शहर में व्यापारियों ने फुटपाथ से लेकर सड़क तक पर अस्थायी से लेकर स्थायी दोनों प्रकार के अतिक्रमण कर लिए है। यही वजह है कि शहर में अब कहीं पर भी फुटपाथ नहीं बचे हैं। लोगों की सुविधा के लिए नगर पालिका की ओर से बनाए गए फुुटपाथ अधिकारी और कर्मचारी की शह पर व्यापारियों ने कब्जा लिए हैं।
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फुटपाथ पर बन गए होटल
शहर में हालत ये है कि दुकानदारों के कब्जे से अगर कहीं पर फुटपाथ बचे हैं तो वहां पर ठेेले, खोमचे वालों ने अस्थायी अतिक्रमण कर लिया है। हालात ये तक हैं कि ठेले वालों ने पन्नी आदि डालकर स्थायी होटल जैसे बना लिए हैं।
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क्या बोले लोग
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समस्या गंभीर: शहर में अतिक्रमण की समस्या बहुत गंभीर हो गई है। हर व्यापारी अपने को दिखाना चाहता है, ताकि उनकी बिक्री में इजाफा हो सके, लेकिन इससे जनता को कितनी परेशानी हो रही है, यह कोई नही समझता।
-हिमांशु राठौर
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सड़कें संकरी हुईं: बाजार में लगातार अतिक्रमण की समस्या बढ़ती जा रही है। यहीं वजह है कि पहले जो सड़कें चौड़ी हुआ करती थीं वो आज संकरी गली जैसी हो गई हैं।
-दीपक गुप्ता
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अभियान बेअसर : नगर पालिका की ओर से कई मर्तबा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, लेकिन वह भी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सका।
-राकेश गुप्ता
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समस्या नहीं सुलझी: अतिक्रमण की वजह से दिन में कई बार जाम लग जाता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर कई बार अधिकारियों से मिले, बताया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

-भावेश चंद्र
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अतिक्रमण को लेकर पहले अभियान चलाया था। तब व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। उस वक्त अतिक्रमण हटा भी था, लेकिन बाद में दोबारा अतिक्रमण हुआ है। उसे हटवाया जाएगा।
-संजय तिवारी, ईओ
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