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पुरानी पेंशन की बहाली को आठ को लखनऊ में होगा धरना-प्रदर्शन
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:08 AM IST
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पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लखनऊ में आठ को धरना-प्रदर्शन
प्रदेश भर से पहुंचेंगे शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी
आंदोलन की सफलता को बनी रणनीति
फोटो-18
बदायूं। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की मंगलवार को मालवीय आवास पर हुई बैठक में पेंशन की बहाली को लेकर आठ अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले धरना-प्रदर्शन की सफलता को रणनीति तय की गई। संयोजक सरोज यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा। आठ अक्तूबर को पूरे प्रदेश भर से लाखों की संख्या में कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी जुटेंगे।
मंच के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि जिले के इतिहास रहा है जब भी लखनऊ में कोई आंदोलन हुआ है तब बदायूं के शिक्षक-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर इतिहास बनाया है। मंच के अध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि प्रत्येक विकास क्षेत्र से शिक्षकों की एक-एक बस अवश्य जाएगी। संरक्षक मदन मुरारी गुप्ता ने कहा कि पुरानी पेंशन किसी भी शिक्षक, कर्मचारी अधिकारी के बुढ़ापे की लाठी होती है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं के नारे के साथ कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी इस आंदोलन को कर रहे हैं। सरकार से अपना हक मांग रहे हैं न कि भीख। वक्ताओं ने कहा कि आठ अक्टूबर के आंदोलन से केंद्र और राज्य सरकार को हमारी ताकत का एहसास हो जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी इस प्रमुख मांग को पूरा नहीं किया तो लोकसभा चुनाव के साथ ही आने वाले सभी चुनावों में कर्मचारी,शिक्षक और अधिकारी ऐसी सरकार को हर स्तर पर विरोध करते रहेंगे। जब भी कर्मचारी-शिक्षक सड़क पर आए हैं तब सरकारों को भी सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। वक्ताओं ने सभी शिक्षक,कर्मचारी और अधिकारियों से लखनऊ में होने वाले धरना-प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया।
बैठक में गौरव यादव, अरविंद दीक्षित, सुशील चौधरी, प्रियंका खन्ना, संजय यादव, दामोदर सिंह, मथुरा सिंह, प्रमोद कुमार, मदनलाल सैनी, अरविंद सिंह राठौर, कुसुमपाल सिंह, हरिप्रसन्न शर्मा, राजेश सक्सेना, सुरेंद्र सिंह, एके मिश्रा, आदि थे।
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प्रदेश भर से पहुंचेंगे शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी
आंदोलन की सफलता को बनी रणनीति
फोटो-18
बदायूं। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की मंगलवार को मालवीय आवास पर हुई बैठक में पेंशन की बहाली को लेकर आठ अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले धरना-प्रदर्शन की सफलता को रणनीति तय की गई। संयोजक सरोज यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा। आठ अक्तूबर को पूरे प्रदेश भर से लाखों की संख्या में कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी जुटेंगे।
मंच के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि जिले के इतिहास रहा है जब भी लखनऊ में कोई आंदोलन हुआ है तब बदायूं के शिक्षक-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर इतिहास बनाया है। मंच के अध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि प्रत्येक विकास क्षेत्र से शिक्षकों की एक-एक बस अवश्य जाएगी। संरक्षक मदन मुरारी गुप्ता ने कहा कि पुरानी पेंशन किसी भी शिक्षक, कर्मचारी अधिकारी के बुढ़ापे की लाठी होती है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं के नारे के साथ कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी इस आंदोलन को कर रहे हैं। सरकार से अपना हक मांग रहे हैं न कि भीख। वक्ताओं ने कहा कि आठ अक्टूबर के आंदोलन से केंद्र और राज्य सरकार को हमारी ताकत का एहसास हो जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी इस प्रमुख मांग को पूरा नहीं किया तो लोकसभा चुनाव के साथ ही आने वाले सभी चुनावों में कर्मचारी,शिक्षक और अधिकारी ऐसी सरकार को हर स्तर पर विरोध करते रहेंगे। जब भी कर्मचारी-शिक्षक सड़क पर आए हैं तब सरकारों को भी सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। वक्ताओं ने सभी शिक्षक,कर्मचारी और अधिकारियों से लखनऊ में होने वाले धरना-प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया।
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बैठक में गौरव यादव, अरविंद दीक्षित, सुशील चौधरी, प्रियंका खन्ना, संजय यादव, दामोदर सिंह, मथुरा सिंह, प्रमोद कुमार, मदनलाल सैनी, अरविंद सिंह राठौर, कुसुमपाल सिंह, हरिप्रसन्न शर्मा, राजेश सक्सेना, सुरेंद्र सिंह, एके मिश्रा, आदि थे।
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