फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   24 घंटे में बदायूं में तेज बुखार से सात और लोगों की हुई मौत

24 घंटे में बदायूं में तेज बुखार से सात और लोगों की हुई मौत

Sun, 03 Sep 2017 11:32 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
24 घंटे में बदायूं में तेज बुखार से सात और लोगों की हुई मौत

विज्ञापन
बदायूं। जिले में बुखार का जबरदस्त प्रकोप चल रहा है। तेज बुखार से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। बीते 24 घंटों के अंदर जिले के सात और लोगों की मौत हो गई है। इनमें वजीरगंज ब्लाक के गांव पनौटा में चार लोगों की मौत हुई है। बीते कुछ दिनों के अंदर जिले में बुखार से दर्जनों लोगों की मौत हो गई है। सो बुखार को लेकर लोगों में दहशत है। वजह है कि बुखार से निपटने के लिए सेहत महकमे के पास कोई ठोस योजना नहीं है। हालांकि सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने रविवार को कई गांवों का दौरा कर पीड़ित लोगों का हालचाल जाना। उनका दावा है कि जिले को चार टीमें गठित की गई हैं सो हर प्रभवित क्षेत्र में तुरंत पहुंच रहीं है। सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं होने का भी दावा किया जा रहा है।
कुंवरगांव। पास के गांव पनौटा में इस दिनों बुखार ने पूरी तरह पांव पसार लिए हैं। बीते दिन कमलेश (28) पत्नी दुर्गपाल की मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि कमलेश को चार दिन से बुखार आ रहा था। सुधार नहीं होने पर परिवारीजन इलाज को बरेली ले गए थे, जहां उसने दम तोड़ दिया। उसके चार मासूम बच्चे हैं। गांव निवासी देवीदास के नवजात बच्चे की भी मौत हो गयी। बीते दिन ही जवाहर (70) की भी बुखार से मौत हो गई। इनके अलावा हरप्रसाद की पुत्री त्रिवेणी (23) उर्फ मनू ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने बताया कि त्रिवेनी को नगर के निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया था लेकिन सुधार नहीं हुआ। गांव में इस समय लगभग हर घर में एक-एक व्यक्ति बुखार पीड़ित है। राज कुमारी (18) पुत्री तीर्थ राज, मलो देवी(7) पुत्री मोर सिंह , रामस्नेही (40) पत्नी मिश्री लाल , लीला वती (40) पत्नी नन्हें लाल, ओमप्रकाश (30) पुत्र सुंदर लाल, शेरसिंह (26)पुत्र जय देव, पान सिंह (30) पुत्र हुलासी राम, नन्हीं देवी (50)पत्नी भजन लाल, कृष्ण वती (30) पत्नी ओमकार, राज कुमारी (21) पुत्री दयाराम,राजेश्वरी (16)पुत्री जमुना प्रसाद, सोन वती (25)पत्नी रामौतार, नेमवती (60)पत्नी प्रकाश, ममता (16) पुत्री प्रेमराज समेत सैंकड़ों लोग बुखार से ग्रस्त होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मच्छरों के खत्मे को ग्राम प्रधान ने गांव में आज तक कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया है। साथ ही सेहत महकमे भी बीमारी को लेकर गंभीर नहीं है। बीमारी के लगातार बढने से गांव का हर इंसान परेशान है। ज्यादातर लोग निजी डॉक्टरों के यहां अपना इलाज करा रहे हैं। लोगों ने कहा कि कुंवरगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को दवाएं तक नहीं मिल रहीं हैं। इसकी वजह से लोगों को मजबूरन निजी डॉक्टरों के यहां जाना पड़ रहा है। निजी डॉक्टरों के यहां पर भी मरीजों की हर समय भीड़ देखी जा सकती है।
विज्ञापन

दातागंज। समरेर क्षेत्र के गांव बौरा निवासी मोहन (60) की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। बीते छह दिनों के अंदर इस गांव में तेज बुखार से कई लोग मर चुके हैं। सो लोगों में दहशत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मूसाझाग। ब्लाक समरेर के गांव काला कूढ़ा गांव में सुबह तेज बुखार की गिरफ्त में आने से नरेश (35) की मौत हो गई। वह सप्ताह भर से बीमार था। पड़ोस के गांव मौसमपुर में इलाज करा रहा था जहां आज हालात खराब हुई। परिजन उसे बदायूं ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि नरेश ने दम तोड़ दिया। इस गांव में दो दिन में यह बुखार से मरने वालों की संख्या दो हो गई है। आज तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है, जबकि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं।
गुलड़िया। कस्बे के वार्ड संख्या चार निवासी 28 वर्षीय रमेश चंद्र की मलेरिया बुखार की चपेट में आने से बरेली के रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इसका पता लगने पर चक्रेश कुमार, पूर्व राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह दद्दा, सुनील कुमार, रोहिताश, नेतराम आदि भी पहुंच गए।

इंसेट...
फोटो- 03 बीडीएन-
पनौटा में बुखार से चार लोगों की मौत का बहुत बड़ा कारण गंदगी
हर गली में फैली है कीचड़-लगे हैं कूढ़े के ढेर
कई दिनों से पैर पसारने के बाद भी सेहत महकमा बना रहा नादान जमा चुका है
अमर उजाला ब्यूरो
कुंवरगांव। वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव पनौटा में 24 घंटे के अंदर चार लोगों की मौत हो जाने के बाद हर कोई तरह-तरह की बातें कर रहा है। बहुत से लोग गांव में फैली जानलेवा बीमारी बुखार के लिए गंदगी को जिम्मेदार मान रहे हैं। लगभग एक हजार की आबादी वाले गांव पनौटा में सफाई के लिए जिस कर्मचारी को तैनात किया गया है वह भी सप्ताह में एकाध बार ही जाता है। लिहाजा, गांव की हर गली में कूड़े के ढेर हैं और नालियां भी कीचड़ से अटी पड़ी है। सो उससे निकलनेऱ् वाली भीषण दुर्गंध में लोगों का सांस लेना भी दुश्वार हो जाता है। मच्छरों को प्रकोप भी बढ़ गया है।
शनिवार को गांव पनौटा में तेज बुखार से हुई चार लोगों की मौत के बाद से हर तरह मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवारों के घरों से सिर्फ रोने-चिल्लाने की आवाजें ही सुनाई दे रहीं हैं। एक ही दिन में चार लोगों की मौत हो जाने और सैकड़ों लोगों के जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सभी परेशान हैं। गांव में लगभग 350 घर हैं। अधिकांश लोग मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। जानलेवा बुखार के फैल जाने से इन लोगों के सामने आर्थिक दिक्कते भी कम नहीं हैं। गांव निवासी चंद्रपाल और दीनदयाल ने बताया कि उनके घर के कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरकारी अस्पताल में दवाएं मिल नहीं रहीं हैं। सो कुछ मजदूरी करके धनराशि एकत्र की वह इलाज में खर्च हो चुकी है। अब तो मजदूरी करने भी नहीं जा रहे हैं। कुछ इसी तरह गांव के कई अन्य लोगों ने भी कहा कि समझ में नहीं आ रहा है कि गांव को किस की नजर लग गई है। कुछ समय तक सब कुछ ठीकठाक था, अब हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। लोगों ने कहा कि गांव में नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी की गंभीर समस्या है। जो कर्मचारी यहां तैनात है वह आठ दिन में एक-दो बार ही आता है। वो भी कुछ गिने चुने स्थान पर झाडू लगाकर चला जाता है। गंदगी के कारण मच्छरों के प्रकोप भी है। सो रात को चैन से सोने तक नहीं देते। यदि कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करा दिया जाता तो शायद बुखार की यह स्थिति नहीं होती। लोगों ने बताया कि प्राथमिक स्कूल के पास कुछ लोग अपने जानवरों का गोबर भी डालते हैं।

इंसेट-
गांवों में पहुंचकर स्थिति को देखा सीएमओ ने
बदायूं। सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने बताया कि आज उन्होंने गांप पनौटा, बगरैन, पैपल, गरगइय्या आदि गांवों का दौरा कर किया। वह बुखार से पीड़ित लोगों से मिले। साथ ही जो लोग मरे हैं उनके परिवार वालों से भी मिले। सीएमओ ने कहा है कि जिन गांवों में बुखार फैला है, वहां पर निगरानी रखने को चार टीमों को गठित किया गया है। जो लगातार भ्रमण कर रहीं हैं। सीएमओ ने दावा किया कि देहात क्षेत्र के अस्पतालों में दवाओं की कोई कमी नहीं है। प्राथीमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टरों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई दवा खत्म हो तुरंत उन्हें अवगत कराया जाए। मरीजों को बेहतर इलाज दिया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उनके साथ कई डॉक्टर भी थे।


इंसेट-
...और सीएमओ बाइक से पहुंचे पनौटा
कुंवरगांव। बुखार से चार लोगों की मौत की खबर से सेहत महमके के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। सो सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने गांव पनौटा का दौरा किया। उन्होंने खुद बताया कि गांव का रास्ता ऐसा नहीं था जहां पर उनकी गाड़ी जा सकती थी। तब वह गांव के अंदर अन्य डॉक्टरों के साथ बाइक के जरिए पहुंचे। सीएमओ ने कहा कि गांव में गंदगी के साथ ही जलभराव है। जिसकी वजह से स्थिति नाजुक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed