एक प्यार का नगमा है: 68 साल के इस्लाम बने दूल्हा, 65 की शकीला बनीं दुल्हन, और दोनों ने कहा कबूल है...
इस्लाम की पत्नी की मौत पांच महीने पहले हुई थी। शकीला दो साले पहले विधवा हो गई थीं। दोनों अकेले पड़ गए थे। ऐसे में रिश्तेदार उनके मददगार बने और उन्हें एक-दूसरे से मिला दिया।
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बदायूं के दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के नैनोल बागबाला गांव में 68 साल के इस्लाम ने 65 साल की शकीला के साथ निकाह किया है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर दोनों अकेले पड़ गए थे। संयोग से रिश्तेदार उनके मददगार बने और उन्हें एक-दूसरे से मिला दिया। रिश्तेदारों ने उनका निकाह करा दिया। बकायदा इसका निकाहनामा तैयार कराया गया है।
गांव नैनोल बागबाला निवासी मोहम्मद इस्लाम दिल्ली में रहकर सब्जी बेचते हैं। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। पांच माह पहले उनकी पत्नी सायरा की मौत हो गई थी। तब से इस्लाम अकेले जीवन गुजार रहे थे। उनके कोई बच्चा भी नहीं है। हालांकि परिवार वाले और उनके भाइयों का हमेशा सहयोग बना रहा।
इस्लाम बताते हैं कि उनके भतीजे मुजीब की सहसवान के चौधरी मोहल्ले में ससुराल है। जहां उसका हर समय आना जाना था। वहीं मुजीब और उसकी पत्नी की मुलाकात शकीला से हुई थी। शकीला बिहार की रहने वाली हैं। उनका निकाह कल्लू के साथ हुआ था लेकिन दो साल पहले कल्लू का इंतकाल हो गया। तब से शकीला भी अकेली थीं।
रिश्तेदारों ने किया सहयोग
शकीला का साथ देने वाला भी कोई नहीं था। वह इधर-उधर रिश्तेदारियों में रहकर अपना जीवन काट रहीं थीं। भतीजे मुजीब और उसकी पत्नी ने शकीला से दोबारा निकाह करने का प्रस्ताव रखा। वह अपनी परिस्थितियों को देखते हुए इस्लाम से निकाह करने को तैयार हो गईं। सभी लोगों के सहयोग से शकीला 21 फरवरी को नैनोल बागबाला गांव आईं। वहीं दोनों का निकाह कराया गया। उम्र के इस पढ़ाव में निकाह करके दोनों खुश हैं।
इस्लाम बोले- दोनों को एक-दूसरे के सहयोग की जरूरत
इस्लाम ने कहा कि इस उम्र में बच्चों की चाहत नहीं है। बस एक-दूसरे का सहयोग बना रहे। हमें दो रोटी बनी हुई मिल जाएं और क्या चाहिए। बस इसी से जीवन गुजर जाएगा तो शकीला को एक सहारा भी मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि शकीला के आने से उनका घर सूना नहीं रहा।