{"_id":"5c45c51ebdec2273a67c92d1","slug":"61548076318-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी की ढांग गिरी, दबकर बालिका की मौत, तीन घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी की ढांग गिरी, दबकर बालिका की मौत, तीन घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल्सी (बदायूं)। थाना क्षेत्र के ग्राम सतेती के मझरा सीतापुर में सोमवार को दिन में पूर्वाह्न 11.30 बजे मिट्टी की ढांग गिरने से चार बच्चे दब गए, जिसमें दो बच्चों को तुरंत निकाल लिया गया, जबकि ढांग में दबी सगी बहनों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसमें एक बालिका की मौत हो गई। दूसरी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल भेज दिया गया।
ग्राम निवासी छोटे लाल जाटव की बेटियां छह वर्षीय शिखा और 10 वर्षीय मुस्कान मोहल्ले की 12 वर्षीय पायल पुत्री वेदपाल और छह वर्षीय अनिल पुत्र पप्पू के साथ गांव की उत्तर दिशा मेें स्थित एक गड्ढे में पीली मिट्टी खोदने गईं थीं। ग्रामीणों की माने तो चारों बच्चे गड्ढे में घुसकर मिट्टी खोद रहे थे, तभी अचानक मिट्टी की बड़ी ढांग उनके ऊपर गिर गई, जिसमें चारों दब गए। अनिल और पायल कुछ पीछे थे, इससे उनके ऊपर अधिक मिट्टी नहीं आई। वे तुरंत ही बाहर निकल आए, जबकि शिखा और मुस्कान दोनों बहनें ढांग में दबी रह गईं। बाहर निकले बच्चों ने शोर मचाकर खेतों में काम कर रहे लोगों को बुला लिया। उनकी सूचना पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। उसके बाद दोनों बहनों को निकालने के लिए मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मुस्कान को बाहर निकाल लिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि शिखा को निकालने के लिए जेसीबी मंगाई गई। करीब एक घंटे के अभियान के बाद उसे भी निकाल लिया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
ग्राम निवासी छोटे लाल जाटव की बेटियां छह वर्षीय शिखा और 10 वर्षीय मुस्कान मोहल्ले की 12 वर्षीय पायल पुत्री वेदपाल और छह वर्षीय अनिल पुत्र पप्पू के साथ गांव की उत्तर दिशा मेें स्थित एक गड्ढे में पीली मिट्टी खोदने गईं थीं। ग्रामीणों की माने तो चारों बच्चे गड्ढे में घुसकर मिट्टी खोद रहे थे, तभी अचानक मिट्टी की बड़ी ढांग उनके ऊपर गिर गई, जिसमें चारों दब गए। अनिल और पायल कुछ पीछे थे, इससे उनके ऊपर अधिक मिट्टी नहीं आई। वे तुरंत ही बाहर निकल आए, जबकि शिखा और मुस्कान दोनों बहनें ढांग में दबी रह गईं। बाहर निकले बच्चों ने शोर मचाकर खेतों में काम कर रहे लोगों को बुला लिया। उनकी सूचना पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। उसके बाद दोनों बहनों को निकालने के लिए मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मुस्कान को बाहर निकाल लिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि शिखा को निकालने के लिए जेसीबी मंगाई गई। करीब एक घंटे के अभियान के बाद उसे भी निकाल लिया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन