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बुखार से बागारपुर में एक युवक की मौत, सैकड़ों बीमार
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:54 PM IST
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बुखार से बागारपुर में युवक
की मौत, सैकड़ों बीमार
स्वास्थ्य विभाग लापरवाह, बदायूं और बरेली के निजी अस्पतालों में चल रहा है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुंवरगांव। जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को बुखार से एक युवक की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनका इलाज बरेली और बदायूं के प्राइवेट समेत सरकारी अस्पताल में चल रहा है। क्षेत्र के गांव बागरपुर में काफी दिनों से लोगों का बुखार आ रहा है। लोगों ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी लेकिन अब तक गांव में विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची। इसके चलते रविवार देेररात को 40 वर्षीय नरेश की तेज बुखार आने की वजह से मौत हो गई। वहीं गांव के कल्लू (18), पप्पू (32), विवेक (14), अतुल (15), ओमवीर, सुदेश (13), गजराज (35), शिवानी (14), रीना (17), मुन्नी देवी (46), बबली (18), अमरवती (25), मोरपाल (60), आकाश (12), आरती (8) , रामदास (45), कलावती (35), सोहित (10), यादराम (45), सुबोध (18), जयपाल (30), मोहित (8), सुनील (25), आकाश, मदन लाल (50) समेत सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। -------------
गंदगी बनी बुखार का कारण कुंवरगांव। एक हजार की आबादी वाले गांव बागरपुर में एक सफाई कर्मचारी तैनात है। जो कभी गांव में सफाई नहीं आता है। इस वजह से गांव की गालियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नालियों से दुर्गंध आती है। ऐसे में लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं गांव के लगभग 400 गांव मजदूरी करते हैं। गांव निवासी जयपाल ने बताया की उनके घर के कई लोग बुखार से पीड़ित है। सरकारी अस्पताल में दवाएं नहीं मिल रही है। कुछ मजदूरी करके धनराशि एकत्र की थी। वह इलाज में खर्च हो चुकी है। अब तो मजदूरी करने भी नहीं जा रहे है। ऐसे में खाने-पीने की और दिक्कत बढ़ने लगी है। कुछ इसी तरह गांव के कई अन्य लोगों ने भी कहा की समझ नहीं आ रहा है। गांव को किसकी नजर लग गई है।
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झोलाछाप की आयी मौज गुलड़िया। ब्लाक जगत क्षेत्र के गांव सहपुरा में बुखार तेजी से फैल रहा है। अस्पताल में लोगों का दवाएं नहीं मिल पा रही है। इस वजह से लोगों को झोलाछाप की मदद लेनी पड़ रही है। गांव की ललता देवी (19),सोमेंद्र (10), योगेंद्र (15), नेमसिंह (50), रवेंद्र (20), कांति देवी (14), ज्ञानवती (48), सूरज वती (60), नन्हे (25), नीरज (210,नितेश (30), वर्षा (14), प्रियंका (8 माह), तिरवेनी (60),गुलवेस (12), आदि लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीण अजय यादव, सत्यपाल , रूपराम , देवेंद्र सिंह, सरनाम सिंह, राजू ने बताया कि गुलड़िया के नवीन स्वास्थ केंद्र पर मलेरिया बुखार की न कोई जांच करने वाला है और न पर्याप्त दवा मिल पाती है।
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बुखार से बागारपुर में युवक
की मौत, सैकड़ों बीमार
स्वास्थ्य विभाग लापरवाह, बदायूं और बरेली के निजी अस्पतालों में चल रहा है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुंवरगांव। जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को बुखार से एक युवक की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनका इलाज बरेली और बदायूं के प्राइवेट समेत सरकारी अस्पताल में चल रहा है। क्षेत्र के गांव बागरपुर में काफी दिनों से लोगों का बुखार आ रहा है। लोगों ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी लेकिन अब तक गांव में विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची। इसके चलते रविवार देेररात को 40 वर्षीय नरेश की तेज बुखार आने की वजह से मौत हो गई। वहीं गांव के कल्लू (18), पप्पू (32), विवेक (14), अतुल (15), ओमवीर, सुदेश (13), गजराज (35), शिवानी (14), रीना (17), मुन्नी देवी (46), बबली (18), अमरवती (25), मोरपाल (60), आकाश (12), आरती (8) , रामदास (45), कलावती (35), सोहित (10), यादराम (45), सुबोध (18), जयपाल (30), मोहित (8), सुनील (25), आकाश, मदन लाल (50) समेत सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। -------------
गंदगी बनी बुखार का कारण कुंवरगांव। एक हजार की आबादी वाले गांव बागरपुर में एक सफाई कर्मचारी तैनात है। जो कभी गांव में सफाई नहीं आता है। इस वजह से गांव की गालियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नालियों से दुर्गंध आती है। ऐसे में लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं गांव के लगभग 400 गांव मजदूरी करते हैं। गांव निवासी जयपाल ने बताया की उनके घर के कई लोग बुखार से पीड़ित है। सरकारी अस्पताल में दवाएं नहीं मिल रही है। कुछ मजदूरी करके धनराशि एकत्र की थी। वह इलाज में खर्च हो चुकी है। अब तो मजदूरी करने भी नहीं जा रहे है। ऐसे में खाने-पीने की और दिक्कत बढ़ने लगी है। कुछ इसी तरह गांव के कई अन्य लोगों ने भी कहा की समझ नहीं आ रहा है। गांव को किसकी नजर लग गई है।
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झोलाछाप की आयी मौज गुलड़िया। ब्लाक जगत क्षेत्र के गांव सहपुरा में बुखार तेजी से फैल रहा है। अस्पताल में लोगों का दवाएं नहीं मिल पा रही है। इस वजह से लोगों को झोलाछाप की मदद लेनी पड़ रही है। गांव की ललता देवी (19),सोमेंद्र (10), योगेंद्र (15), नेमसिंह (50), रवेंद्र (20), कांति देवी (14), ज्ञानवती (48), सूरज वती (60), नन्हे (25), नीरज (210,नितेश (30), वर्षा (14), प्रियंका (8 माह), तिरवेनी (60),गुलवेस (12), आदि लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीण अजय यादव, सत्यपाल , रूपराम , देवेंद्र सिंह, सरनाम सिंह, राजू ने बताया कि गुलड़िया के नवीन स्वास्थ केंद्र पर मलेरिया बुखार की न कोई जांच करने वाला है और न पर्याप्त दवा मिल पाती है।
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