{"_id":"5ab2800d4f1c1b5a598b5575","slug":"61521647629-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या करने वाले को मिली उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्या करने वाले को मिली उम्रकैद
Updated Wed, 21 Mar 2018 09:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्नी की हत्या करने
वाले को उम्रकैद
साढ़े तीन साल पहले हुई थी घटना, हत्या कर लाश बैड के बक्से में छिपा दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
तीन साल पहले पत्नी की हत्या करने के बाद लाश छिपाने वाले मुजरिम को स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट अशोक कुमार सप्तम ने दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुजरिम पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गांव संग्रामपुर निवासी जायरा बेगम ने 27 अगस्त 2014 को बिसौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक जायरा बेगम ने अपनी बेटी गुड़िया की शादी गांव लक्ष्मीपुर में रहने वाले सरताज पुत्र शाहबाज खां के साथ की थी। पति से विवाद होने पर गुड़िया अपने मायके चली आई थी। छह अगस्त 2014 को जारा बेगम बेटी गुड़िया के साथ दवा लेने के पैदल दबतोरा जा रही थी। तभी रास्ते में मिला सरताज अपने साथ गुड़िया को जबरन ले गया। जायरा बेगम ने अपनी बेटी गुड़िया को अगवा करने की रिपोर्ट सरताज के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने सरताज को 15 सितंबर 2014 को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस को सरताज ने बताया कि उसने गुड़िया की सोनीपत (हरियाणा) ले जाकर हत्या कर दी। लाश डबल बैड के बक्से में बंद है। बिसौली पुलिस ने सोनीपत जाकर सरताज की निशानदेही पर गुड़िया की लाश बरामद की थी। तब पुलिस ने सरताज के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अपहरण के साथ हत्या कर लाश गायब कर देने की धारा बढ़ा दी।
स्पेशल जज अशोक कुमार सप्तम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद हत्याकर लाश को गायब करने के जुर्म में सरताज को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 15 हजार का जुर्माना भी डाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाले को उम्रकैद
साढ़े तीन साल पहले हुई थी घटना, हत्या कर लाश बैड के बक्से में छिपा दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
तीन साल पहले पत्नी की हत्या करने के बाद लाश छिपाने वाले मुजरिम को स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट अशोक कुमार सप्तम ने दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुजरिम पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गांव संग्रामपुर निवासी जायरा बेगम ने 27 अगस्त 2014 को बिसौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक जायरा बेगम ने अपनी बेटी गुड़िया की शादी गांव लक्ष्मीपुर में रहने वाले सरताज पुत्र शाहबाज खां के साथ की थी। पति से विवाद होने पर गुड़िया अपने मायके चली आई थी। छह अगस्त 2014 को जारा बेगम बेटी गुड़िया के साथ दवा लेने के पैदल दबतोरा जा रही थी। तभी रास्ते में मिला सरताज अपने साथ गुड़िया को जबरन ले गया। जायरा बेगम ने अपनी बेटी गुड़िया को अगवा करने की रिपोर्ट सरताज के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने सरताज को 15 सितंबर 2014 को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस को सरताज ने बताया कि उसने गुड़िया की सोनीपत (हरियाणा) ले जाकर हत्या कर दी। लाश डबल बैड के बक्से में बंद है। बिसौली पुलिस ने सोनीपत जाकर सरताज की निशानदेही पर गुड़िया की लाश बरामद की थी। तब पुलिस ने सरताज के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अपहरण के साथ हत्या कर लाश गायब कर देने की धारा बढ़ा दी।
विज्ञापन
स्पेशल जज अशोक कुमार सप्तम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद हत्याकर लाश को गायब करने के जुर्म में सरताज को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 15 हजार का जुर्माना भी डाला है।
विज्ञापन