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दूसरे दिन भी नहीं चली निजी बसें
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:03 AM IST
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बस
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। डग्गामार वाहनों के विरोध में दूसरे दिन भी प्राइवेट बसों के पहिए थमे रहे। जिला बस ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में शनिवार को भी धरना जारी रहा। दिन में तीन बजे अजंता होटल चौराहा, कचहरी जेल रोड, पुलिस लाइंस चौराहा होते हुए जुलूस भी निकाला गया।
बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। डग्गामार वाहनों की वजह से बसों में सवारियां नहीं बैठ रही हैं। प्रति माह हजारों रुपये प्रति बस टैक्स भरने के बाद कोई सुनने वाला नहीं है। धरनास्थल पर तय हुआ कि रविवार से यूनियन नेता अनिश्चिकालीन अनशन करेंगे। अगर जिला प्रशासन बस ऑपरेटर्स यूनियन की मांगों पर गौर नहीं करेगा तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे।
बस मालिकों ने मांग की है कि जब तक प्रशासन डग्गामार वाहनों के लिए स्टैंड नहीं बनाता तब तक निजी बसें नहीं चलेंगी। धरना प्रदर्शन में असलम मियां, नबी आलम, हसन मियां, अहमद मियां, दिलीप, शकील, अच्छे मिया आदि शामिल रहे।
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यात्री परेशान
प्रतिदिन बस स्टैंड से लगभग 200 बसों को संचालन होता है। अधिकतर बसें लोकल रूट पर चलती है। बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन की लापरवाही से प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है वहीं प्राइवेट बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों की भी मुसीबत बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें डग्गामार मैजिक, जीप आदि का सहारा लेना पड़ा है। प्राइवेट बसों में प्रतिदिन लगभग दो हजार यात्री सफर करते हैं।
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बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। डग्गामार वाहनों की वजह से बसों में सवारियां नहीं बैठ रही हैं। प्रति माह हजारों रुपये प्रति बस टैक्स भरने के बाद कोई सुनने वाला नहीं है। धरनास्थल पर तय हुआ कि रविवार से यूनियन नेता अनिश्चिकालीन अनशन करेंगे। अगर जिला प्रशासन बस ऑपरेटर्स यूनियन की मांगों पर गौर नहीं करेगा तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे।
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बस मालिकों ने मांग की है कि जब तक प्रशासन डग्गामार वाहनों के लिए स्टैंड नहीं बनाता तब तक निजी बसें नहीं चलेंगी। धरना प्रदर्शन में असलम मियां, नबी आलम, हसन मियां, अहमद मियां, दिलीप, शकील, अच्छे मिया आदि शामिल रहे।
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यात्री परेशान
प्रतिदिन बस स्टैंड से लगभग 200 बसों को संचालन होता है। अधिकतर बसें लोकल रूट पर चलती है। बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन की लापरवाही से प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है वहीं प्राइवेट बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों की भी मुसीबत बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें डग्गामार मैजिक, जीप आदि का सहारा लेना पड़ा है। प्राइवेट बसों में प्रतिदिन लगभग दो हजार यात्री सफर करते हैं।