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हत्या की दो घटनाओं में जीजा-साले समेत छह को उम्रकैद
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:59 AM IST
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हत्या की दो घटनाओं में जीजा-साले समेत छह को उम्रकैद
मुजरिमों पर कोर्ट ने 1.12 लाख का जुर्माना भी लगाया
थाना बिनावर क्षेत्र तो रजपुरा इलाके में घटी घटनाएं
अलग-अलग कोर्ट ने सुनाई है सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसमें एक मामले में जीजा-साले शामिल हैं। एक घटना थाना रजपुरा संभल जिले की है तो दूसरी घटना बिनावर क्षेत्र की।
केस-एक
थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निवासी अनेक पाल पुत्र रामस्वरूप ने 12 जुलाई 2012 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके भाई गौरीशंकर और गांव के ही विजयपाल की एक ही गांव देउपुरा में ससुराल थी। वहीं पर मेढ़ को लेकर विवाद चल रहा था। गौरीशंकर अपनी ससुराल में विवाद सुलझाने को गया था। इस पर विजयपाल और उससे ससुराल वालों को बात अच्छी नहीं लगी। इसी बात से विजयपाल उसके भाई गौरीशंकर से रंजिश मानने लगा था। शाम करीब पांच बजे विजय पाल पुत्र हरीशंकर, हरीशंकर पुत्र दुर्जन, राजपाल पुत्र हरीशंकर, रामखिलाड़ी व महेश पुत्रगण बनवारी निवासी मुबारकपुर और देउपुरा निवासी रजनेश पुत्र लाखन और एक नाबालिग हथियारों से लैस होकर उसके घर पर आए। हमलावरों ने उसके भाई गौरीशंकर को ललकारा। वह घर से बाहर निकला तो मारपीट की। रजनेश ने उसे पकड़ लिया तब विजयपाल ने गौरीशंकर को गोली मार दी। मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद विजयपाल उसके साले रजनेश को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि बाकी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। नाबालिग किशोर का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों मुजरिमों पर 21 हजार का जुर्माना लगाया है।
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दूसरा केस-
थाना बिनावर क्षेत्र के गांव भिदुलिया प्लासी निवासी अशोक पुत्र इंद्रपाल ने 30 अक्तूबर 2011 को रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना से एक दिन पहले 29 अक्तूबर को उसका साला नरेंद्र पुत्र धनपाल निवासी मईरजऊ थाना बिनावर अपने भतीजे बदन सिंह के साथ उसके घर आया था। थोड़ी देर रुकने के बाद वह चला गया। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि उसके साले नरेंद्र की लाश गांव के पास खेत में पड़ी है। गोली मारकर हत्या की गई है। गांव के सोहनपाल के बयान के आधार पर पुलिस ने रामनिवास पुत्र नन्हें, रमेश पुत्र ओमप्रकाश, कृपाल पुत्र बलवंत, बदन सिंह पुत्र रमेश के खिलाफ रिपोट दर्ज की थी।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ.कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम रामनिवास, रमेश, कृपाल और बदन सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। रमेश, कृपाल और बदन सिंह पर 22-22 हजार और रामनिवास पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।
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मुजरिमों पर कोर्ट ने 1.12 लाख का जुर्माना भी लगाया
थाना बिनावर क्षेत्र तो रजपुरा इलाके में घटी घटनाएं
अलग-अलग कोर्ट ने सुनाई है सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसमें एक मामले में जीजा-साले शामिल हैं। एक घटना थाना रजपुरा संभल जिले की है तो दूसरी घटना बिनावर क्षेत्र की।
केस-एक
थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निवासी अनेक पाल पुत्र रामस्वरूप ने 12 जुलाई 2012 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके भाई गौरीशंकर और गांव के ही विजयपाल की एक ही गांव देउपुरा में ससुराल थी। वहीं पर मेढ़ को लेकर विवाद चल रहा था। गौरीशंकर अपनी ससुराल में विवाद सुलझाने को गया था। इस पर विजयपाल और उससे ससुराल वालों को बात अच्छी नहीं लगी। इसी बात से विजयपाल उसके भाई गौरीशंकर से रंजिश मानने लगा था। शाम करीब पांच बजे विजय पाल पुत्र हरीशंकर, हरीशंकर पुत्र दुर्जन, राजपाल पुत्र हरीशंकर, रामखिलाड़ी व महेश पुत्रगण बनवारी निवासी मुबारकपुर और देउपुरा निवासी रजनेश पुत्र लाखन और एक नाबालिग हथियारों से लैस होकर उसके घर पर आए। हमलावरों ने उसके भाई गौरीशंकर को ललकारा। वह घर से बाहर निकला तो मारपीट की। रजनेश ने उसे पकड़ लिया तब विजयपाल ने गौरीशंकर को गोली मार दी। मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
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अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद विजयपाल उसके साले रजनेश को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि बाकी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। नाबालिग किशोर का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों मुजरिमों पर 21 हजार का जुर्माना लगाया है।
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दूसरा केस-
थाना बिनावर क्षेत्र के गांव भिदुलिया प्लासी निवासी अशोक पुत्र इंद्रपाल ने 30 अक्तूबर 2011 को रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना से एक दिन पहले 29 अक्तूबर को उसका साला नरेंद्र पुत्र धनपाल निवासी मईरजऊ थाना बिनावर अपने भतीजे बदन सिंह के साथ उसके घर आया था। थोड़ी देर रुकने के बाद वह चला गया। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि उसके साले नरेंद्र की लाश गांव के पास खेत में पड़ी है। गोली मारकर हत्या की गई है। गांव के सोहनपाल के बयान के आधार पर पुलिस ने रामनिवास पुत्र नन्हें, रमेश पुत्र ओमप्रकाश, कृपाल पुत्र बलवंत, बदन सिंह पुत्र रमेश के खिलाफ रिपोट दर्ज की थी।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ.कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद मुजरिम रामनिवास, रमेश, कृपाल और बदन सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। रमेश, कृपाल और बदन सिंह पर 22-22 हजार और रामनिवास पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।