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Budaun News: डीएम की डीपी लगाकर सदर तहसीलदार से 50 हजार ठगे

Mon, 05 Aug 2024 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2024 11:58 PM IST
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50 thousand rupees were swindled from the Sadar Tehsildar by using DM's DP
बदायूं। साइबर अपराधी लगातार लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके प्रयोग कर रहे हैं। इस बार उन्होंने व्हाट्सएप की डीपी पर डीएम का फोटो लगाकर सदर तहसीलदार से 50 हजार रुपये ठग लिए। जब उनके व्हाट्सएप पर दोबारा रुपये भेजने का मैसेज आया तो वह हैरान रह गए। सीधे डीएम को कॉल करके मामले की जानकारी की तो पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस से की है। व्हाट्सएप नंबर बंगलुरू का बताया जा रहा है।
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तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह रविवार शाम कांवड़ यात्रा की ड्यूटी में लगे थे। इसी दौरान उनके सीयूजी नंबर पर डीएम निधि श्रीवास्तव का फोटो लगे व्हाट्एस नंबर से एक मैसेज आया। उस व्हाट्सएप नंबर पर डीएम निधि श्रीवास्तव का नाम भी लिखा था। उस नंबर से मैसेज किया गया था कि एक खाता नंबर भेज रहे हैं। उस पर तत्काल 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दें।
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मैसेज आने के करीब आधा घंटा बाद तहसीलदार सदर ने अपना मोबाइल देखा था। तब तक उनके सीयूजी नंबर पर एक और मैसेज आ गया कि अभी तक आपने रुपये ट्रांसफर नहीं किए। इससे तहसीलदार सदर हड़बड़ा गए। उन्होंने बिना छानबीन किए उस खाता नंबर पर 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ देर बाद उनके नंबर पर एक और मैसेज आया, जिसमें 50 हजार रुपये की और मांग की गई।
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जब यह मैसेज उन्होंने पढ़ा तो वह हैरान रह गए। फिर उन्होंने तत्काल डीएम निधि श्रीवास्तव को कॉल की और मैसेज भेजने के बारे में जानकारी की। यह सुनकर डीएम स्वयं हैरान रह गईं। उन्होंने किसी प्रकार का मैसेज भेजने से इन्कार किया तो तहसीलदार सदर को ठगी का अहसास हुआ।
फिर उन्होंने तुरंत साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। उसके बाद साइबर थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। छानबीन में पता चला कि जिस व्हाट्सएप नंबर से तहसीलदार सदर के पास मैसेज आया था। वह नंबर बंगलुरू का है। थाना पुलिस ने रुपये वापस मंगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।


सदर तहसीलदार बोले- जल्दबाजी में ट्रांसफर कर दिए थे रुपये
इस संबंध में तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जिस समय यह मैसेज आया था उस दौरान वह कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे। बहुत शोर शराबा हो रहा था। उनका ध्यान कांवड़ियों की तरफ ज्यादा था। इससे वह व्हाट्सएप नंबर पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए। जब उन्होंने मैसेज पढ़ा तो रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि जब बाद में दूसरा मैसेज आया तो उन्होंने डीएम को कॉल करके जानकारी की और फिर बाद में साइबर थाना पुलिस से शिकायत की।
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