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Budaun News: 300 मीटर में 50 गड्ढे, जलभराव में गिर रहे लोग, जिम्मेदार मौन...
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डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद
- फोटो : 1
बदायूं। दो दिन की बारिश ने शहर की सड़कों की हालत और बिगाड़ दी है। छोटे-छोटे गड्ढे गहरे होकर खतरनाक हो गए हैं। शहर के आंबेडकर पार्क से वन दफ्तर को जाने वाली सड़क की लंबाई करीब 300 मीटर है। पड़ताल में पता चला कि इस सड़क पर 38 छोटे और 12 बड़े गड्ढे हैं। इन गड्ढों में दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ई-रिक्शा के लुढ़कने का डर चालकों को सता रहा है। इसके अलावा कचहरी से परशुराम चौक मार्ग, डीएम चौराहा से ऑफिसर्स कॉलोनी और परशुराम चौक से छह सड़का जाने वाली सड़कों की हालत भी काफी खराब है।
शहर में बुधवार और बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई थी। सड़कों पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया था। जलभराव होने से कई जगह सड़कें उखड़ गई थीं। कई बाइक सवार पानी में गिर गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन मार्गों की नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत नहीं कराई है। इन गड्ढों के कारण आए दिन वाहनों के लुढ़कने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
गड्ढों से होकर स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी से समस्या और बढ़ जाती है। मानसून से पहले ही जर्जर सड़कों को लेकर शहर में कोई काम नहीं किया गया। उधर, नवादा पुलिस चौकी क्षेत्र और बरेली मार्ग की सड़कों पर भी गहरे गड्ढे हो गए हैं।
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वन विभाग दफ्तर मार्ग पर ही स्थित है जीआईसी
आंबेडकर पार्क से वन विभाग दफ्तर मार्ग की लंबाई करीब 300 मीटर है। मार्ग पर 38 छोटे और 12 बड़े गड्ढे हैं, जो लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसी मार्ग पर राजकीय इंटर कॉलेज है। जर्जर सड़क से निकलने के दौरान छात्रों के साथ अक्सर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
पिछले साल 50 लाख और इस वर्ष 30 लाख से की जा चुकी है मरम्मत
नगर पालिका अपने क्षेत्र की सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए मोटी धनराशि खर्च कर चुकी है। पिछले साल नगर पालिका ने 50 लाख रुपये खर्च कर शहर की सड़कों के गड्ढे भरे थे। इस साल अब तक गड्ढे भरने पर 30 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अब बरसात के बाद गड्ढे भरने के लिए धनराशि खर्च की जाएगी।
कचहरी मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब
आंबेडकर पार्क से कचहरी जाने वाले मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब है। मार्ग की लंबाई करीब 600 मीटर है। इस मार्ग पर 30 छोटे और 4 बड़े गड्ढे हैं। शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण इस पर से होकर दिन भर में हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क उखड़ी होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गहरे गड्ढों में जलभराव होने के बाद रात में बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
अधिकारियों के आवास वाले मार्ग पर 40 गड्ढे
डीएम चौराहा से हाईडिल कॉलोनी जाने वाले मार्ग की स्थिति और भी खराब है। इस मार्ग की लंबाई करीब 400 मीटर है। मार्ग पर 32 छोटे और 8 बड़े गड्ढे हैं। यहां से गुजरने वाले लोग बचते-बचाते निकलते हैं। इस मार्ग पर एसपी सिटी, डीआरडीए पीडी, बीडीओ आदि अधिकारी रहते हैं। आर्मी कैंटीन भी इसी मार्ग पर है, बावजूद इसके कोई भी अधिकारी मार्ग की मरम्मत कराए जाने की सुध नहीं ले रहा।
परशुराम चौक से छह सड़का जाने वाला मार्ग सालों से बदहाल
परशुराम चौक से छह सड़का की ओर जाने वाले मार्ग की लंबाई करीब 600 मीटर है। इस मार्ग पर 15 छोटे और 5 बड़े गड्ढे हैं। बारिश में इस मार्ग पर सबसे पहले जलभराव होता है। कई साल से इस मार्ग की मरम्मत नहीं हुई है। इस कारण लोगों का यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवार, राहगीर और ई-रिक्शा संचालकों को होती है।
शहर की सड़कों की स्थिति बहुत खराब है। अगले महीने से कांवड़ भी शुरू हो रही है। ऐसी हालत रही तो दिक्कतें और बढ़ेंगी। इन सड़कों को दुरुस्त कराना चाहिए। - प्रमोद कुमार शर्मा
जर्जर सड़कों से होकर निकलना मुश्किल हो रहा है। बावजूद इसके सड़कों की मरम्मत कराने के बारे में कोई नहीं सोच रहा। बरसात में उखड़ी सड़कों में जलभराव होने से कपड़े भी खराब हो जाते हैं। - डॉ. प्रतिभा
जिन सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं, उनको चिह्नित कराते हुए बरसात के बाद गड्ढा मुक्त किया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न हो। फिलहाल, कांवड़ यात्रा को देखते हुए महत्वपूर्ण सड़कों की पैचिंग करा दी जाएगी, ताकि कांवड़ लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। -विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ
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शहर में बुधवार और बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई थी। सड़कों पर तीन से चार फुट तक पानी भर गया था। जलभराव होने से कई जगह सड़कें उखड़ गई थीं। कई बाइक सवार पानी में गिर गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन मार्गों की नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत नहीं कराई है। इन गड्ढों के कारण आए दिन वाहनों के लुढ़कने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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गड्ढों से होकर स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी से समस्या और बढ़ जाती है। मानसून से पहले ही जर्जर सड़कों को लेकर शहर में कोई काम नहीं किया गया। उधर, नवादा पुलिस चौकी क्षेत्र और बरेली मार्ग की सड़कों पर भी गहरे गड्ढे हो गए हैं।
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वन विभाग दफ्तर मार्ग पर ही स्थित है जीआईसी
आंबेडकर पार्क से वन विभाग दफ्तर मार्ग की लंबाई करीब 300 मीटर है। मार्ग पर 38 छोटे और 12 बड़े गड्ढे हैं, जो लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसी मार्ग पर राजकीय इंटर कॉलेज है। जर्जर सड़क से निकलने के दौरान छात्रों के साथ अक्सर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
पिछले साल 50 लाख और इस वर्ष 30 लाख से की जा चुकी है मरम्मत
नगर पालिका अपने क्षेत्र की सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए मोटी धनराशि खर्च कर चुकी है। पिछले साल नगर पालिका ने 50 लाख रुपये खर्च कर शहर की सड़कों के गड्ढे भरे थे। इस साल अब तक गड्ढे भरने पर 30 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अब बरसात के बाद गड्ढे भरने के लिए धनराशि खर्च की जाएगी।
कचहरी मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब
आंबेडकर पार्क से कचहरी जाने वाले मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब है। मार्ग की लंबाई करीब 600 मीटर है। इस मार्ग पर 30 छोटे और 4 बड़े गड्ढे हैं। शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण इस पर से होकर दिन भर में हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क उखड़ी होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गहरे गड्ढों में जलभराव होने के बाद रात में बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
अधिकारियों के आवास वाले मार्ग पर 40 गड्ढे
डीएम चौराहा से हाईडिल कॉलोनी जाने वाले मार्ग की स्थिति और भी खराब है। इस मार्ग की लंबाई करीब 400 मीटर है। मार्ग पर 32 छोटे और 8 बड़े गड्ढे हैं। यहां से गुजरने वाले लोग बचते-बचाते निकलते हैं। इस मार्ग पर एसपी सिटी, डीआरडीए पीडी, बीडीओ आदि अधिकारी रहते हैं। आर्मी कैंटीन भी इसी मार्ग पर है, बावजूद इसके कोई भी अधिकारी मार्ग की मरम्मत कराए जाने की सुध नहीं ले रहा।
परशुराम चौक से छह सड़का जाने वाला मार्ग सालों से बदहाल
परशुराम चौक से छह सड़का की ओर जाने वाले मार्ग की लंबाई करीब 600 मीटर है। इस मार्ग पर 15 छोटे और 5 बड़े गड्ढे हैं। बारिश में इस मार्ग पर सबसे पहले जलभराव होता है। कई साल से इस मार्ग की मरम्मत नहीं हुई है। इस कारण लोगों का यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवार, राहगीर और ई-रिक्शा संचालकों को होती है।
शहर की सड़कों की स्थिति बहुत खराब है। अगले महीने से कांवड़ भी शुरू हो रही है। ऐसी हालत रही तो दिक्कतें और बढ़ेंगी। इन सड़कों को दुरुस्त कराना चाहिए। - प्रमोद कुमार शर्मा
जर्जर सड़कों से होकर निकलना मुश्किल हो रहा है। बावजूद इसके सड़कों की मरम्मत कराने के बारे में कोई नहीं सोच रहा। बरसात में उखड़ी सड़कों में जलभराव होने से कपड़े भी खराब हो जाते हैं। - डॉ. प्रतिभा
जिन सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं, उनको चिह्नित कराते हुए बरसात के बाद गड्ढा मुक्त किया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न हो। फिलहाल, कांवड़ यात्रा को देखते हुए महत्वपूर्ण सड़कों की पैचिंग करा दी जाएगी, ताकि कांवड़ लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। -विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ

डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद- फोटो : 1

डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद- फोटो : 1

डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद- फोटो : 1

डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद- फोटो : 1

डीएम चौराहा से हैडिल वाले मार्ग पर सड़क पर हुए जगह-जगह गढ्ढे। संवाद- फोटो : 1