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Budaun News: जमीन देने वाले 48 किसानों को मिलेगा हक, 1.05 करोड़ रुपये स्वीकृत
Mon, 15 Jul 2024 05:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 15 Jul 2024 05:18 AM IST
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निर्माणधीन गंगा एक्सप्रेस-वे। फाइल फोटो
दातागंज। तहसील क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे को जमीन देने वाले 48 किसानों कोउनका हक मिलने जा रहा है। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से संपर्क कर 1.05 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए हैं। अब उनके बैनामे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वे सभी वर्ष 2018 से लगातार जमीन देने के बावजूद धनराशि मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भी अपनी जमीन का बैनामा किया है। उन्हें अपनी जमीन की धनराशि भी मिल गई है, लेकिन अभी तीन गांव(पापड़ हमजापुर, अंधरऊ और बिहारीपुर) के 48 किसान इससे वंचित थे। किसानों का कहना था कि लेखपालों ने सुविधा शुल्क के चक्कर में उनकी रिपोर्ट ही नहीं लगाई, जिससे उनकी जमीनों के बैनामे नहीं हो पाए थे। जबकि उनकी जमीन पर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण तक शुरू हो गया था। गंगा एक्सप्रेस-वे में अंधरऊ गांव की 0.6852 हेक्टेयर, पापड़ हमजापुर की 0.2800 हेक्टेयर और बिहारीपुर के किसानों की 0.2836 हेक्टेयर यानी कुल 1.2488 हेक्टेयर जमीन पर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है।
पिछले दिनों एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किसानों को मदद का आश्वासन दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों और यूपीडा से किसानों की जमीन के संबंध में बात की। उसके बाद यूपीडा के अधिकारी जमीन का बैनामा कराने के लिए तैयार हो गए। किसानों की जमीन के हिसाब से उनके 1.05 कराेड़ रुपये भी स्वीकृत हो गए हैं। बैनामा कराने के साथ-साथ किसानों के खाते में उनके रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
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कुडरा मझरा के किसानों को बंधी उम्मीद
- तहसील क्षेत्र के तीन गांव की तरह कुडरा मझरा के कई किसान भी परेशान हैं। उनमें कई किसान अपनी जमीन का बैनामा नहीं कर पाए हैं। अधिकतर किसान बाहर रहते हैं, जिससे वह न तो जमीन का बैनामा कर पाए और न ही उन्हें जमीन की धनराशि मिली। तीन गांव के किसानों का रुपये स्वीकृत होने की बात सुनकर कुडरा मझरा के किसानों को भी उम्मीद बंधी है। अब उनके रुपये भी मिल जाएंगे।
- तहसील क्षेत्र के तीन गांव के 48 किसान ऐसे थे, जिनकी रिपोर्ट नहीं लग पाई थी और उनके बैनामे नहीं हुए थे, जिससे उन्हें रुपये नहीं मिले। अब उनका रुपये स्वीकृत हो गए हैं। बैनामा होने के साथ-साथ उन्हें धनराशि दे दी जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम
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मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भी अपनी जमीन का बैनामा किया है। उन्हें अपनी जमीन की धनराशि भी मिल गई है, लेकिन अभी तीन गांव(पापड़ हमजापुर, अंधरऊ और बिहारीपुर) के 48 किसान इससे वंचित थे। किसानों का कहना था कि लेखपालों ने सुविधा शुल्क के चक्कर में उनकी रिपोर्ट ही नहीं लगाई, जिससे उनकी जमीनों के बैनामे नहीं हो पाए थे। जबकि उनकी जमीन पर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण तक शुरू हो गया था। गंगा एक्सप्रेस-वे में अंधरऊ गांव की 0.6852 हेक्टेयर, पापड़ हमजापुर की 0.2800 हेक्टेयर और बिहारीपुर के किसानों की 0.2836 हेक्टेयर यानी कुल 1.2488 हेक्टेयर जमीन पर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है।
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पिछले दिनों एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किसानों को मदद का आश्वासन दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों और यूपीडा से किसानों की जमीन के संबंध में बात की। उसके बाद यूपीडा के अधिकारी जमीन का बैनामा कराने के लिए तैयार हो गए। किसानों की जमीन के हिसाब से उनके 1.05 कराेड़ रुपये भी स्वीकृत हो गए हैं। बैनामा कराने के साथ-साथ किसानों के खाते में उनके रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
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कुडरा मझरा के किसानों को बंधी उम्मीद
- तहसील क्षेत्र के तीन गांव की तरह कुडरा मझरा के कई किसान भी परेशान हैं। उनमें कई किसान अपनी जमीन का बैनामा नहीं कर पाए हैं। अधिकतर किसान बाहर रहते हैं, जिससे वह न तो जमीन का बैनामा कर पाए और न ही उन्हें जमीन की धनराशि मिली। तीन गांव के किसानों का रुपये स्वीकृत होने की बात सुनकर कुडरा मझरा के किसानों को भी उम्मीद बंधी है। अब उनके रुपये भी मिल जाएंगे।
- तहसील क्षेत्र के तीन गांव के 48 किसान ऐसे थे, जिनकी रिपोर्ट नहीं लग पाई थी और उनके बैनामे नहीं हुए थे, जिससे उन्हें रुपये नहीं मिले। अब उनका रुपये स्वीकृत हो गए हैं। बैनामा होने के साथ-साथ उन्हें धनराशि दे दी जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम