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बाढ़ से होने वाली तबाही रोकने को शासन ने दिए 22 करोड़ 18 लाख
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दातागंज(बदायूं)। रामगंगा और गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने के लिए शासन ने तीन स्थानों पर बांध बनाने को 22 करोड़ 18 लाख की धनराशि अवमुक्त की है। इनमें दो रामगंगा और एक गंगा किनारे बांध बनेगा। बाढ़ खंड विभाग इसके कार्य को जल्द से जल्द शुरू कराने को टेंडर की प्रक्रिया कर रहा है। तीन बांध बन जाने से क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगी।
तहसील क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदी बह रहीं हैं। जब भी इन नदियों में बरसात के दिनों में पानी अधिक होता है तब पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। पिछले साल हुई बरसात से आई बाढ़ से सिमरिया, चितरी, जटा रम्पुरा, असफपुर, सकतपुर, सुंदरपुर आदि गांवों में काफी तबाही हुई थी। इन गांवों का तहसील मुख्यालय से पूरी तरह से संपर्क कट गया था। दातागंज से शाहजहांपुर जिले को जाने वाली मुख्य सड़क भी टूट गई थी। इस पर क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बांध बनवाने को शासन से धनराशि अवमुक्त कराने को कहा था। अब शासन ने रामगंगा से जुड़े चितरी, सिमरिया और गंगा किनारे के गांव जटा में बांध बनाने को 22.18 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी है।
किस बांध को कितनी मिली है धनराशि-
0 चितरी बांध को नौ करोड़ दो लाख
0 सिमरिया को तीन करोड़ 50 लाख
0 जटा को नौ करोड़ 66 लाख
जटा को दूसरे स्थान पर है बसाने की योजना
क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह का कहना है कि गंगा किनारे बसा गांव जटा बाढ़ के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील है। इस साल भी गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था। इस गांव को दूसरे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर बसाने की योजना है।
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बांध बनाने के लिए शासन से 22.18 करोड़ रुपये मिला है। निसंदेह यह क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है और उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
- संजय कुमार, तहसीलदार
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तहसील क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदी बह रहीं हैं। जब भी इन नदियों में बरसात के दिनों में पानी अधिक होता है तब पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। पिछले साल हुई बरसात से आई बाढ़ से सिमरिया, चितरी, जटा रम्पुरा, असफपुर, सकतपुर, सुंदरपुर आदि गांवों में काफी तबाही हुई थी। इन गांवों का तहसील मुख्यालय से पूरी तरह से संपर्क कट गया था। दातागंज से शाहजहांपुर जिले को जाने वाली मुख्य सड़क भी टूट गई थी। इस पर क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बांध बनवाने को शासन से धनराशि अवमुक्त कराने को कहा था। अब शासन ने रामगंगा से जुड़े चितरी, सिमरिया और गंगा किनारे के गांव जटा में बांध बनाने को 22.18 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी है।
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किस बांध को कितनी मिली है धनराशि-
0 चितरी बांध को नौ करोड़ दो लाख
0 सिमरिया को तीन करोड़ 50 लाख
0 जटा को नौ करोड़ 66 लाख
जटा को दूसरे स्थान पर है बसाने की योजना
क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह का कहना है कि गंगा किनारे बसा गांव जटा बाढ़ के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील है। इस साल भी गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था। इस गांव को दूसरे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर बसाने की योजना है।
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बांध बनाने के लिए शासन से 22.18 करोड़ रुपये मिला है। निसंदेह यह क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है और उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
- संजय कुमार, तहसीलदार