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ठेकेदार ने स्कूलों के फर्नीचर में किया खेल, बीएसए ने जांच बैठाई
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:46 PM IST
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शासन के निर्देश पर जिले में सौ से अधिक संख्या वाले 125 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को चयनित किया गया। इन विद्यालयों में बच्चों के बैठने को फर्नीचर भेजा गया था। ठेकेदार ने फर्नीचर की क्वालिटी में खेल कर गोलमाल कर दिया। इस पर बीएसए ने फर्नीचर की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार का पूरा फोकस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने पर है। इसके लिए सरकार के नुमाइंदे भी कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार पर रोक लगने की बात कहते नहीं थकते हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में जो फर्नीचर सप्लाई किया जा रहा है, उसे देखकर भ्रष्टाचार की बू काफी आ रही है। जिस संस्था को स्कूलों को फर्नीचर देने का ठेका दिया है, उसने नमूना कुछ दिया है और फर्नीचर दूसरा भेजा जा रहा है। स्कूलों के प्रधानाध्यापक तो यहीं कह रहे हैं कि वह क्या कर सकते हैं जो माल भेजा है वह उन्होंने लिया है। उन्होंने खरीददारी नहीं की है। इधर सहसवान के बीईओ अजय कुमार ने पिछले दिनों विद्यालयों का निरीक्षण किया था। जिसमें उन्होंने पाया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय पुठीसराय में फर्नीचर बेहद घटिया किस्म पहुंचा है। जो महीने भर के भीतर ही टूटने लगा। इसी तरह कई अन्य विद्यालयों में भी फर्नीचर की क्वालिटी का हाल है। इस पर बीएसए ने फर्नीचर की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि संबंधित संस्था को किसी भी कीमत पर भुगतान नहीं किया जाएगा।
कई जगहों से फर्नीचर संबंधित शिकायतें मिली है। वहीं बीईओ ने भी फर्नीचर की गुणवत्ता के बारे में बताया है कि वो मानक के विपरीत विद्यालयों में पहुंचा। शासन के निर्देशों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। -रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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योगी सरकार का पूरा फोकस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने पर है। इसके लिए सरकार के नुमाइंदे भी कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार पर रोक लगने की बात कहते नहीं थकते हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में जो फर्नीचर सप्लाई किया जा रहा है, उसे देखकर भ्रष्टाचार की बू काफी आ रही है। जिस संस्था को स्कूलों को फर्नीचर देने का ठेका दिया है, उसने नमूना कुछ दिया है और फर्नीचर दूसरा भेजा जा रहा है। स्कूलों के प्रधानाध्यापक तो यहीं कह रहे हैं कि वह क्या कर सकते हैं जो माल भेजा है वह उन्होंने लिया है। उन्होंने खरीददारी नहीं की है। इधर सहसवान के बीईओ अजय कुमार ने पिछले दिनों विद्यालयों का निरीक्षण किया था। जिसमें उन्होंने पाया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय पुठीसराय में फर्नीचर बेहद घटिया किस्म पहुंचा है। जो महीने भर के भीतर ही टूटने लगा। इसी तरह कई अन्य विद्यालयों में भी फर्नीचर की क्वालिटी का हाल है। इस पर बीएसए ने फर्नीचर की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि संबंधित संस्था को किसी भी कीमत पर भुगतान नहीं किया जाएगा।
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कई जगहों से फर्नीचर संबंधित शिकायतें मिली है। वहीं बीईओ ने भी फर्नीचर की गुणवत्ता के बारे में बताया है कि वो मानक के विपरीत विद्यालयों में पहुंचा। शासन के निर्देशों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। -रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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