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ृगातार घट रहा गंगा और रामगंगा का जलस्तर, हो रहा कटान
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:46 PM IST
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लगातार घट रहा गंगा और रामगंगा का जलस्तर, हो रहा कटान
चारे का गहराने लगा गांवों में संकट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में कमी आने लगी है। इस वजह से इनके किनारे बसे गांवों में कटान शुरू हो गया हैं। इसमें सबसे ज्यादा कटान उसहैत के जटा और कटरा सआदतगंज गांव में है।
नरौरा, बिजनौर से शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को पानी कम छोड़ा गया। नरौरा बैराज से 1 लाख 53 हजार 510 क्यूसेक, बिजनौर से 1 लाख दो हजार 606 क्यूसेक, हरिद्वार से 53 हजार 48 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस वजह से कछला में गंगा का जलस्तर शनिवार को 163.50 गेज रिकार्ड दर्ज किया गया। उसहैत क्षेत्र के गांव जटा और कटरा सआदतगंज में बाढ़ का पानी खेत और गांव से कम होने लगा है। इस वजह से इन दोनों गांवों में कटान शुरू हो गया। हालांकि जटा गांव में 26 आवासों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इन आवासों में रहने वाले लोग पहले से ही सुरक्षित स्थान पर रहने लगे हैं। इधर सहसवान क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस वजह से जानवरों के चारे का संकट बनने लगा है।
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चारे का गहराने लगा गांवों में संकट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में कमी आने लगी है। इस वजह से इनके किनारे बसे गांवों में कटान शुरू हो गया हैं। इसमें सबसे ज्यादा कटान उसहैत के जटा और कटरा सआदतगंज गांव में है।
नरौरा, बिजनौर से शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को पानी कम छोड़ा गया। नरौरा बैराज से 1 लाख 53 हजार 510 क्यूसेक, बिजनौर से 1 लाख दो हजार 606 क्यूसेक, हरिद्वार से 53 हजार 48 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस वजह से कछला में गंगा का जलस्तर शनिवार को 163.50 गेज रिकार्ड दर्ज किया गया। उसहैत क्षेत्र के गांव जटा और कटरा सआदतगंज में बाढ़ का पानी खेत और गांव से कम होने लगा है। इस वजह से इन दोनों गांवों में कटान शुरू हो गया। हालांकि जटा गांव में 26 आवासों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इन आवासों में रहने वाले लोग पहले से ही सुरक्षित स्थान पर रहने लगे हैं। इधर सहसवान क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस वजह से जानवरों के चारे का संकट बनने लगा है।
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