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सीएमओ,सीएमएस के खिलाफ परिवाद दायर
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:03 AM IST
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बदायूं। सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी की अदालत में मुख्य चिकित्साधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल, मलेरिया अधिकारी और मलेरिया इंस्पेक्टर के खिलाफ 156 (3) सीआरपीसी के तहत परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने 19 सितंबर को थाना कोतवाली से आख्या तलब की है।
परिवाद के अनुसार थाना सिविल लाइंस के आवास विकास निवासी अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार एक सितंबर को बुखार आने पर दवा लेने जिला अस्पताल गए। डॉक्टर ने उन्हें मलेरिया आदि की जांच कराने की सलाह दी। पीड़ित अधिवक्ता ने अपने खून का सैंपल उसी दिन दे दिया था, जिसकी जांच रिपोर्ट देने के लिए चार तारीख को बुलाया गया। पीड़ित अधिवक्ता ने तबीयत ज्यादा खराब होने पर प्राइवेट पैथोलोजी में जांच कराई जिसकी रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि हुई। हालात सामान्य होने पर अधिवक्ता अपने खून की जांच की रिपोर्ट लेने जिला अस्पताल पहुंचा तो जिला अस्पताल की रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। आरोप है कि इसी तरह से गलत जांच देने की वजह से कई लोगों की बुखार में जान भी जा चुकी है और मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
परिवाद के अनुसार थाना सिविल लाइंस के आवास विकास निवासी अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार एक सितंबर को बुखार आने पर दवा लेने जिला अस्पताल गए। डॉक्टर ने उन्हें मलेरिया आदि की जांच कराने की सलाह दी। पीड़ित अधिवक्ता ने अपने खून का सैंपल उसी दिन दे दिया था, जिसकी जांच रिपोर्ट देने के लिए चार तारीख को बुलाया गया। पीड़ित अधिवक्ता ने तबीयत ज्यादा खराब होने पर प्राइवेट पैथोलोजी में जांच कराई जिसकी रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि हुई। हालात सामान्य होने पर अधिवक्ता अपने खून की जांच की रिपोर्ट लेने जिला अस्पताल पहुंचा तो जिला अस्पताल की रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। आरोप है कि इसी तरह से गलत जांच देने की वजह से कई लोगों की बुखार में जान भी जा चुकी है और मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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