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पीआईओ से जानकारी मांगने का अधिकारी हर नागरिक का: राज्य सूचना आयुक्त
Updated Thu, 08 Mar 2018 08:08 PM IST
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‘पीआईओ से जानकारी मांगने
का अधिकारी हर नागरिक का’
अधिकारियों को दी गई आरटीआई की बारीकियों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
विकास भवन सभागार में गुरुवार को मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त विजय शंकर शर्मा की अध्यक्षता में डीएम, सीडीओ सहित सभी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर श्री शर्मा ने कहा कि पीआईओ से जानकारी मांगने का अधिकारी हर नागरिक का है।
आयुक्त ने बताया कि जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर पूरे देश में जनसूचना अधिकार अधिनियम 12 अक्तूबर 2005 से लागू है। इसमें नागरिकों की सूचना के अधिकार कार्यांवित करने के लिए व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कराना है। प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकारियों के प्रमुख दायित्व हैं कि प्राप्त शिकायत को समय से निस्तारित करें। सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को ग्राम पंचायत के जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) से जानकारी मांगने का अधिकार देता है। जानकारी 30 दिन के भीतर आवेदक को देनी होती है। ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत का जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) होता है। सूचना देने में जानबूझकर और अनुचित रूप से मनाही करने पर आरटीआई के अंतर्गत दंड लगाया जा सकता है। पीआईओ पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अपीलीय अधिकारी का दायित्व है कि अपील के अनुरोध की प्राप्त की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपवाद की स्थिति में 45 दिनों के भीतर दोनों तीनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना निर्णय दें। प्रथम अपीलीय अधिकारी 30 दिन से ज्यादा समय लेता है तो उसे विलंब का कारण अवश्य लिखना होगा। इस अवसर पर सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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इससे पहले स्टेट रिसोर्स पर्सन राहुल सिंह ने प्रशिक्षण दिया।
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‘पीआईओ से जानकारी मांगने
का अधिकारी हर नागरिक का’
अधिकारियों को दी गई आरटीआई की बारीकियों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
विकास भवन सभागार में गुरुवार को मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त विजय शंकर शर्मा की अध्यक्षता में डीएम, सीडीओ सहित सभी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर श्री शर्मा ने कहा कि पीआईओ से जानकारी मांगने का अधिकारी हर नागरिक का है।
आयुक्त ने बताया कि जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर पूरे देश में जनसूचना अधिकार अधिनियम 12 अक्तूबर 2005 से लागू है। इसमें नागरिकों की सूचना के अधिकार कार्यांवित करने के लिए व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कराना है। प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
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उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकारियों के प्रमुख दायित्व हैं कि प्राप्त शिकायत को समय से निस्तारित करें। सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को ग्राम पंचायत के जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) से जानकारी मांगने का अधिकार देता है। जानकारी 30 दिन के भीतर आवेदक को देनी होती है। ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत का जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) होता है। सूचना देने में जानबूझकर और अनुचित रूप से मनाही करने पर आरटीआई के अंतर्गत दंड लगाया जा सकता है। पीआईओ पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अपीलीय अधिकारी का दायित्व है कि अपील के अनुरोध की प्राप्त की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपवाद की स्थिति में 45 दिनों के भीतर दोनों तीनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना निर्णय दें। प्रथम अपीलीय अधिकारी 30 दिन से ज्यादा समय लेता है तो उसे विलंब का कारण अवश्य लिखना होगा। इस अवसर पर सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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इससे पहले स्टेट रिसोर्स पर्सन राहुल सिंह ने प्रशिक्षण दिया।