{"_id":"5a48f6944f1c1b1f168b635e","slug":"31514731156-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदायूं की पीआरवी ने सफलता के झंडे गाड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदायूं की पीआरवी ने सफलता के झंडे गाड़े
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
up 100
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। शहर में अतिक्रमण से तंग हुए रास्तों के बावजूद बदायूं की यूपी 100 गाड़ियां बेस्ट टाइमिंग और शानदार परफार्मेंस दे रही हैं। इसी महीने बदायूं को प्रदेश में पीआरवी ऑफ द डे में दो बार दूसरा स्थान मिला है।
25 दिसंबर को रोटा बस स्टैंड के पास ट्रक ने टमाटर भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस घटना में एक किशोर की मौत हो गई थी, वहीं कई लोग घायल हुए थे। चूंकि घटना में मृतक और घायल इसी गांव के निवासी थे, इसलिए यहां भीड़ लग गई और कई लोग एमएफ हाईवे पर जाम करने की तैयारी करने लगे। सूचना पर तत्काल पहुंची पीआरवी संख्या 1309 ने नाराज भीड़ को समझाकर शांत कराया और घायलों को अस्पताल ले आई। इस काम के लिए उसे प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।
इससे एक दिन पहले पीआरवी नंबर 1300 को एक महिला से सूचना मिली कि सखानू के पास उसकी कार खाई में चली गई है। वह अपने ससुर और बच्चे के साथ जा रही थी कि कोहरे की वजह से यह हादसा हो गया। पीआरवी स्टाफ ने घायलों को तत्काल गाड़ी से निकाला और बदायूं के एक होटल में पहुंचाया। गाड़ी को भी तत्काल खाई से निकाला गया। इस मामले में भी प्रदेश में सेकेंड पोजीशन रही।
विज्ञापन
--
अक्सर अव्वल रहता है रेस्पांस टाइम
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने के लिए पीआरबी की टाइमिंग निर्धारित है। शहर में यह पंद्रह मिनट तो देहात में अधिकतम बीस मिनट है। इस लिहाज से बरेली जोन के जिलों में अक्सर बदायूं पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। बदायूं की पीआरवी का 13 से लेकर 14 मिनट तक औसत रेस्पांस टाइम रहता है। यूपी 100 के स्थानीय इकाई प्रभारी केके चौधरी बताते हैं कि कभी बदायूं तो कभी रामपुर जिला जोन में अव्वल रेस्पांस टाइम लेता है। अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करके परखते रहते हैं कि स्टाफ कहीं लापरवाही तो नहीं कर रहा। लापरवाहों पर कार्रवाई भी की जाती है।
विज्ञापन
25 दिसंबर को रोटा बस स्टैंड के पास ट्रक ने टमाटर भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस घटना में एक किशोर की मौत हो गई थी, वहीं कई लोग घायल हुए थे। चूंकि घटना में मृतक और घायल इसी गांव के निवासी थे, इसलिए यहां भीड़ लग गई और कई लोग एमएफ हाईवे पर जाम करने की तैयारी करने लगे। सूचना पर तत्काल पहुंची पीआरवी संख्या 1309 ने नाराज भीड़ को समझाकर शांत कराया और घायलों को अस्पताल ले आई। इस काम के लिए उसे प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।
विज्ञापन
इससे एक दिन पहले पीआरवी नंबर 1300 को एक महिला से सूचना मिली कि सखानू के पास उसकी कार खाई में चली गई है। वह अपने ससुर और बच्चे के साथ जा रही थी कि कोहरे की वजह से यह हादसा हो गया। पीआरवी स्टाफ ने घायलों को तत्काल गाड़ी से निकाला और बदायूं के एक होटल में पहुंचाया। गाड़ी को भी तत्काल खाई से निकाला गया। इस मामले में भी प्रदेश में सेकेंड पोजीशन रही।
विज्ञापन
--
अक्सर अव्वल रहता है रेस्पांस टाइम
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने के लिए पीआरबी की टाइमिंग निर्धारित है। शहर में यह पंद्रह मिनट तो देहात में अधिकतम बीस मिनट है। इस लिहाज से बरेली जोन के जिलों में अक्सर बदायूं पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। बदायूं की पीआरवी का 13 से लेकर 14 मिनट तक औसत रेस्पांस टाइम रहता है। यूपी 100 के स्थानीय इकाई प्रभारी केके चौधरी बताते हैं कि कभी बदायूं तो कभी रामपुर जिला जोन में अव्वल रेस्पांस टाइम लेता है। अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करके परखते रहते हैं कि स्टाफ कहीं लापरवाही तो नहीं कर रहा। लापरवाहों पर कार्रवाई भी की जाती है।