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कांवड़ यात्रा में भोले-गौरा के भजनों पर थिरके शिवभक्त
Updated Sat, 29 Jul 2017 06:10 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
शुक्रवार को पूरे दिन बरेली-मथुरा हाईवे शिवभक्ति के भजनों से सराबोर रहा। कछला गंगाघाट पर आस्था के समागम में कांवड़ियों में गजब का उत्साह नजर आया। बम-बम भोले और भारत माता के जयकारे लगाते हुए कांवड़ियों की टोलियों के निकलने का सिलसिला देर रात तक बरकरार रहा। कलाकारों ने भोले और गौरा के भजनों पर मनमोहक नृत्य किया। भजनों पर कलाकारों के साथ थिरकते शिवभक्तों ने बाजार में भी धूम मचा दी।
कछला गंगाघाट पर जल भरने का दौर शनिवार तड़के से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। हजारों की संख्या में घाट पर पहुंचीं कांवड़ियों की टोलियों में शामिल शिवभक्तों ने कांवड़ पूजन करते समय भक्तिभाव भी प्रदर्शित किया। उन्होंने कांवड़ की आरती की। आरती के बाद जो भी टोली कांवड़ उठाकर चलती, उसी दौरान बम-बम भोले गूंजने लगता। कांवड़ भरने के लिए घाट पर पहुंचने वाले शिवभक्तों में कासगंज और एटा के युवकों की संख्या भी काफी रही। महिलाओं ने भी गंगा स्नान कर सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। गंगाघाट से कांवड़ लेकर निकले शिवभक्तों की टोलियों का कछला से लेकर बदायूं तक रेला नजर आया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, मैजिक और मेटाडोर पर लगे साउंड सिस्टम से गूंजते शिव के भजनों पर कलाकारों ने मनमोहक प्रदर्शन किया। दिन में जो भी टोलियां शिवालय की ओर चलीं उनमें अधिकतर टोलियों के साथ कलाकारों की मौजूदगी रही। कलाकारों के साथ शिवभक्त खुद भी झूमने से रोक नहीं पाए। भोले की भक्ति में लीन सेवादारों ने रास्ते में भंडारों का आयोजन कर शिवभक्तों को प्रसाद ग्रहण कराया। छतुइया मंदिर के पास भंडारे में पूड़ी-सब्जी और हलुवा बांटा गया।
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शुक्रवार को पूरे दिन बरेली-मथुरा हाईवे शिवभक्ति के भजनों से सराबोर रहा। कछला गंगाघाट पर आस्था के समागम में कांवड़ियों में गजब का उत्साह नजर आया। बम-बम भोले और भारत माता के जयकारे लगाते हुए कांवड़ियों की टोलियों के निकलने का सिलसिला देर रात तक बरकरार रहा। कलाकारों ने भोले और गौरा के भजनों पर मनमोहक नृत्य किया। भजनों पर कलाकारों के साथ थिरकते शिवभक्तों ने बाजार में भी धूम मचा दी।
कछला गंगाघाट पर जल भरने का दौर शनिवार तड़के से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। हजारों की संख्या में घाट पर पहुंचीं कांवड़ियों की टोलियों में शामिल शिवभक्तों ने कांवड़ पूजन करते समय भक्तिभाव भी प्रदर्शित किया। उन्होंने कांवड़ की आरती की। आरती के बाद जो भी टोली कांवड़ उठाकर चलती, उसी दौरान बम-बम भोले गूंजने लगता। कांवड़ भरने के लिए घाट पर पहुंचने वाले शिवभक्तों में कासगंज और एटा के युवकों की संख्या भी काफी रही। महिलाओं ने भी गंगा स्नान कर सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। गंगाघाट से कांवड़ लेकर निकले शिवभक्तों की टोलियों का कछला से लेकर बदायूं तक रेला नजर आया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, मैजिक और मेटाडोर पर लगे साउंड सिस्टम से गूंजते शिव के भजनों पर कलाकारों ने मनमोहक प्रदर्शन किया। दिन में जो भी टोलियां शिवालय की ओर चलीं उनमें अधिकतर टोलियों के साथ कलाकारों की मौजूदगी रही। कलाकारों के साथ शिवभक्त खुद भी झूमने से रोक नहीं पाए। भोले की भक्ति में लीन सेवादारों ने रास्ते में भंडारों का आयोजन कर शिवभक्तों को प्रसाद ग्रहण कराया। छतुइया मंदिर के पास भंडारे में पूड़ी-सब्जी और हलुवा बांटा गया।
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