फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   भोले के श्रंगार को सजेगा बाजार, दुकान लगाने को उठापटक शुरू

भोले के श्रंगार को सजेगा बाजार, दुकान लगाने को उठापटक शुरू

Sun, 18 Jun 2017 06:59 PM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 06:59 PM IST
विज्ञापन
भोले के श्रंगार को सजेगा बाजार, दुकान लगाने को उठापटक शुरू
उझानी (बदायूं)।
विज्ञापन

मंडी समिति गेट के आसपास इलाके में सावन महीना में भोले के श्रृंगार के सामान की दुकानों को लेकर अभी से उठापटक शुरू हो गई है। पिछले सात-आठ साल से जिस जगह बाजार गुलजार होता रहा, वह स्थान पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन कुछ लोग अपने बलबूते दुकानें आवंटित करते रहे। ऐसे लोगों ने आर्थिक फायदा भी उठाया। पीडब्ल्यूडी की हद में बाजार सजाने के लिए दुकानदारों को क्या फिर से अवैध शुल्क देना पड़ेगा या नहीं, इसे लेकर पसोपेश बना हुआ है।
बरेली-मथुरा हाईवे पर भोले के श्रृंगार की कोई दो-चार नहीं बल्कि दर्जनों की संख्या में दुकानें लगती रही हैं। बदायूं से चलकर कछला तक सेंटर प्वाइंट कहे जाने वाले मंडी समिति के आसपास के इलाके में हर साल ही लगने वाली दुकानों की असलियत पर गौर करें तो कोई व्यक्ति या फिर किसी भी विभाग की ओर से दुकानें आवंटित नहीं की जा सकतीं। वजह साफ है कि अस्थायी दुकानों को पीडब्ल्यूडी की खाली पड़ी जमीन पर लगाया जाता है। इस बार किस की दुकान कहां लगेगी, पसोपेश के बीच चार दिन पहले कई दावेदार मंडी परिसर में जुटे। मनमाफिक जगह का चयन करने के लिए उन्होंने बोली भी लगाई। बोली की रकम कौन रखेगा या फिर किसी संस्था के खाते में जमा होगी, यह भी साफ नहीं हो पाया। दुकानों को लेकर चल रही उठापटक के बीच जानकारों की मानें तो फिलहाल कोई भी खुद को जवाबदेह बनाने में दिलचस्पी नहीं रखता। मामला संज्ञान में आते ही मंडी सचिव क्षेत्रपाल सिंह ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने गेंद एसडीएम सदर को अवगत कराके गेंद भी उन्हें के पाले में फेंक दी है।
विज्ञापन

इंसेट
कछला तिराहे पर सजती हैं दुकानें
उझानी। मंडी समिति गेट ही नहीं बल्कि यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर कछला तिराहे पर भी शिवभक्तों के लिए दुकानें लगती हैं। तिराहे पर दुकानों को न तो नगर पंचायत प्रशासन उठाता है और न ही जिला पंचायत की ओर से आवंटित की जाती हैं। बताते हैं कि कछला तिराहे पर भी कमोवेश मंडी गेट जैसा होता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में है। सड़क किनारे की खाली जमीन पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में है। दुकानें लगेंगी या नहीं, यह पीडब्ल्यूडी के अफसर ही जानें लेकिन मैंने मंडी सभापति होने के नाते एसडीएम सदर को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है।
- क्षेत्रपाल सिंह, मंडी सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed