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‘कथा सुनने से परिवार में रहती है सुख समृद्धि’
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बदायूं। उझानी के गांव बसियानी में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक बाबा रामगिरि महाराज ने कहा कि कथा सुनने से परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान महाराज ने सीता स्वयंवर कथा का व्याख्यान किया।
महाराज ने कहा कि जिस घर में भागवत की कथा होती है। वहां सदैव सुख, शांति बनी रहती है और विपत्तियां स्वत: ही दूर हो जाती हैं। कहा कि हमारी संस्कृति पूरे विश्व में श्रेष्ठ है। इसके बावजूद हम पश्चिमी सभ्यता को अपना रहे हैं। यही वजह है कि देश से भाईचारा और शिष्टाचार समाप्त होता जा रहा है। बेटा बाप का, पत्नी पति का, सास-बहू के बीच आपसी असमंजस और प्रेम के वह पुराने रिश्ते नहीं रह गए है, बल्कि आज स्वार्थ वश भाई-भाई का दुश्मन बना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को उसके कर्मों का फल यहीं भोगना होता है। जिस घर में प्रेम, शांति और शिष्टाचार होता है। वही स्वर्ग का उदाहरण है। इस मौके पर बाबा सत्यगिरी, अजयवीर, सुरजीत, एलिकार, अशोक, ऋषिपाल विपिन आदि मौजूद।
वजीरगंज। क्षेत्र के गांव पिपरिया के शिव मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। पांचवें दिन कथा वाचक अशोक दीक्षित ने कहा कि हर मनुष्य के जीवन में भगवान का नाम लेना आवश्यक है। चाहे आस्था जिस भगवान में हो, उन्हें स्मरण करना चाहिए। कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजक समिति की ओर से कराया जा रहा है। इस मौके पर दिनेश चंद्र शर्मा, प्रेम राज, सूरज पाल, हिमांचल सिंह, लल्ला बाबू, जगदीश सिंह, कैलाश गिरी, ओम प्रकाश, डोरीलाल मौजूद रहे।
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महाराज ने कहा कि जिस घर में भागवत की कथा होती है। वहां सदैव सुख, शांति बनी रहती है और विपत्तियां स्वत: ही दूर हो जाती हैं। कहा कि हमारी संस्कृति पूरे विश्व में श्रेष्ठ है। इसके बावजूद हम पश्चिमी सभ्यता को अपना रहे हैं। यही वजह है कि देश से भाईचारा और शिष्टाचार समाप्त होता जा रहा है। बेटा बाप का, पत्नी पति का, सास-बहू के बीच आपसी असमंजस और प्रेम के वह पुराने रिश्ते नहीं रह गए है, बल्कि आज स्वार्थ वश भाई-भाई का दुश्मन बना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को उसके कर्मों का फल यहीं भोगना होता है। जिस घर में प्रेम, शांति और शिष्टाचार होता है। वही स्वर्ग का उदाहरण है। इस मौके पर बाबा सत्यगिरी, अजयवीर, सुरजीत, एलिकार, अशोक, ऋषिपाल विपिन आदि मौजूद।
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वजीरगंज। क्षेत्र के गांव पिपरिया के शिव मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। पांचवें दिन कथा वाचक अशोक दीक्षित ने कहा कि हर मनुष्य के जीवन में भगवान का नाम लेना आवश्यक है। चाहे आस्था जिस भगवान में हो, उन्हें स्मरण करना चाहिए। कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजक समिति की ओर से कराया जा रहा है। इस मौके पर दिनेश चंद्र शर्मा, प्रेम राज, सूरज पाल, हिमांचल सिंह, लल्ला बाबू, जगदीश सिंह, कैलाश गिरी, ओम प्रकाश, डोरीलाल मौजूद रहे।
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