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पोषण पुर्नवास केंद्र में गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:01 AM IST
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योगी सरकार कुपोषण से ग्रस्त बच्चों की हालत सुधारने को चिंताग्रस्त है। तो वहीं जिला अस्पताल के पोषण पुर्नवास केंद्र में सफाई नहीं होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यहां चार दिन से पोंछा तो क्या झाड़ू तक नहीं लगी है। जिससे पुर्नवास केंद्र का फर्श बहुत ही गंदा हो गया है। जगह-जगह मिट्टी चिपक गई है।
जिला अस्पताल में स्थित पुनर्वास केंद्र में इस समय 10 बच्चे भर्ती हैं। यह सभी बच्चे कुपोषण से ग्रस्त हैं और उनका वजन भी काफी कम है। इन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ्य करने के लिए पुनर्वास केंद्र में भर्ती रखा जाता है। इनके साथ रहने वाली तीमारदार मां को प्रतिदिन के हिसाब 50 रुपये भी दिए जाते हैं और रूटीन चेकअप के दौरान सौ रुपये मिलते हैं। साथ ही पुनर्वास केंद्रों पर साफ-सफाई का विशेषतौर पर ध्यान रखा जाता है, जिससे संक्रमण नहीं फैले और बच्चे जल्दी स्वस्थ्य हों। परंतु इस समय जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र की हालत बहुत ही खराब है। चार दिन से पोंछा तो क्या यहां झाड़ू तक नहीं लगी है। इससे नीचे का फर्श बहुत गंदा हो गया। जगह-जगह मिट्टी भी लग गई है। जबकि नन्हे-मुन्ने कुपोषित बच्चों का यहीं इलाज होता है और यह बच्चे यहीं फर्श पर खेलते रहते हैं। स्थिति यह है कि बच्चों को फर्श पर छोड़ दिया जाए, तो वह स्वयं काफी गंदे हो जाएंगे। इससे मजबूर मां बच्चे को 24 घंटे बेड पर बैठाए रखने को मजबूर है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन से पुनर्वास केंद्र में सफाई कराने की जरूरत नहीं समझी है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है, बल्कि बच्चों के जल्द स्वस्थ्य होने की उम्मीद भी खत्म हो गई है।
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जिला अस्पताल में स्थित पुनर्वास केंद्र में इस समय 10 बच्चे भर्ती हैं। यह सभी बच्चे कुपोषण से ग्रस्त हैं और उनका वजन भी काफी कम है। इन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ्य करने के लिए पुनर्वास केंद्र में भर्ती रखा जाता है। इनके साथ रहने वाली तीमारदार मां को प्रतिदिन के हिसाब 50 रुपये भी दिए जाते हैं और रूटीन चेकअप के दौरान सौ रुपये मिलते हैं। साथ ही पुनर्वास केंद्रों पर साफ-सफाई का विशेषतौर पर ध्यान रखा जाता है, जिससे संक्रमण नहीं फैले और बच्चे जल्दी स्वस्थ्य हों। परंतु इस समय जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र की हालत बहुत ही खराब है। चार दिन से पोंछा तो क्या यहां झाड़ू तक नहीं लगी है। इससे नीचे का फर्श बहुत गंदा हो गया। जगह-जगह मिट्टी भी लग गई है। जबकि नन्हे-मुन्ने कुपोषित बच्चों का यहीं इलाज होता है और यह बच्चे यहीं फर्श पर खेलते रहते हैं। स्थिति यह है कि बच्चों को फर्श पर छोड़ दिया जाए, तो वह स्वयं काफी गंदे हो जाएंगे। इससे मजबूर मां बच्चे को 24 घंटे बेड पर बैठाए रखने को मजबूर है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन से पुनर्वास केंद्र में सफाई कराने की जरूरत नहीं समझी है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है, बल्कि बच्चों के जल्द स्वस्थ्य होने की उम्मीद भी खत्म हो गई है।
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